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विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2025
- 27 Mar 2026
- 14 min read
चर्चा में क्यों?
IQAir द्वारा जारी 8वीं वार्षिक विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2025 के अनुसार, औसत PM2.5 सांद्रता के आधार पर भारत को विश्व का छठा सबसे प्रदूषित देश का स्थान दिया गया है।
मुख्य बिंदु:
- भारत की रैंकिंग: वर्ष 2025 में PM2.5 प्रदूषण स्तर के संदर्भ में 143 देशों में भारत 6वें स्थान पर रहा, जहाँ राष्ट्रीय औसत PM2.5 सांद्रता 48.9 µg/m³ दर्ज की गई जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा 5 µg/m³ से लगभग दस गुना अधिक है।
- उत्तर प्रदेश का लोनी सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहाँ वार्षिक औसत PM2.5 सांद्रता 112.5 µg/m³ रही, जो वर्ष 2024 की तुलना में लगभग 23% अधिक है और WHO के मानक से 22 गुना ज़्यादा है।
- विश्व के 100 सबसे प्रदूषित शहरों में से 66 भारत में स्थित हैं, जिनमें दिल्ली, बर्नीहाट और गाज़ियाबाद जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
- नई दिल्ली लगातार आठवें वर्ष विश्व की सबसे प्रदूषित राजधानी बनी रही।
- मुख्य निष्कर्ष:
- विश्व के केवल 14% शहर ही WHO द्वारा निर्धारित वार्षिक PM2.5 मानक (5 µg/m³) को पूरा कर सके, जो पिछले वर्ष के 17% से कम हैं।
- केवल 13 देश/क्षेत्र ही WHO द्वारा निर्धारित वार्षिक औसत PM2.5 मानक को पूरा कर पाए।
- 143 में से 130 देश/क्षेत्रों (लगभग 91%) में PM2.5 का स्तर WHO द्वारा निर्धारित वार्षिक मानक से अधिक पाया गया।
- पाँच सबसे अधिक प्रदूषित देश थे—पाकिस्तान (67.3 µg/m³), बांग्लादेश (66.1 µg/m³), ताजिकिस्तान (57.3 µg/m³), चाड (53.6 µg/m³) और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (50.2 µg/m³)।
- दक्षिण अफ्रीका का न्यूवाउड्टविल विश्व का सबसे स्वच्छ शहर दर्ज किया गया, जहाँ वार्षिक औसत PM2.5 सांद्रता 1.0 µg/m³ रही।
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