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मनोरंजन हेतु 'ओवर द टॉप' प्लेटफाॅर्म की उपयोगिता

  • 04 Jul 2020
  • 15 min read

संदर्भ:  

COVID-19 महामारी के बढ़ने से अन्य औद्योगिक गतिविधियों के प्रभावित होने के साथ सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्सों को बंद करना पड़ा है। इस महामारी के कारण फिल्म उद्योग को भारी क्षति हुई है जो सिनेमाघरों के पुनः खुलने तक जारी रहेगी। ऐसे में कुछ फिल्म निर्माता कंपनियों ने सिनेमाघरों के बजाय फिल्मों को सीधे ओवर द टॉप' (Over The Top- OTT) प्लेटफार्मों पर रिलीज़ करने का विकल्प अपनाया है। हाल ही में ‘अमेजन प्राइम वीडियो’ (Amazon Prime Video) ने मई से अगस्त के बीच में 7 फिल्मों (हिंदी, तमिल, कन्नड़, तेलगू और मलयालम भाषा में) के विश्वभर में प्रसारण हेतु अधिकार प्राप्त करने की घोषणा की है। फिल्म निर्माताओं द्वारा OTT प्लेटफार्मों पर फिल्म रिलीज़ करने के फैसले को सिनेमाघर मालिकों से काफी विरोध का सामना करना पड़ा है।         

प्रमुख बिंदु:

  • किसी भी अन्य औद्योगिक क्षेत्र की तरह ही COVID-19 से उत्पन्न हुई चुनौतियों के कारण फिल्म उद्योग को भी गंभीर क्षति हुई है। 
  • परंतु फिल्म उद्योग इस आपदा से सबसे बाद में उबरने वाले क्षेत्रों में से एक होगा, जिसके कारण इस आपदा का प्रभाव फिल्म उद्योग पर सबसे अधिक होगा। 
  • क्योंकि लॉकडाउन के कारण लोगों की आय में गिरावट के कारण सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या में गिरावट होगी। साथ ही, किसी भी अन्य आधारभूत सुविधाओं की मामले में सिनेमा प्राथमिकता सूची में भी बहुत नीचे होगा।  
  • COVID-19 के कारण उत्पन्न हुई चुनौतियों से सिनेमाघरों में फिल्मों के प्रसारण न होने से फिल्म निर्माताओं को आर्थिक क्षति के साथ-साथ अगली फिल्म न शुरू कर पाने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।  
  • ऐसे में वर्तमान परिस्थिति में फिल्म निर्माता OTT प्लेटफार्मों पर फिल्म रिलीज़ करने को विवश हुए हैं जिससे कम-से-कम अपनी फिल्म में लगी राशि का कुछ ही हिस्सा वापस प्राप्त कर अपनी आर्थिक क्षति को कुछ सीमा तक कम कर सकें।     
    • एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 में भारतीय फिल्म उद्योग को 173 अरब रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। साथ ही, वर्ष 2023 तक भारत के वीडियो स्ट्रीमिंग (Video Streaming) क्षेत्र के 21.82% की ‘चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर’ (Compound Annual Growth Rate- CAGR) से बढ़ने का अनुमान है।     

लॉकडाउन के कारण फिल्म उद्योग को हुई क्षति:

  • एक अनुमान के अनुसार, मई माह के अंत तक सिनेमाघरों में फिल्मों के प्रदर्शन न होने से पूरे भारत में फिल्म उद्योग को लगभग 2,500 करोड़ रुपए की क्षति हुई थी, जिसमें से लगभग 40-50% सिर्फ हिंदी भाषी फिल्मों से संबंधित था। 
    • साथ ही यदि फिल्मों का प्रदर्शन आने वाले महीनों में भी इसी तरह प्रभावित रहता है तो  अनुमानतः यह क्षति 5,000 करोड़ रुपए तक पहुँच सकती है।
  • फिल्म और टीवी से जुड़े हुए अनेक छोटे कलाकारों तथा अन्य तकनीकी सहयोगियों को दैनिक कार्य के आधार पर पारिश्रमिक दिया जाता है, ऐसे में वर्तमान में फिल्म और टीवी कार्यक्रमों की निर्माण प्रक्रिया के बाधित होने से इस क्षेत्र से जुड़े बहुत से लोगों को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
  • इसके अतिरिक्त काम न मिलने और वर्तमान परिस्थिति की अनिश्चितता के कारण फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों पर मानसिक दबाव भी बढ़ा है।
  • फिल्म और टीवी कलाकारों की आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए ‘सिने तथा टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन’ (Cine & TV Artists Association- CINTAA) ने बड़े फ़िल्मी कलाकारों एवं जनता से फिल्म व टीवी कलाकारों की सहायता करने का आह्वान किया है।

फिल्म निर्माण प्रक्रिया पर COVID-19 प्रभाव : 

  • COVID-19 और लॉकडाउन से उत्पन्न हुई चुनौतियों का प्रभाव लोगों के दैनिक खर्च पर देखने को मिला है। ऐसे में यदि इस आपदा का प्रभाव जारी रहता है तो आने वाले दिनों में निर्मित फिल्मों के स्वरूप और प्रक्रिया (विशेषकर खर्च) में भी बदलाव देखने को मिलेगा। 
  • किसी भी अन्य व्यवसाय की तरह ही फिल्म निर्माण में तकनीकी और अन्य सहायक विभागों से जुड़े कर्मचारियों की दैनिक आय तथा फिल्म उद्योग के अस्तित्त्व के लिये फिल्म निर्माण प्रक्रिया का सक्रिय रहना बहुत ही आवश्यक है। 
  • गौरतलब है की किसी भी फिल्म के निर्माण में कई मौकों पर एक ही समय में बहुत से लोगों की आवश्यकता होती है, अतः ऐसी स्थितियों में सोशल डिस्टेंसिंग जैसे सुरक्षात्मक उपायों को अपनाना संभव नहीं हो सकेगा।     

OTT प्लेटफॉर्म पर फिल्म प्रदर्शन के लाभ:

  • वर्तमान में OTT प्लेटफॉर्म के माध्यम से यदि कुछ निर्माता अपने नुकसान को कम कर फिल्म उद्योग को पुनः गति प्रदान करने में सफल होते हैं, तो OTT प्लेटफॉर्म वर्तमान परिस्थिति में फिल्म उद्योग के लिये एक वरदान साबित हो सकते हैं। 
  • लागत सुधार: 
    • COVID-19 के बाद अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों की तरह ही फिल्म निर्माण से जुड़े कई क्षेत्रों/विभागों में खर्च की भारी कटौती देखी जा सकती है। 
    • कुछ मामलों में यह कटौती तर्कसंगत भी कही जा सकती है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में फिल्म निर्माण में अनावश्यक वृद्धि देखी जा रही थी। यह कटौती फिल्म निर्माण की लागत सुधार की दिशा में एक सकारात्मक कदम हो सकती है।    

सिनेमा और OTT प्लेटफॉर्म :

  • भारत में पिछले कुछ वर्षों से लोगों तक हाई-स्पीड इंटरनेट और स्मार्ट फोन की पहुँच बढ़ने के साथ OTT का चलन भी बढ़ा हुआ है, परंतु OTT प्लेटफॉर्म पारंपरिक सिनेमाघरों की तुलना में अधिक सफलता नहीं मिली। 
  • भारत में अभी तक OTT प्लेटफॉर्म की सफलता में कमी के लिये पारंपरिक सिनेमा की लोकप्रियता और बड़े बजट की फिल्मों के लिये OTT प्लेटफॉर्म की आर्थिक सीमाओं को प्रमुख कारण माना जाता है। 
  • वर्तमान में OTT प्लेटफॉर्म्स द्वारा फिल्म निर्माताओं को फिल्मों के लिये अधिक धन दिए जाने का मुख्य कारण भारतीय बाज़ार में स्वयं को स्थापित करने का प्रयास और नए कंटेंट की अनुपलब्धता है।  

OTT प्लेटफॉर्म की चुनौतियाँ: 

  • सामान्यतः OTT प्लेटफॉर्म पर प्रत्येक फिल्म के लिये सिनेमाघरों की तरह अलग से टिकट नहीं खरीदना होता है। ऐसे में  OTT प्लेटफॉर्म महँगी फिल्मों की अपेक्षा लंबे समय तक चलने वाली ‘वेब सिरीज़’ में निवेश करने को अधिक प्राथमिकता देते हैं, जिससे अधिक से अधिक लाभ अर्जित किया जा सके।  
  • OTT प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली फिल्मों की आय के बारे में निर्माताओं को सटीक जानकारी नहीं मिल सकेगी।    
  • फिल्म निर्माताओं के लिये OTT प्लेटफॉर्म पर फिल्म से अधिक-से-अधिक लाभ अर्जित करने के विकल्प बहुत ही सीमित होता है ।

OTT प्लेटफॉर्म और फिल्म उद्योग का भविष्य:

  • वर्तमान में कुछ फिल्मों के OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होना मात्र एक अस्थाई प्रावधान है, COVID-19 महामारी का प्रभाव कम होने के साथ पुनः सिनेमाघरों में फिल्मों का प्रदर्शन शुरू हो जाएगा।
  • सिनेमा की शुरुआत के बाद से ही फिल्मों के प्रदर्शन में कई तरह के बदलाव (टीवी, डिश, कंप्यूटर, स्मार्टफोन और इंटरनेट का विकास) देखने को मिले हैं, परंतु देश में पारंपरिक सिनेमा की लोकप्रियता सतत रूप से वृद्धि हुई है।

  • हालाँकि वर्तमान में लोगों के बीच OTT प्लेटफॉर्म की स्वीकार्यता बढ़ने के कारण भविष्य में ऐसी फिल्मों के निर्माण में वृद्धि देखी जा सकती है, जो सिर्फ OTT प्लेटफॉर्म के बाज़ार के लिये लक्षित होंगी।    

अन्य प्रयास: 

  • वर्तमान में मुंबई (महाराष्ट्र) में COVID-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार द्वारा कोल्हापुर को फिल्म सूटिंग के लिये वैकल्पिक स्थान के रूप में प्रस्तावित किया गया है।
  • गौरतलब है कि कोल्हापुर में COVID-19 के मामलों की संख्या मुंबई की तुलना में काफी कम है। 
  • महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्थापित फिल्म स्टूडियो ‘चित्रनगरी’ कोल्हापुर शहर के पास ही स्थित है और हाल ही में राज्य सरकार द्वारा लगभग 8-9 करोड़ की लागत से इसका नवीनीकरण कराया गया है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार, COVID-19 महामारी के प्रभावों के कम होने के बाद फिल्म सेट पर क्रू (Crew) सदस्यों की संख्या में कटौती, सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य सुरक्षात्मक उपायों के साथ फिल्म निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
  • स्थितियों के सामान्य होने के बाद सिनेमाघरों में स्वच्छता का ध्यान रखकर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर सीमित संख्या में फिल्मों का प्रदर्शन शुरू किया जा सकता है। 

आगे की राह:

  • COVID-19 महामारी से सीख लेते हुए फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों द्वारा भविष्य में ऐसी अनिश्चितताओं से निपटने के लिये ‘OTT प्लेटफॉर्म’ जैसे विकल्पों का स्वागत किया जाना चाहिये।
  • वर्तमान परिस्थिति में OTT प्लेटफॉर्म पर मुख्यधारा के सिनेमा की बढ़ती मांग भारत में सिनेमा की लोकप्रियता और भविष्य में इस क्षेत्रों में नए प्रयोगों के लिये उपलब्ध संभावनाओं को दर्शाता है।
  • सिनेमा और मल्टीप्लेक्स श्रृंखला कंपनियों द्वारा भविष्य में फिल्म निर्माण में भाग लेकर इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाया जा सकता है।     
  • OTT प्लेटफॉर्म की स्वीकार्यता क्षेत्रीय सिनेमा को मुख्यधारा में लाने के लिये एक महत्त्वपूर्ण साधन बन सकता है।

निष्कर्ष: 

COVID-19 के कारण उत्पन्न हुई चुनौतियों से फिल्म निर्माण और वितरण से जुड़े लोगों/संस्थाओं को भारी क्षति हुई है। वर्तमान परिस्थिति की अनिश्चितता के कारण कुछ फिल्म निर्माताओं ने OTT प्लेटफॉर्म पर अपनी फिल्मों को प्रदर्शित करने का निर्णय लिया जिससे उन्हें सिनेमाघरों से जुड़े संस्थानों के विरोध का सामना करना पड़ा। हालाँकि विशेषज्ञों के अनुसार, फिल्म निर्माताओं  द्वारा फिल्मों के प्रदर्शन के लिये OTT प्लेटफॉर्म का चुनाव COVID-19 के कारण उत्पन्न हुई वर्तमान चुनौती के प्रभाव को कम करने का एक प्रयोग मात्र है। पिछले कई वर्षों में प्रयोग किए गए फिल्मों प्रदर्शन के अनेक विकल्पों की तरह है पारंपरिक सिनेमा दर्शकों की संख्या में इससे कोई कमी नहीं आएगी। हालाँकि स्थिति के सामान्य होने और सिनेमाघरों के पूरी क्षमता के साथ सक्रिय होने में कुछ समय लग सकता है।

अभ्यास प्रश्न:  COVID-19 के कारण उत्पन्न हुई चुनौतियों के बीच ‘ओवर द टॉप' (Over The Top- OTT) की बढ़ती लोकप्रियता भविष्य में इसके द्वारा पारंपरिक सिनेमा को प्रतिस्थापित करने का संकेत देता है। आप इस कथन से कहाँ तक सहमत है?

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