बिहार
बिहार बजट 2026-27
- 04 Feb 2026
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चर्चा में क्यों?
3 फरवरी, 2026 को बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बिहार विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिये ₹3,47,589.76 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया।
- यह बजट ‘सात निश्चय–3’ की परिकल्पना के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया, जिसमें समावेशी विकास, रोज़गार, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, कृषि, अवसंरचना तथा आम लोगों के कल्याण पर विशेष ज़ोर दिया गया।
मुख्य बिंदु:
- बजट की प्रमुख विशेषताएँ:
- कुल बजट: ₹3,47,589.76 करोड़, जो बिहार के इतिहास में सबसे ज्यादा है।
- बजट आकार में वृद्धि: वित्त वर्ष 2025–26 की तुलना में लगभग ₹30,694 करोड़ की बढ़ोतरी।
- राजस्व एवं प्रतिबद्ध व्यय: ₹2,25,434 करोड़ (लगभग 65%)।
- पूंजीगत व्यय: ₹63,455.84 करोड़ (कुल का लगभग 18.26%)।
- योजना व्यय: ₹1,22,155 करोड़ (लगभग 35%)।
- राजकोषीय घाटा: GSDP का लगभग 2.99% अनुमानित।
- ‘सात निश्चय–3’ रोडमैप के अनुरूप बजट: प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने तथा 1 करोड़ रोज़गार सृजित करने का लक्ष्य।
- शिक्षा: शिक्षा क्षेत्र को सबसे अधिक ₹68,216 करोड़ का आवंटन मिला है, जिससे स्कूली शिक्षा, शिक्षक सहयोग, अवसंरचना और सीखने की गुणवत्ता को प्राथमिकता दी गई है।
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये प्रत्येक पंचायत में मॉडल स्कूल स्थापित किये जाएंगे।
- महिला सशक्तीकरण एवं सामाजिक कल्याण: बजट में स्वयं सहायता समूहों की सहायता और संबंधित कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 1.56 करोड़ महिलाओं को समर्थन देने पर ज़ोर दिया गया है।
- सामाजिक कल्याण प्रावधानों में महिलाओं, बच्चों, वृद्धों और कमज़ोर वर्गों को लाभ पहुँचाने वाली योजनाओं के लिये ₹7,724 करोड़ शामिल हैं।
- कृषि एवं किसान: बेहतर सहायता: ‘जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि’ के तहत पात्र किसानों को ₹9,000 प्रतिवर्ष, जो पहले की तुलना में ₹3,000 अधिक है।
- रोज़गार एवं नौकरियाँ: ‘सात निश्चय–3’ के तहत वर्ष 2030 तक 1 करोड़ रोज़गार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र महिला को ₹2 लाख तक की वित्तीय सहायता का विशेष प्रावधान किया गया है।
- रोज़गार-उन्मुख कौशल विकसित करने के लिये हब-एंड-स्पोक मॉडल पर स्किल डेवलपमेंट केंद्र स्थापित किये जाएंगे।
- अवसंरचना एवं संपर्कता: पाँच नए एक्सप्रेसवे, बेहतर सड़क नेटवर्क और शहरी विकास सहित प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की घोषणा की गई।
- हवाई अड्डों के विकास और क्षेत्रीय हवाई संपर्क परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।
- स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएँ: अस्पतालों के उन्नयन और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिये बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है।
- PMCH में बेड की संख्या बढ़ाने तथा अतिरिक्त ज़िलों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रावधान किया गया है।
- उद्योग एवं निवेश: नई औद्योगिक नीति के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने और निजी क्षेत्र की भागीदारी को मज़बूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
- औद्योगिक क्षेत्र में ₹50 करोड़ तक के निजी निवेश को आकर्षित करने के उपाय किये गए हैं।
- औद्योगिक समर्थन मिशन के तहत बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार का प्रावधान किया गया है।
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