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उजाला (UJALA) और SLNP योजना के पाँच वर्ष

  • 06 Jan 2020
  • 9 min read

प्रीलिम्स के लिये:

उजाला योजना, SLNP योजना

मेन्स के लिये:

केंद्र प्रायोजित योजनाएं, नवीकरणीय ऊर्जा

चर्चा में क्यों?

भारत के प्रधानमंत्री द्वारा 5 जनवरी, 2015 को शुरू की गई उजाला (UJALA) और SLNP योजनाओं ने हाल ही में अपने पाँच वर्ष पूरे किये।

मुख्य बिंदु:

उजाला (Unnat Jyoti by Affordable LEDs for All-UJALA) और राष्ट्रीय सड़क प्रकाश कार्यक्रम (Street Lighting National Programme-SLNP) सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजनाएँ हैं।

राष्ट्रीय सड़क प्रकाश कार्यक्रम

(Street Lighting National Programme-SLNP)

राष्ट्रीय सड़क प्रकाश कार्यक्रम (SLNP): SLNP देश में ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिये सरकार द्वारा चलाई गई एक योजना है। इसकी शुरुआत 5 जनवरी, 2015 को की गई थी तथा इसके तहत सरकार का लक्ष्य देश में 3.5 करोड़ पारंपरिक स्ट्रीट लाइटों को ऊर्जा कुशल LED लाइट्स से बदलना है।

  • SLNP विश्व की स्ट्रीट लाइट बदलने की सबसे बड़ी परियोजना है, इस योजना के अंतर्गत पूरे भारत में अब तक 1.03 करोड़ रूपए की लागत से स्मार्ट LED स्ट्रीट लाइट लगाई गई है।
  • इस योजना के परिणामस्वरूप प्रतिवर्ष 6.97 बिलियन किलोवाट उर्जा की बचत के साथ ही पीक डिमांड (Peak Demand) में 1,161 मेगावाट की कमी करने में सफलता प्राप्त हुई है। (पीक डिमांड: विशेष समयावधि में जब विद्युत माँग औसत से अधिक होती है।)
  • इसके साथ ही इस योजना के माध्यम से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में प्रतिवर्ष अनुमानित 4.80 मिलियन टन कार्बनडाइ ऑक्साइड (CO2) की कमी करने में सफलता मिली है।
  • देश के विभिन्न राज्यों में इस योजना के अंतर्गत स्ट्रीट लाइटें लगाने में भारत सरकार की मेक इन इंडिया (Make in India) पहल के माध्यम से लगभग 13,000 लोगों को रोज़गार प्रदान किया गया।

SLNP योजना के अन्य योगदान:

  • SLNP योजना के माध्यम से लोगों की दैनिक उत्पादकता को बढ़ाते हुए सड़कों को और सुरक्षित बनाया गया है।
  • इस योजना के अंतर्गत लगी LED स्ट्रीट लाइट के स्वचालित होने के कारण ऊर्जा अपव्यय पर रोक लगाने में सफलता प्राप्त हुई है।
  • तथा साथ ही जिन राज्यों में इस योजना के अंतर्गत सड़कों पर LED लाइटें लगाई गई हैं वहाँ लाइट जलने के समय में 95% की वृद्धि होने के साथ विद्युत खर्च में 50% तक की कमी हुई है।
  • पिछले पाँच वर्षों में देश की 3,00,000 किमी. सड़कों पर LED लाइट द्वारा सुरक्षा के साथ-साथ ऊर्जा की बचत को सुनिश्चित किया गया है।

उजाला योजना :

उजाला योजना: उजाला योजना (Unnat Jeevan by Affordable LED and Appliances for All -UJALA) की शुरुआत वर्ष 2015 में ‘राष्ट्रीय एल.ई.डी. कार्यक्रम’ (National LED Programme) के रूप में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य कम लागत पर LED बल्ब उपलब्ध कराकर ऊर्जा बचत और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करना है।

  • उजाला योजना राष्ट्रीय स्तर पर विद्युतीकरण के उद्देश्य से चलाई गई विश्व की सबसे बड़ी घरेलू योजना है।
  • इस योजना के क्रियान्वन में ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (Energy Efficiency Services Limited-EESL) के सहयोग से पूर्णरूप से स्वदेशी (घरेलू) तकनीकी का प्रयोग किया गया।
  • उजाला योजना के माध्यम से पूरे देश में बहुत ही कम कीमत पर 36.13 करोड़ से अधिक LED बल्ब वितरित किये गए।
  • इस योजना के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 46.92 बिलियन किलोवाट ऊर्जा की बचत के साथ ही पीक डिमांड (Peak Demand) में 9,394 मेगावाट की कमी करने में सफलता प्राप्त हुई है।
  • उजाला योजना के माध्यम से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में प्रतिवर्ष अनुमानित 38 मिलियन टन कार्बनडाइ ऑक्साइड(CO2) की कमी की जा सकी है।

उजाला योजना के अन्य योगदान:

  • इस योजना के माध्यम से ऊर्जा बचत के क्षेत्र में कई दूरगामी परिवर्तन करने में सफलता प्राप्त हुई है, इस योजना के परिणामस्वरूप LED बल्ब की कीमतों में भारी कमी की गई, जो की वर्ष 2015 के 310 रूपए (प्रति बल्ब) से घट कर वर्ष 2018 में 38 रुपए हो गई।
  • परिवारों को अधिक ऊर्जा वाले पारंपरिक बल्बों के स्थान पर कम ऊर्जा पर चलने वाले LED बल्ब का इस्तेमाल करने के लिये प्रेरित कर उनकी ऊर्जा खपत में कमी लाने में सफलता मिली है।
  • इस योजना के फलस्वरूप वर्ष 2014 से 2015 के बीच LED बल्बों की बिक्री 0.1% से बढ़कर 15% तक पहुँच गई, जिसे वर्ष 2020 तक 60% करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • इस योजना को वर्ष 2018 में शुरू किये गए ग्राम स्वराज अभियान (GSA) से जोड़कर देश के 21,058 गाँवों के गरीब परिवारों को विशेष मूल्य पर LED बल्ब उपलब्ध कराए गए।

वैश्विक पहचान :

भारत सरकार की ऊर्जा बचत की इन दूरदर्शी योजनाओं की विश्व के विभिन्न समूहों और संस्थाओं ने सराहना की तथा इन योजनाओं को कई वैश्विक मंचों पर पुरस्कृत भी किया गया जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:

  • South Asia Procurement Innovation Award (SAPIA) 2017
  • 2019 CIO 100 Award: SLNP में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के अभिनव प्रयोग और योजना के सफल व्यावसायिक परिणामों के लिये।
  • Global Solid State Lighting (SSL): LED क्षेत्र में दोनों योजनाओं के परिवर्तनकारी योगदान के लिये। .

आगे की राह:

ग्राम पंचायतों का ग्रामीण भारत के रोज़मर्रा के जीवन पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है, अतः ग्रामीण भारत के समावेशी विकास और सहभागी शासन के माध्यम से लोकतंत्र को मज़बूत करने में ग्राम पंचायतों की भूमिका महत्त्वपूर्ण है।

  • वर्तमान में देश भर की ग्राम सभाओं के अंतर्गत कुल स्ट्रीट लाइटों की संख्या लगभग 3.08 करोड़ है तथा 3.08 करोड़ पारंपरिक लाइटों को LED से बदलकर अनुमानतः 3420 मिलियन किलोवाट ऊर्जा की बचत और लगभग 29 लाख टन CO2 उत्सर्जन को कम किया जा सकता है।
  • वर्तमान में SLNP के तहत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा और अंडमान एवं निकोबार द्वीप की ग्राम पंचायतों में लगभग 23 लाख पारंपरिक स्ट्रीट लाइट को LED से बदला जा चुका है।
  • SLNP के तहत मार्च 2020 तक 1.34 करोड़ पारंपरिक स्ट्रीट लाइट को LED से बदलने की योजना है, इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना के परिणामस्वरूप उच्च विद्युत मांग (Peak Demand) में 1500 मेगावाट की कमी, 9 बिलियन किलोवाट ऊर्जा की बचत और CO2 उत्सर्जन में लगभग 6.2 मिलियन टन की कटौती का अनुमान है।
  • EESL के अनुसार, वर्ष 2024 तक इस योजना में लगभग 8000 करोड़ रूपये का निवेश कर ग्रामीण भारत में इस योजना के तहत 30 मिलियन पारंपरिक बल्बों को LED से बदलने की योजना है।

स्रोत: PIB

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