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  • 19 Nov, 2021
  • 6 min read
विविध

Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 19 नवंबर, 2021

गुरू नानक जयंती

19 नवंबर, 2021 को गुरु नानक देव जी की 552वीं जयंती मनाई गई। गुरु नानक देव जी का जन्म वर्ष 1469 में कार्तिक महीने में पूर्णिमा के दिन ननकाना साहिब (वर्तमान में पाकिस्तान में स्थित है) में हुआ था। गुरु नानक देव 10 सिख गुरुओं में से पहले और सिख धर्म के संस्थापक थे। गुरु नानक देव जी एक दार्शनिक, समाज सुधारक, चिंतक और कवि थे, इन्होने समानता और भाईचारे पर आधारित समाज तथा महिलाओं के सम्मान की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। गुरु नानक देव जी ने विश्व को 'नाम जपो, किरत करो, वंड छको' का संदेश दिया जिसका अर्थ है- ईश्वर के नाम का जप करो, ईमानदारी और मेहनत के साथ अपनी ज़िम्‍मेदारी निभाओ तथा जो कुछ भी कमाते हो उसे ज़रूरतमंदों के साथ बाँटो। वे एक आदर्श व्यक्ति थे, जो एक संत की तरह रहे और पूरे विश्व को 'कर्म' का संदेश दिया। उन्होंने भक्ति के 'निर्गुण' रूप की शिक्षा दी। इसके अलावा उन्होंने अपने अनुयायियों को एक समुदाय में संगठित किया और सामूहिक पूजा (संगत) हेतु कुछ नियम बनाए। उन्होंने अपने अनुयायियों को ‘एक ओंकार’ का मूल मंत्र दिया और जाति, पंथ एवं लिंग के आधार पर भेदभाव किये बिना सभी मनुष्यों के साथ समान व्यवहार करने पर ज़ोर दिया। वर्ष 1539 में करतारपुर, पंजाब में उनकी मृत्यु हो गई।

रेजांग ला

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान ‘रेजांग ला’ की लड़ाई की बरसी पर ‘रेजांग ला’ (Rezang La) में पुनर्निमित ‘वॉर मेमोरियल’ का उद्घाटन किया। लद्दाख के ‘चुशुल’ में स्थित यह स्मारक 15,000 फीट से अधिक की ऊँचाई पर मौजूद है और भारत-चीन सीमा के बहुत ही करीब स्थित है। यह 13 कुमाऊँ रेजिमेंट की चार्ली कंपनी के सैनिकों का सम्मान करता है, जिन्होंने 1962 के युद्ध के दौरान कैलाश पर्वतमाला और आसपास के क्षेत्रों की रक्षा की थी। ‘रेजांग ला’, ‘स्पैंगुर गैप’ (Pangur Gap) से 11 किलोमीटर दक्षिण में स्थित दर्रा है, जहाँ से वर्ष 1962 के युद्ध के दौरान लगभग दो हज़ार चीनी सैनिकों ने 13 कुमाऊँ रेजिमेंट की ‘मेजर शैतान सिंह’ के नेतृत्व वाली चार्ली कंपनी के 114 जवानों पर हमला किया था। इस युद्ध के दौरान ‘मेजर शैतान सिंह’ के साथ-साथ चार्ली कंपनी के 98 जवान शहीद हुए थे। 

उत्तर प्रदेश का पहला वायु प्रदूषण नियंत्रण टॉवर

‘नोएडा’ में उत्तर प्रदेश के पहले वायु प्रदूषण नियंत्रण टॉवर का उद्घाटन किया गया है। ‘नोएडा’ के सेक्टर 16A में स्थित नौ मीटर व्यास और 20 मीटर ऊँचाई वाला यह टॉवर अपने चारों ओर एक वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में हवा को फिल्टर करने में सक्षम है। यह टॉवर संयुक्त तौर पर ‘भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड’ और ‘नोएडा प्राधिकरण’ द्वारा स्थापित किया गया है। स्वदेशी रूप से विकसित यह वायु प्रदूषण नियंत्रण टॉवर, शहर में बढ़ती वायु प्रदूषण की समस्या को कम करने में मदद करेगा। तकरीबन 4 करोड़ रुपए की लागत से विकसित यह टॉवर प्रदूषित हवा को सोख लेगा और इसके निचले हिस्से में लगाए गए फिल्टर पार्टिकुलेट मैटर को अवशोषित करेंगे। टॉवर में नियमित अंतराल पर पीएम 2.5 फिल्टर को साफ करने के लिये स्वचालित पल्स जेट-टाइप डस्ट क्लीनिंग सिस्टम भी शामिल है। 

कर्नाटक रत्न

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कन्नड़ फिल्म स्टार ‘पुनीत राजकुमार’, जिनका हाल ही में निधन हो गया, को मरणोपरांत 'कर्नाटक रत्न' पुरस्कार से सम्मानित  करने की घोषणा की है। वह राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के 10वें प्राप्तकर्त्ता होंगे। कर्नाटक रत्न अंतिम बार वर्ष 2009 में समाज सेवा के लिये डॉ. वीरेंद्र हेगड़े को प्रदान किया गया था। गौरतलब है कि पुनीत राजकुमार के दिवंगत पिता ‘राजकुमार’ वर्ष 1992 में कवि ‘कुवेम्पु’ के साथ कर्नाटक रत्न पुरस्कार पाने वाले पहले व्यक्ति थे। इस पुरस्कार के अन्य प्राप्तकर्त्ताओं में ‘एस. निजलिंगप्पा’ (राजनीति), ‘सी.एन.आर. राव’ (विज्ञान), ‘डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी’ (चिकित्सा), ‘भीमसेन जोशी’ (संगीत), ‘शिवकुमार स्वामीजी’ (समाज सेवा) और ‘डॉ. जे. जावरेगौड़ा’ (शिक्षा और साहित्य) शामिल हैं।


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