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बिहार

देव सूर्य मंदिर और उमगा मंदिर परिसर का ऑडिट

  • 25 Nov 2025
  • 11 min read

चर्चा में क्यों?

पटना उच्च न्यायालय ने बिहार सरकार को देव सूर्य मंदिर (औरंगाबाद) तथा उमगा मंदिर परिसर (औरंगाबाद) का संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश दिया है, ताकि इनके संरक्षण की स्थिति का आकलन किया जा सके तथा भविष्य में होने वाले क्षरण को रोका जा सके।

मुख्य बिंदु

  • देव सूर्य मंदिर के बारे में:
    • यह बिहार के औरंगाबाद ज़िले के देव शहर में स्थित है तथा सूर्य देव को समर्पित भारत के सबसे प्रमुख मंदिरों में से एक है।
    • यह मंदिर 8वीं शताब्दी का माना जाता है तथा छठ पूजा के आयोजन के लिये प्रसिद्ध है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
    • यह मंदिर वास्तुकला की दृष्टि से अद्वितीय है, क्योंकि इसका मुख्य प्रवेश-द्वार पश्चिम (अस्त होते सूर्य) की ओर है, अधिकांश हिंदू मंदिरों का मुख पूर्व (उदय होते सूरज) की ओर होता है।
    • मंदिर में संरचनात्मक दबाव, क्षरण तथा अनियंत्रित आगंतुक भार के संकेत दिखाई देते हैं, जिसके कारण न्यायालय ने आकलन का आदेश दिया है।

  • उमगा मंदिर के बारे में:
    • उमगा मंदिर औरंगाबाद ज़िले की उमगा पहाड़ियों पर स्थित है तथा अपनी नागर वास्तुकला के लिये जाना जाता है, जिसमें विशिष्ट शैली में नक्काशीदार अनेक पत्थर के मंदिर शामिल हैं।
    • इस भव्य मंदिर के निर्माण में चौकोर ग्रेनाइट प्रखंड का उपयोग किया गया है, जिसमें भगवान गणेश, सूर्य देव और भगवान शिव की प्रतिमाएँ स्थापित हैं।
    • मंदिर परिसर की कई संरचनाओं में दरारें, झाड़ी/वनस्पति उगने तथा उपेक्षा के संकेत मिलते हैं, जिससे इनके दीर्घकालिक स्थायित्व को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।

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