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उत्तर प्रदेश

प्रतिबिंब प्लेटफॉर्म

  • 29 Nov 2025
  • 13 min read

चर्चा में क्यों?

प्रयागराज पुलिस ने उच्च सटीकता के साथ धोखाधड़ी का पता लगाने के लिये एक उन्नत डिजिटल पुलिस प्लेटफॉर्म 'प्रतिबिंब' का उपयोग करके साइबर अपराध पर अपनी कार्रवाई तीव्र कर दी है।

मुख्य बिंदु

  • प्रतिबिंब एक डेटा-संचालित अपराध-मानचित्रण एवं विश्लेषण मंच है, जो साइबर धोखाधड़ी समूहों का पता लगाने हेतु FIR, मोबाइल टॉवर डेटा, IP पते, वित्तीय लेनदेन डेटा तथा व्यवहार पैटर्न को एकीकृत करता है।
  • यह प्रणाली पुलिस को साइबर अपराध-प्रवण क्षेत्रों के वास्तविक समय हीट मैप तैयार करने की सुविधा देती है, जिससे लक्षित फील्ड अभियान संभव हो पाता है।
  • प्लेटफॉर्म बार-बार साइबर धोखाधड़ी करने वालों, घोटालों में प्रयुक्त सिम कार्डों तथा धन हस्तांतरण के लिये प्रयुक्त उच्च जोखिम वाले डिजिटल मार्गों की पहचान करने में मदद करता है।
  • यह गृह मंत्रालय के तहत 'नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली (CFCFRMS)' जैसे राष्ट्रीय उपकरणों के साथ मिलकर काम करता है, ताकि संदिग्ध लेनदेन को समय रहते ब्लॉक किया जा सके।

नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग एवं प्रबंधन प्रणाली (CFCFRMS)

  • यह वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग हेतु एक राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रणाली है, जिसे नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (1930 हेल्पलाइन + ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म) के माध्यम से संचालित किया जाता है।
  • यह पीड़ितों को धोखाधड़ी लेनदेन की तुरंत रिपोर्ट करने में सक्षम बनाती है, जिससे बैंकों और भुगतान मध्यस्थों को 'गोल्डन ऑवर' में धन फ्रीज या वसूलने की अनुमति मिलती है।
  • प्रणाली का समन्वय गृह मंत्रालय के अधीन इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा किया जाता है।
  • यह बैंकों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, फिनटेक कंपनियों और भुगतान सेवा प्रदाताओं को एक ही वास्तविक समय प्रतिक्रिया तंत्र पर जोड़ती है।
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