रैपिड फायर
भारतीय तटरक्षक बल (ICG) का स्थापना दिवस
- 03 Feb 2026
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प्रधानमंत्री ने भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के स्थापना दिवस के अवसर पर उसके सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने समुद्री सुरक्षा, आपदा मोचन तथा समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में इस बल की भूमिका की सराहना करते हुए इसे भारत के तटों का एक सुदृढ़ सुरक्षा-कवच बताया।
- गठन एवं इतिहास: भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना 1 फरवरी 1977 को भारतीय समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षा एवं विधि प्रवर्तन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी। इसका गठन नाग समिति (1970) तथा रुस्तमजी समिति (1974–75) की अनुशंसाओं पर आधारित था।
- इसे तटरक्षक अधिनियम, 1978 के अंतर्गत भारत सरकार के एक स्वतंत्र सशस्त्र बल के रूप में औपचारिक रूप से स्थापित किया गया, जिसका आदर्श वाक्य है— “वयम् रक्षामः” (हम रक्षा करते हैं)।
- रणनीतिक आवश्यकता: इस बल का गठन समुद्री तस्करी को रोकने, 'मुंबई हाई' जैसे अपतटीय संसाधनों की रक्षा करने और 'संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून अभिसमय' (UNCLOS) के अनुपालन में भारत के 'विशेष आर्थिक क्षेत्र' (EEZ) की निगरानी के लिये किया गया था।
- संगठनात्मक संरचना: इसका नेतृत्व भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक (DGICG) करते हैं, जो नई दिल्ली स्थित मुख्यालय से अपनी कमान का संचालन करते हैं।
- भारत के समुद्री क्षेत्रों को पूर्वी और पश्चिमी तटों में विभाजित किया गया है, जो पाँच तटरक्षक क्षेत्रों—उत्तर-पश्चिम, पश्चिम, पूर्व, उत्तर-पूर्व और अंडमान एवं निकोबार—को कवर करते हैं। इन क्षेत्रों के मुख्यालय क्रमशः गांधीनगर, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और पोर्ट ब्लेयर में हैं। प्रत्येक क्षेत्र का नेतृत्व एक महानिरीक्षक द्वारा किया जाता है।
- जनादेश: भारतीय तटरक्षक बल (ICG) अपतटीय संसाधनों की सुरक्षा करता है, समुद्री कानूनों को लागू करता है, संकट में फँसे नाविकों की सहायता करता है और समुद्री पर्यावरण की रक्षा करता है। यह वैज्ञानिक डेटा भी एकत्र करता है तथा युद्ध के दौरान नौसेना का समर्थन करता है।
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