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हैदराबाद में जनजातीय चिकित्सकों के लिये राष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम

  • 20 Jan 2026
  • 15 min read

चर्चा में क्यों?

जनजातीय कार्य मंत्रालय ने हैदराबाद, तेलंगाना में राष्ट्रीय जनजातीय चिकित्सक निर्माण कार्यक्रम की शुरुआत की है।

मुख्य बिंदु:

  • शुरुआत स्थल: जनजातीय चिकित्सक कार्यक्रम का आयोजन जनवरी 2026 में कान्हा शांति वनम, हैदराबाद में किया गया, ताकि जनजातीय स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सके।
  • उद्घाटनकर्त्ता: इस कार्यक्रम को केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने संबोधित किया।
  • उद्देश्य: इस कार्यक्रम का लक्ष्य है—
    • जनजातीय चिकित्सक को सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियान और जनजातीय स्वास्थ्य सुधार में सहयोगी भागीदार के रूप में पहचानना तथा शामिल करना।
    • भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से अलग-थलग जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच तथा प्रभावशीलता को मज़बूत बनाना
    • जनजातीय क्षेत्रों में संक्रामक रोगों जैसे मलेरिया, तपेदिक और कुष्ठ रोग को समाप्त करना।
  • राष्ट्रीय जनजातीय स्वास्थ्य वेधशाला: भारत के पहले भारत जनजातीय स्वास्थ्य वेधशाला (B-THO) की स्थापना के लिये ICMR-क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र, भुवनेश्वर के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये गए। यह पहल प्रोजेक्ट DRISTI के अंतर्गत जनजाति-विशिष्ट स्वास्थ्य डेटा और अनुसंधान के लिये की गई है।
  • प्रोजेक्ट DRISTI: यह केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय और ICMR के सहयोग से एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य जनजाति-विशिष्ट स्वास्थ्य सूचना प्रणाली तैयार करना है।
    • इसका लक्ष्य जनजातीय आबादी के लिये स्वास्थ्य देखभाल योजना, रोग निगरानी और नीति निर्माण में सुधार करना है।
  • भारत जनजातीय स्वास्थ्य वेधशाला (B‑THO): प्रोजेक्ट DRISTI के अंतर्गत स्थापित, यह अपनी तरह की पहली राष्ट्रीय स्वास्थ्य वेधशाला है।
    • जनजातीय समुदायों के स्वास्थ्य डेटा को एकत्रित करना, विश्लेषण करना और साझा करना, स्वास्थ्य प्रणाली में जनजातीय चिकित्सकों को शामिल करना तथा जनजातीय क्षेत्रों में रोग रोकथाम एवं अनुसंधान का समर्थन करना।

और पढ़ें:  संचारी रोग,  ICMR 

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