रैपिड फायर
प्रवासी भारतीय दिवस (PBD)
- 12 Jan 2026
- 15 min read
9 जनवरी, 2025 को प्रवासी भारतीय दिवस (PBD) के अवसर पर, प्रधानमंत्री ने वैश्विक भारतीय प्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और विश्व के साथ भारत को जोड़ने वाले एक महत्त्वपूर्ण सेतु के रूप में इस दिवस की भूमिका पर प्रकाश डाला।
- परिचय: PBD विदेश मंत्रालय का प्रमुख आउटरीच कार्यक्रम है, जिसे भारतीय प्रवासियों को जोड़ने और भारत की क्षेत्रीय विविधता एवं विकास को प्रदर्शित करने के लिये आयोजित किया जाता है।
- वर्ष 2015 से, इसे एक द्विवार्षिक, थीम-आधारित सम्मेलन के रूप में आयोजित किया जाता है, जो केंद्रित प्रवासी समन्वय, संवाद और नेटवर्किंग को सक्षम बनाता है।
- महत्त्व: यह दिवस महात्मा गांधी के वर्ष 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने की स्मृति में मनाया जाता है, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में भारतीय प्रवासियों की ऐतिहासिक भूमिका का प्रतीक है।
- विकास: PBD सम्मेलन की स्थापना वर्ष 2003 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री-काल के दौरान भारतीय प्रवासियों के साथ संरचित और निरंतर जुड़ाव को संस्थागत बनाने के लिये की गई थी।
- उद्देश्य: इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत के विकास में प्रवासियों के योगदान को मान्यता देना, विदेशों में भारत की छवि को बेहतर करना, राष्ट्रीय कारणों और विदेशी भारतीय कल्याण का समर्थन करना तथा प्रवासियों एवं भारत सरकार के बीच संवाद हेतु एक मंच प्रदान करना है।
- PBD 2025: 18वाँ PBD सम्मेलन (2025) भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित किया गया था। इसमें प्रमुख रूप से प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना के तहत प्रवासी भारतीय एक्सप्रेस का शुभारंभ, मांडवी–मस्कट प्रवास पर एक प्रदर्शनी और एक व्यापक गिरमिटिया डेटाबेस के प्रस्ताव सहित गिरमिटियों की विरासत पर नवीन पहचान शामिल थे।
- सम्मान: प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार NRI, OCI और प्रवासी संगठनों को प्रदान किया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है, जो भारत की वैश्विक छवि, राष्ट्रीय कारणों और सामुदायिक कल्याण में उनके उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देता है।
|
और पढ़ें: प्रवासी भारतीय दिवस (PBD) |