रैपिड फायर
पेट्रोडॉलर प्रणाली
- 12 Jan 2026
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वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिका द्वारा गिरफ्तारी ने बदलती वैश्विक तेल व्यापार परिस्थितियों के बीच पेट्रोडॉलर (Petrodollar) के घटते प्रभाव पर फिर से ध्यान केंद्रित कर दिया है।
- वेनेज़ुएला के पास विश्व के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार हैं (लगभग 300 अरब बैरल, जो ग्लोबल स्टॉक का लगभग 17–18% है), लेकिन यह वर्तमान में प्रतिदिन केवल लगभग 1 मिलियन बैरल तेल का उत्पादन करता है, जिससे विशाल अप्रयुक्त संभावना बनी हुई है।
- ट्रंप प्रशासन वेनेज़ुएला के तेल उद्योग को फिर से सक्रिय करने का प्रयास कर रहा है, जिसमें अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों को शामिल किया जाएगा, ताकि भविष्य के तेल उत्पादन को फिर से अमेरिकी आर्थिक क्षेत्र से जोड़ा जा सके।
- पेट्रोडॉलर प्रणाली: यह वह वैश्विक व्यवस्था है जिसमें अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल का व्यापार मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में होता है, जिससे डॉलर की लगातार वैश्विक मांग बनी रहती है और अमेरिका की आर्थिक, वित्तीय और भू-राजनीतिक शक्ति मज़बूत होती है।
- यह 1970 के दशक के मध्य में ब्रेटन वुड्स प्रणाली के पतन के बाद सामने आया।
- पेट्रोडॉलर प्रभाव की चरम सीमा: वर्ष 2002 से 2008 के बीच तेल की उच्च कीमतों और अमेरिका की तेल आयात पर निर्भरता के कारण, तेल निर्यातक देशों ने अपने बड़े अधिशेष को अमेरिकी ट्रेज़री बाज़ार में निवेश किया, जिससे अमेरिकी बाॅण्ड की ब्याज दरें कम हुईं और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में भी गिरावट आई।
- शेल क्रांति के बाद संरचनात्मक बदलाव: शेल तेल क्रांति के बाद अमेरिका विश्व का सबसे बड़ा तेल उत्पादक बन गया और वर्ष 2021 से शुद्ध तेल निर्यातक बन चुका है, जिससे पारंपरिक पेट्रोडॉलर प्रणाली की गतिशीलता में महत्त्वपूर्ण बदलाव आया।
- तेल राजस्व के उपयोग में परिवर्तन: सऊदी अरब जैसे तेल उत्पादक देश अब अपने तेल राजस्व का उपयोग अमेरिकी वित्तीय परिसंपत्तियों में बड़े पैमाने पर निवेश करने के बजाय घरेलू बजट घाटों के वित्तपोषण के लिये अधिक कर रहे हैं, जिससे पहले से विद्यमान पूंजी प्रवाह के प्रतिरूप अप्रभावी हो रहे हैं।
- डी-डॉलराइज़ेशन की प्रवृत्ति: अनुमानतः अब वैश्विक कच्चे तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा यूरो और चीनी युआन जैसी गैर-डॉलर मुद्राओं में मूल्यांकित किया जा रहा है, जो तेल व्यापार में डॉलर के घटते प्रभुत्व को दर्शाता है।
- डॉलर और तेल कीमतों के बीच ऐतिहासिक रूप से विद्यमान विलोम (Inverse) संबंध में हाल के वर्षों में तीव्र कमज़ोरी आई है, जो पेट्रोडॉलर प्रणाली के घटते वित्तीय प्रभाव और प्रभुत्व की ओर संकेत करता है।
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