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जनगणना 2027

  • 12 Jan 2026
  • 17 min read

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

गृह मंत्रालय (MHA) ने वर्ष 2027 की जनगणना के लिये हाउस-लिस्टिंग (घरों की सूची बनाना) की शुरुआत को अधिसूचित किया है। यह भारत की 16वीं जनगणना की दिशा में पहला आधिकारिक कदम है, जो वर्ष 2011 के पश्चात होने वाली देश की पहली दशकीय (Decadal) जनगणना की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ है।

जनगणना 2027 के प्रमुख बिंदु

  • चरणबद्ध समय-सीमा: यह दो चरणों में आयोजित की जाएगी—चरण I (2026) में हाउस लिस्टिंग और आवास संगणना (House-listing and Housing Census) तथा चरण II (2027) में जनसंख्या गणना की जाएगी।
    • हाउस लिस्टिंग का कार्य 1 अप्रैल से 30 सितंबर, 2026 तक किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश इसे 30 दिनों की अवधि के भीतर पूरा करेंगे।
    • जनसंख्या गणना की संदर्भ तिथि देश के अधिकांश हिस्सों के लिये 1 मार्च, 2027 होगी, जबकि लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे हिमाच्छादित एवं दूरस्थ क्षेत्रों हेतु यह 1 अक्तूबर, 2026 निर्धारित की गई है।
  • कानूनी आधार: जनगणना, जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 3 और 17A के तहत भारत के महापंजीयक (RGI) कार्यालय द्वारा संचालित की जा रही है, साथ ही यह अधिसूचना वर्ष 2021 की स्थगित जनगणना हेतु जारी 2020 की पिछली अधिसूचना को प्रभावी रूप से निरस्त करती है।
  • डिजिटल और स्व-गणना: यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें 15 दिनों की औपचारिक स्व-गणना अवधि का प्रावधान होगा। इस दौरान परिवार गणनाकर्त्ता के आने से पहले ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
    • इसमें GPS टैगिंग, कम कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों के लिये ऑफलाइन डेटा संग्रह, क्लाउड पर डेटा संग्रहण तथा लगभग वास्तविक समय की निगरानी हेतु जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली जैसे डिजिटल उपकरण शामिल होंगे।
  • विस्तारित डेटा बिंदु: हाउस लिस्टिंग में 34 विवरण शामिल होंगे, जिनमें नए मापदंड, जैसे—इंटरनेट की उपलब्धता, स्मार्टफोन स्वामित्व, गैस कनेक्शन का प्रकार (PNG/LPG), वाहनों का वर्गीकरण, पेयजल का स्रोत और अनाज की खपत शामिल हैं।
  • ऐतिहासिक और राजनीतिक महत्त्व: इसमें 1931 के बाद पहली बार (अनुसूचित जाति/जनजाति से आगे) राष्ट्रव्यापी जाति जनगणना शामिल होगी और यह संवैधानिक रोक हटने के बाद भविष्य में निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन का आधार बनेगी।

और पढ़ें: भारत में जाति जनगणना: आवश्यकता और चुनौतियाँ

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