रैपिड फायर
कैटास्ट्रॉफ बॉण्ड्स
- 12 Jan 2026
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लगातार होने वाली जलवायु-प्रेरित आपदाओं के परिप्रेक्ष्य में केरल ने केंद्रीय बजट 2026-27 की पूर्व-बजट परामर्श प्रक्रिया के दौरान आपदाजनित क्षतियों से निपटने हेतु वित्तीय सुरक्षा तंत्र के रूप में कैटास्ट्रॉफ (CAT) बॉण्ड्स शुरू करने का आग्रह केंद्र सरकार से किया है।
- केरल में लगातार आने वाली आपदाओं ने सार्वजनिक वित्त पर गंभीर दबाव डाला है, जिससे CAT बॉण्ड्स जैसे जलवायु-प्रत्यास्थ वित्तीय साधनों की आवश्यकता स्पष्ट होती है। इस आवश्यकता को केरल के रिस्क-इन्फॉर्म्ड मास्टर प्लान (2022) में भी मान्यता दी गई है। इसके साथ ही, 590 किमी. लंबी तटरेखा पर हो रहे गंभीर तटीय कटाव से निपटने हेतु कोस्टल रेज़िलिएंस फंड की मांग भी की गई है।
- CAT बॉण्ड्स: ये बीमा-संबद्ध प्रतिभूतियाँ (Insurance-Linked Securities) होती हैं, जिनके माध्यम से चक्रवात, भूकंप जैसी बड़ी आपदाओं से जुड़े वित्तीय जोखिम को बीमाकर्त्ताओं या सरकारों (प्रायोजकों) से निवेशकों तक स्थानांतरित किया जाता है।
- CAT बॉण्ड्स के अंतर्गत सरकारें प्रायोजक (Sponsors) की भूमिका निभाती हैं और प्रीमियम का भुगतान करती हैं, जबकि निवेशकों की मूलधन राशि बीमित धनराशि के रूप में कार्य करती है। यदि कोई आपदा घटित होती है, तो यह मूलधन पुनर्वास एवं राहत कार्यों हेतु स्थानांतरित कर दिया जाता है; जबकि यदि कोई आपदा नहीं होती, तो निवेशकों को उच्च ब्याज प्राप्त होता है।
- CAT बॉण्ड्स निवेशकों को उच्च प्रतिफल और पोर्टफोलियो विविधीकरण प्रदान करते हैं, क्योंकि इनके प्रतिफल प्रत्यक्ष रूप से वित्तीय बाज़ारों से जुड़े नहीं होते। वहीं सरकारों और बीमाकर्त्ताओं के लिये ये त्वरित भुगतान सुनिश्चित करते हैं, बजटीय आवंटनों पर निर्भरता घटाते हैं तथा आपदा जोखिम को वैश्विक पूंजी बाज़ारों में स्थानांतरित करते हैं।
- वर्तमान में भारत में आपदा राहत का संपूर्ण राजकोषीय बोझ राज्यों और केंद्र सरकार द्वारा ही वहन किया जाता है।
- वैश्विक उपयोग: मेक्सिको और फिलीपींस जैसे देश प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न जोखिमों के विरुद्ध हेजिंग के लिये CAT बॉण्ड्स का उपयोग करते हैं।
- भारत के लिये महत्त्व: CAT बॉण्ड्स आपदा-प्रवण राज्यों को राजकोषीय रूप से सतत, पूर्वानुमेय तथा त्वरित वित्तपोषण साधन उपलब्ध करा सकते हैं। इससे सार्वजनिक/पब्लिक बजट पर दबाव कम होता है और आपातकालीन उधारी (Emergency Borrowing) की आवश्यकता घटती है।