रैपिड फायर
भारत की पर्यटन अवसंरचना पहलें
- 12 Jan 2026
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पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटन अवसंरचना विकास, गंतव्य-आधारित योजनाओं, कौशल संबंधी पहलों और वैश्विक प्रचार में महत्त्वपूर्ण प्रगति की सूचना दी है, जो स्वदेश दर्शन 2.0 एवं तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक विरासत संवर्द्धन अभियान (प्रशाद) योजना जैसी प्रमुख योजनाओं के मिशन-मोड कार्यान्वयन को दर्शाती है।
- पर्यटन प्रदर्शन (2024): भारत ने 20 मिलियन से अधिक अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन दर्ज किये, विदेशी मुद्रा आय में लगभग 3 लाख करोड़ रुपए प्राप्त किये और लगभग 3 बिलियन घरेलू पर्यटकों को दर्ज किया, जो आर्थिक विकास और सेवा निर्यात में पर्यटन के बढ़ते योगदान को रेखांकित करता है।
- भारत ने लगभग 0.64 मिलियन विदेशी चिकित्सा पर्यटकों का आगमन दर्ज किया, जिसमें 171 देशों के लिये ई-मेडिकल और ई-आयुष वीज़ा उपलब्ध हैं, जो सस्ती तृतीयक स्वास्थ्य सेवा और आयुष-आधारित कल्याण सेवाओं के केंद्र के रूप में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करता है।
- स्वदेश दर्शन 2.0: स्वदेश दर्शन योजना (2014–15) विषयगत पर्यटन सर्किट विकसित करने के लिये शुरू की गई थी, जिसने राज्यों में पर्यटन अवसंरचना को महत्त्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ किया।
- स्वदेश दर्शन 2.0 (2023) एक नवीनीकृत, गंतव्य-आधारित पर्यटन मिशन है, जो सतत और ज़िम्मेदार विकास पर केंद्रित होने के साथ ही स्थानीय के लिये वोकल और आत्मनिर्भर भारत के साथ संरेखित है तथा अवसंरचना, सेवाओं, कौशल, गंतव्य प्रबंधन और नीति सुधारों को एकीकृत करता है।
- स्वदेश दर्शन 2.0 में चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट और प्रधानमंत्री-जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान जैसी उप-योजनाएँ भी शामिल हैं।
- चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट: यह संपूर्ण पर्यटन मूल्य शृंखला में सुधार हेतु एक प्रतिस्पर्द्धी, परिणाम-आधारित दृष्टिकोण का पालन करता है। यह योजना आध्यात्मिक पर्यटन, संस्कृति और विरासत, जीवंत गाँव और पारिस्थितिक पर्यटन/अमृत धरोहर स्थल जैसे विषयों को कवर करती है।
- प्रधानमंत्री-जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान: इसका उद्देश्य पर्यटन के माध्यम से जनजातीय आजीविका में सुधार करना, जनजातीय होमस्टे, सांस्कृतिक पर्यटन और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।
- PRASHAD योजना: पहचाने गए तीर्थस्थलों पर पर्यटन अवसंरचना के समेकित विकास के लिये राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- माइस पर्यटन को बढ़ावा: भारत ने MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस और एग्ज़ीबिशन) के लिये एक राष्ट्रीय रणनीति और रोडमैप शुरू किया है, साथ ही मीट इन इंडिया उप-ब्रांड के माध्यम से भारत को वैश्विक सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- G20 मेज़बान शहरों सहित 60+ शहरों को कवर करने वाला एक डिजिटल माइस कैटलॉग। मीट इन इंडिया कॉन्क्लेव 2025 (जयपुर) ने माइस क्षेत्र में भारत की वैश्विक दृश्यता को और मज़बूत किया।
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