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Rapid Fire (करेंट अफेयर्स): 03 अक्तूबर, 2022

  • 03 Oct 2022
  • 6 min read

विश्व पशु कल्याण दिवस

प्रतिवर्ष 4 अक्तूबर को विश्व पशु कल्याण दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन असीसी के सेंट फ्राँसिस का जन्म दिवस होता है जो कि जानवरों के महान संरक्षक थे। सर्वप्रथम इस दिवस का आयोजन वर्ष 1931 में परिस्थिति विज्ञानशास्रीयों के सम्मलेन में इटली के शहर फ्लोरेंस में शुरू हुआ था। विश्व पशु कल्याण दिवस, 2022 की थीम "साझा ग्रह” (A Shared Planet) है। इस दिवस का मूल उद्देश्य पशु कल्याण मानकों में सुधार करना, व्यक्तियों, समूहों एवं संगठनों का समर्थन प्राप्त करना, जानवरों के प्रति प्यार प्रकट करना ताकि उनका जीवन सक्षम व बेहतर हो सके तथा पशुओ के कल्याण के संदर्भ में जागरूकता फैलाना है। ध्यातव्य है कि देश में पशु संरक्षण को बढ़ावा देने और पशुओं  के प्रति क्रूरता को समाप्त करने हेतु ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960’ लागू किया गया है। इस अधिनियम का लक्ष्य अनावश्यक सज़ा या जानवरों के उत्पीड़न की प्रवृत्ति’ को रोकना है। अधिनियम में क्रूरता और जानवरों का उत्पीड़न करने पर सज़ा का प्रावधान भी है। साथ ही यह अधिनियम जानवरों एवं जानवरों के विभिन्न प्रकारों को परिभाषित करता है।

हरियाणा का राष्‍ट्रीय रिकॉर्ड

गुजरात में 36वें राष्‍ट्रीय खेलों में पुरूषों की 4X400 मीटर रिले दौड़ में हरियाणा ने राष्‍ट्रीय रिकॉर्ड के साथ स्‍वर्ण, सेना ने रजत और तमिलनाडु ने कांस्‍य पदक जीता है। हरियाणा 14 स्‍वर्ण, 7 रजत और 8 कांस्‍य सहित कुल 29 पदक जीतकर शीर्ष पर बना हुआ है। नौ स्‍वर्ण, छह रजत एवं सात कांस्‍य पदकों के साथ सेना दूसरे स्‍थान पर है। उत्‍तर प्रदेश नौ स्‍वर्ण, चार रजत और सात कांस्‍य पदकों के साथ पदक तालिका में तीसरे स्‍थान पर है। महिलाओं की पोल वॉल्‍ट स्पर्द्धा में तमिलनाडु की रोज़ी मीना पॉलराज ने 4.2 मीटर छलांग लगाकर नया राष्‍ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। उन्‍होंने वी. एस. सुरेखा के आठ वर्ष पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा है। जेसविन एल्ड्रिन ने पुरूषों की लंबी कूद में 8.26 मीटर की छलांग लगाकर स्‍वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्‍होंने वर्ष 2023 में हंगरी के बुडापेस्‍ट में होने वाली विश्‍व एथलेटिक्‍स चैंपियनशिप के लिये क्‍वालीफाई कर लिया। महिलाओं की सौ मीटर बाधा दौड़ में राष्‍ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाली आन्‍ध्र प्रदेश की ज्‍योति याराजी ने 11.51  सेकंड का समय लेकर स्‍वर्ण पदक जीता। वर्ष 1920 के दशक में राष्ट्र का ध्यान आकर्षित करने वाले ओलंपिक में राष्ट्रीय खेल शामिल हैं। भारत में राष्ट्रीय खेलों को पहली बार भारतीय ओलंपिक खेलों के रूप में राष्ट्र में ओलंपिक खेलों को बढ़ावा देने के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया था। वर्ष 1924 में अविभाजित पंजाब के लाहौर में भारतीय ओलंपिक खेलों का पहला संस्करण संपन्न हुआ। सात साल बाद होने वाले राष्ट्रीय खेलों में भारत के सर्वश्रेष्ठ एथलीट गुजरात के छह शहरों में 36 खेलों में प्रतिस्पर्द्धा करेंगे। 36वें राष्ट्रीय खेलों के लिये आधिकारिक शुभंकर ‘सावज’ (SAVAJ) है। यह खिलाड़ी के व्यक्तित्व के सबसे प्रमुख लक्षणों जैसे- आत्मविश्वास, जोश, प्रेरणा, सफल होने की आंतरिक इच्छा, ध्यान और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना अदि पर बल देता है। 

जय जवान जय किसान

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्तूबर, 1904 को हुआ था। ध्यातव्य है कि 2 अक्तूबर का यह दिन हमारे देश के दो महापुरुषो को समर्पित है। इस दिन सिर्फ गांधी जी की ही नहीं बल्कि लाल बहादुर शास्त्री जी की भी जंयती मनाई जाती है। इस दिन लोग गांधी जी के विचारों के साथ ही शास्त्री जी के देशप्रेम और त्याग को भी याद करते हैं। लाल बहादुर शास्त्री करोड़ो भारतीयों के प्रेरणा स्त्रोत हैं। वह 1964 से लेकर 1966 तक देश के प्रधानमंत्री रहे, अपने इस छोटे से कार्यकाल में उन्होंने कई महत्त्वपूर्ण कार्य किये। 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्होंने देश में ‘भोजन की कमी’ के बीच सैनिकों और किसानों का मनोबल बढ़ाने के लिये ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया। शास्त्री जी ने प्रधानमंत्री के साथ-साथ स्वाधीनता सेनानी के रुप में भी देश की सेवा की। अपने गुरु महात्मा गांधी के ही लहजे में एक बार उन्होंने कहा था- “मेहनत प्रार्थना करने के समान है।” महात्मा गांधी के समान विचार रखने वाले लाल बहादुर शास्त्री भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठ पहचान हैं।

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