रैपिड फायर
बढ़ता FTA व्यापार घाटा
- 13 Jan 2026
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नीति आयोग की व्यापार निगरानी त्रैमासिक रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि भारत का मुक्त व्यापार समझौता (FTA) साझेदार देशों के साथ व्यापार घाटा तेज़ी से बढ़ गया है, भले ही देश ने इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उभरते (Sunrise) क्षेत्रों में मज़बूत निर्यात वृद्धि दर्ज की हो।
नीति आयोग की रिपोर्ट से मुख्य निष्कर्ष
- घाटे में तेज़ वृद्धि: भारत का FTA साझेदार देशों के साथ व्यापार घाटा Q1 FY 26 (अप्रैल से जून) में 59.2% बढ़ गया। निर्यात 9% गिरकर 38.7 बिलियन USD हो गया, जबकि आयात 10% बढ़कर 65.3 बिलियन USD हो गया।
- निर्यात में संरचनात्मक परिवर्तन: इलेक्ट्रॉनिक्स ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, वर्ष-दर-वर्ष (YoY) 47% की वृद्धि दर्ज की और अब यह कुल निर्यात का 11% से अधिक हिस्सा बन गया है। इसके विपरीत, पेट्रोलियम निर्यात में भारी गिरावट देखी गई।
- घाटे के प्रमुख कारक के रूप में आसियान: कुल व्यापार घाटे में आसियान को निर्यात में 16.9% की गिरावट मुख्य कारण रही, जो कि भारत का सबसे बड़ा FTA निर्यात बाज़ार है। प्रमुख गिरावट मलेशिया (-39.7%) और सिंगापुर (-13.2%) में देखी गई।
- आयात में तेज़ी और विविधीकरण: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से आयात 28.7% बढ़ा, जिसका कारण सोने के यौगिकों का नया आयात और पेट्रोलियम में वृद्धि था। वहीं, चीन से आयात 16.3% बढ़ा, जिसका नेतृत्व इलेक्ट्रॉनिक घटकों ने किया।
- भू-राजनीतिक और वार्त्ता संदर्भ: यह आँकड़ा इसलिये महत्त्वपूर्ण है क्योंकि भारत सक्रिय रूप से FTA वार्त्ता कर रहा है (जैसे EU और US) और हाल ही में ओमान, न्यूज़ीलैंड और UK के साथ 2025 में समझौते संपन्न किये हैं। इसके साथ ही ASEAN FTA की पुनर्वार्त्ता की 2025 की समय सीमा भी चूक गई थी, जो इसे और प्रासंगिक बनाती है।
भारत का विदेश व्यापार पैटर्न
- भारत की निर्यात वृद्धि: भारत का कुल निर्यात 2023–24 में 778.21 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया, जिसमें माल निर्यात (Merchandise exports) 437.10 बिलियन अमेरिकी डॉलर और सेवा निर्यात (Service exports) 341.11 बिलियन USD रहा।
- क्षेत्रीय वितरण: उत्तर अमेरिका सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बनकर उभरा, इसके बाद EU, पश्चिम एशिया और ASEAN में मज़बूत वृद्धि देखी गई।
- सबसे बड़े निर्यात गंतव्य: संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), चीन, नीदरलैंड आदि।
- सबसे बड़े आयात स्रोत: चीन, रूस, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) आदि।