छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता (UCC) के मसौदे के लिये समिति को स्वीकृति दी
- 16 Apr 2026
- 19 min read
चर्चा में क्यों?
15 अप्रैल, 2026 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल की बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार करने के लिये एक उच्च स्तरीय समिति के गठन को स्वीकृति दी गई।
मुख्य बिंदु:
- मसौदा समिति का नेतृत्व: इस समिति की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई करेंगी, जो सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश हैं और उत्तराखंड में भी UCC मसौदा समिति का नेतृत्व कर चुकी हैं।
- कार्यादेश: समिति का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण से संबंधित विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों को सरल बनाना है, ताकि धार्मिक एवं लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया जा सके।
- जन परामर्श: अंतिम मसौदा राज्य विधानसभा को सौंपने से पहले समिति नागरिकों, विधि विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से सुझाव प्राप्त करेगी, जिसके लिये एक समर्पित वेब पोर्टल सहित विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाएगा।
- संवैधानिक और विधिक आधार: राज्य सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 44 (राज्य के नीति निदेशक तत्त्व) का हवाला दिया है, जो राज्य को सभी नागरिकों के लिये समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।
- एकरूपता का लक्ष्य: अधिकारियों के अनुसार, धर्म-आधारित विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों की मौजूदगी से न्यायिक प्रक्रिया में जटिलता और असमानता उत्पन्न होती है।
- राजनीतिक विवाद: जनजातीय अधिकारों पर खतरा: विपक्षी कांग्रेस और जनजातीय संगठनों, जैसे छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज (CSAS) ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है।
- संवैधानिक संरक्षण: राज्य कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के अनुसार, UCC लागू होने से राज्य की 32% से अधिक जनजातीय आबादी, जो पाँचवीं अनुसूची और PESA अधिनियम के अंतर्गत संरक्षित है, के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
- पारंपरिक कानून: आलोचकों का तर्क है कि जनजातीय पहचान जन्म, विवाह और संपत्ति अधिकारों से जुड़े विशिष्ट परंपरागत नियमों से जुड़ी होती है, जिन्हें एक समान कानून से कमज़ोर किया जा सकता है।
- औद्योगिक हितों का आरोप: कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि UCC लागू करने का प्रयास बस्तर जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक हितों को लाभ पहुँचाने के लिये जनजातीय भूमि अधिकारों को कमज़ोर करने की ‘साजिश’ है।
- महिला सशक्तीकरण हेतु समानांतर नीति: UCC के निर्णय के साथ ही मंत्रिमंडल ने महिलाओं के नाम पर पंजीकृत संपत्तियों के लिये रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% की छूट देने की घोषणा की है।
- उद्देश्य: इस कदम का उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व के लिये प्रोत्साहित करना और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में उनकी वित्तीय सुरक्षा को मज़बूत करना है।
|
और पढ़ें: समान नागरिक संहिता |