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प्रिलिम्स फैक्ट्स

  • 30 Jun, 2022
  • 11 min read
विविध

रिम ऑफ द पैसिफिक (RIMPAC) एक्सरसाइज़ 2022

RIMPAC-22 एक्सरसाइज़ 29 जून से 4 अगस्त तक हवाई द्वीप और दक्षिणी कैलिफोर्निया में तथा उसके पास के क्षेत्रों में आयोजित किया जाएगा।

  • बहुआयामी अभ्यास के वर्तमान संस्करण में 27 देश भाग ले रहे हैं।

RIMPAC-22:

  • परिचय:
    • बहुआयामी अभ्यास के वर्तमान संस्करण में 27 देश भाग ले रहे हैं।
    • इसका उद्देश्य मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच अंतर्संचालनीयता और विश्वास को कायम करना है।
  • वर्ष 2022 के लिये थीम:
    • RIMPAC 2022 की थीम- 'सक्षम, अनुकूलन, भागीदार' (Capable, Adaptive, Partners) है।
  • भारत की भागीदारी:
    • वर्ष 2014 में भारत ने पहली बार RIMPAC में भाग लिया जब स्वदेश निर्मित शिवालिक श्रेणी के स्टील्थ फ्रिगेट INS सह्याद्री ने अभ्यास में भाग लिया था।
    • आईएनएस सह्याद्री ने पुनः वर्ष 2018 के संस्करण में देश का प्रतिनिधित्व किया।
    • आईएनएस सह्याद्री ने फिर से आयोजन के 2018 संस्करण में देश का प्रतिनिधित्व किया।
    • इसी बीच 2016 में INS सतपुड़ा समुद्री अभ्यास में शामिल हुआ। 2014 से पहले वारगेम्स में भारतीय नौसेना की उपस्थिति केवल 2006, 2010 और 2012 के संस्करणों के लिये एक पर्यवेक्षक के रूप में थी।
    • वर्तमान संस्करण में भारतीय नौसेना का INS सतपुड़ा और एक P8I समुद्री गश्ती विमान अभ्यास में भाग ले रहे हैं।

P8I समुद्री गश्ती पोत:

  • P-8I भारतीय नौसेना के लिये बोइंग द्वारा निर्मित एक लंबी दूरी की बहु-मिशन समुद्री गश्ती पोत है।
  • इसे भारत के समुद्र तट और क्षेत्रीय जल की रक्षा हेतु डिज़ाइन किया गया था। यह पनडुब्बी-रोधी युद्ध (ASW), सतह-रोधी युद्ध (AsuW), खुफिया, समुद्री गश्ती और निगरानी व सैनिक परीक्षण का संचालन कर सकता है।

आईएनएस सतपुड़ा:

  • आईएनएस सतपुड़ा एक स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित 6000 टन निर्देशित मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट है जो हवा, सतह और पानी के नीचे विरोधी को तलाशने और नष्ट करने में सक्षम है।
  • विशाखापत्तनम में स्थित पूर्वी बेड़े की एक फ्रंटलाइन इकाई, आईएनएस सतपुड़ा वर्तमान में भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में विस्तारित परिचालन तैनाती पर है।

स्रोत:पी.आई.बी.


विविध

Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 30 जून, 2022

अंतर्राष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस

क्षुद्रग्रहों, उनके कारण उत्पन्न संभावित खतरों और उनके अध्ययन से ज्ञात वैज्ञानिक रहस्यों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिये प्रतिवर्ष 30 जून को संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त अभियान के रूप में ‘अंतर्राष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस’ का आयोजन किया जाता है। साथ ही यह दिवस आम जनमानस को क्षुद्रग्रहों के बारे में जानने के लिये प्रेरित करता है। इस वर्ष का ‘अंतर्राष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस’ साइबेरिया में तुंगुस्का नदी के पास हुई सबसे बड़ी ‘क्षुद्रग्रह घटना’ की 113वीं वर्षगाँठ का प्रतीक है। दिसंबर 2016 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने प्रतिवर्ष 30 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस’ के रूप में आयोजित करने के लिये एक प्रस्ताव को अपनाया था, जिसका उद्देश्य साइबेरिया में हुई ‘तुंगुस्का घटना’ को प्रतिवर्ष याद करना था। विदित हो कि क्षुद्रग्रह सूर्य की परिक्रमा करने वाले छोटे चट्टानी पदार्थ होते हैं। क्षुद्रग्रह द्वारा सूर्य की परिक्रमा ग्रहों के समान ही की जाती है लेकिन इनका आकार ग्रहों की तुलना में बहुत छोटा होता है। इन्हें लघु ग्रह भी कहा जाता है। नासा के अनुसार, ज्ञात क्षुद्रग्रहों की संख्या तकरीबन 10,97,106 है, जिनका निर्माण 4.6 अरब वर्ष पूर्व सौरमंडल के निर्माण के समय हुआ था।

राष्ट्रमंडल राजनयिक अकादमी कार्यक्रम

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और यूके के उनके समकक्ष लिज़ ट्रस ने संयुक्त “भारत-यूके राष्ट्रमंडल राजनयिक अकादमी कार्यक्रम” शुरू करने की योजना की घोषणा की है। इस योजना की घोषणा रवांडा में उनकी बैठक के बाद की गई थी। भारत-यूके राष्ट्रमंडल राजनयिक अकादमी कार्यक्रम दोनों देशों के युवा और महत्त्वाकांक्षी राजनयिकों को प्रशिक्षित करने के लिये शुरू किया जाएगा। नए राष्ट्रमंडल राजनयिक अकादमी कार्यक्रम की घोषणा इसलिये की गई क्योंकि भू-राजनीतिक दुनिया में देशों को लोकतंत्र और संप्रभुता के राष्ट्रमंडल मूल्यों को तेज़ी से सशक्त बनाने की ज़रूरत है। नया राष्ट्रमंडल राजनयिक अकादमी कार्यक्रम युवा राजनयिकों को विशेषज्ञता और प्रशिक्षण से लैस करेगा जिसकी उन्हें वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिये आवश्यकता है। हाल ही में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किगाली में राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (Commonwealth Heads of Government Meeting– CHOGM) में हिस्सा लिया। इस बैठक के दौरान उन्होंने “मज़बूत और पुनर्जीवित राष्ट्रमंडल परिवार” के महत्त्व को उजागर करने तथा सभी सदस्यों को लाभ पहुँचाने के लिये एक संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने नई दिल्ली में भारत-यूके राष्ट्रमंडल राजनयिक अकादमी कार्यक्रम की मेज़बानी करने की घोषणा की।

नितिन गुप्ता

हाल ही में कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के नए अध्यक्ष के रूप में IRS अधिकारी नितिन गुप्ता की नियुक्ति को मंज़ूरी दे दी है। वह वर्ष 1986 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी हैं। वह इनकम टैक्स कैडर से संबंधित है तथा अगले वर्ष सितंबर में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। वर्तमान में बोर्ड में पांँच सदस्य हैं। 1985-बैच की आईआरएस अधिकारी अनुजा सारंगी सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं। अन्य सदस्यों में सुबाश्री अनंतकृष्णन और प्रज्ञा सहाय सक्सेना शामिल हैं। दोनों ही वर्ष 1987 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं। वर्ष 1963 में केंद्रीय राजस्व बोर्ड अधिनियम, 1963 (Central Board of Revenue Act, 1963) के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन दो संस्थाओं- केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Taxation) और केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड (Central Board of Excise and Customs) का गठन किया गया था। इनमें से CBDT प्रत्यक्ष करों से संबंधित नीतियों तथा योजनाओं के संबंध में महत्त्वपूर्ण इनपुट प्रदान करने के साथ-साथ आयकर विभाग की सहायता से प्रत्यक्ष करों से संबंधित कानूनों को प्रशासित करता है।

‘वन हेल्थ’ पायलट प्रोजेक्ट

हाल ही में डेयरी और पशुपालन मंत्रालय द्वारा बंगलूरू में ‘वन हेल्थ’ पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया। “वन हेल्थ पायलट प्रोजेक्ट” को भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के कार्यान्वयन भागीदारों के रूप में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा शुरू किया गया। वन हेल्थ पायलट प्रोजेक्ट भविष्य में कोविड-19 महामारी जैसी जूनोटिक बीमारी के प्रकोप को रोकने के लिये समाधान प्रस्तुत करने हेतु मानव, पशु तथा पर्यावरण स्वास्थ्य के हितधारकों को एक मंच पर लाएगा। इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता से केंद्र को राष्ट्रीय ‘वन हेल्थ’ रोडमैप विकसित करने में मदद मिलेगी। रोडमैप बेहतर प्रतिक्रिया तंत्र और प्रबंधन से लैस होगा जिसमें दुनिया की सर्वोत्तम प्रथाओं को भी शामिल किया जाएगा। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन एक अमेरिकी निजी फाउंडेशन है, जिसे वर्ष 2000 में बिल गेट्स और मेलिंडा फ्रेंच गेट्स द्वारा लॉन्च किया गया था। यह सिएटल, वाशिंगटन में स्थित है। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) सलाहकार और परामर्श संबंधी प्रक्रियाओं के माध्यम से भारत के विकास, उद्योग, सरकार व नागरिक समाज के बीच साझेदारी के लिये अनुकूल वातावरण बनाने का काम करता है।


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