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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 'महतारी गौरव वर्ष'

  • 12 Mar 2026
  • 21 min read

चर्चा में क्यों?

छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साई के नेतृत्व में राज्य की विकासात्मक पहलों और कल्याणकारी कार्यक्रमों के केंद्र में महिलाओं को रखते हुए, महिला सशक्तीकरण पर ज़ोर देने के लिये वर्ष 2026-27 को 'महतारी गौरव वर्ष' घोषित किया है।

मुख्य बिंदु

महतारी वंदन योजना: 

  • इस अभियान के अंतर्गत एक प्रमुख पहल महतारी वंदन योजना है, जिसके माध्यम से राज्य की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं में वित्तीय आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने हेतु प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से प्रति माह 1,000 रुपये प्रदान किये जाते हैं।

मुख्य बिंदु: 

  • इस वर्ष राज्य की नीतियों और कार्यक्रमों में महिलाओं को केंद्र में रखते हुए उनके सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता तथा सामाजिक गरिमा को प्राथमिकता देने पर विशेष ज़ोर दिया गया है।
  • इस योजना के अंतर्गत अब तक 15,595 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। हाल ही में जारी की गई किश्तों से भी लाखों महिलाओं को लाभ मिला है, जिनमें से अनेक महिलाएँ घरेलू आवश्यकताओं के अतिरिक्त स्वरोज़गार गतिविधियों में भी इस राशि का निवेश कर रही हैं। 

सफलता की कहानियाँ:

  • बलोद ज़िले में अनेक विधवाओं ने इस सहायता राशि का उपयोग सब्ज़ी की खेती करने में किया, जिससे उन्हें नियमित आय का स्रोत प्राप्त हुआ तथा परिवार को आर्थिक सहारा मिला।
  • बिहान जैसे ग्रामीण मिशनों से जुड़ी महिलाएँ सफल उद्यमी के रूप में उभर रही हैं और उल्लेखनीय वार्षिक आय अर्जित कर रही हैं।
  • अनेक महिलाओं ने कृषि कार्यों के लिये ड्रोन संचालन जैसी आधुनिक तकनीकी कौशल को भी अपनाया है, जिससे वे आय अर्जित करने के साथ-साथ अपने समुदायों में सम्मान भी प्राप्त कर रही हैं।

बजटीय सहायता:

  • राज्य बजट में महिला एवं बाल विकास के लिये 8,245 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें ऑंगनवाड़ी पोषण कार्यक्रम, विभिन्न मिशन योजनाएँ तथा ऑंगनवाड़ी केंद्रों और महतारी सदनों जैसे बुनियादी ढाँचों के विकास हेतु विशेष प्रावधान शामिल हैं।
  • राज्य सरकार ने वन स्टॉप सेंटर, 181 हेल्पलाइन और डायल-112 सेवाओं के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। इसके अतिरिक्त सुखद सहारा जैसी योजनाओं के माध्यम से विधवाओं को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।

आजीविका संबंधी पहल: 

  • महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को सशक्त बनाने के लिये 42,000 से अधिक स्वयं सहायता समूहों (SHG) को रियायती ऋण उपलब्ध कराया गया है। साथ ही डिजिटल सखी, दीदी ई-रिक्शा तथा रेडी टू ईट उत्पादन जैसी योजनाएँ महिलाओं को स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान कर रही हैं।

विज़न 2047: 

  • यह पहल 'छत्तीसगढ़ अंज़ोर विज़न 2047' और समावेशी एवं समान विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है, जो सशक्त महिलाओं को एक समृद्ध राज्य के प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करती है।

और पढ़ें: छत्तीसगढ़ बजट, डीबीटी, स्वयं सहायता समूह, विज़न 2047

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