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प्रारंभिक परीक्षा

प्रीलिम्स फैक्ट्स: 30 अप्रैल, 2019

  • 30 Apr 2019
  • 5 min read

बोधिसत्व की मूर्ति

हाल ही में, तेलंगाना के फणीगिरी (सूर्यापेट ज़िला) में बोधिसत्व की 1.74 मीटर ऊँची मूर्ति का पता चला है।

  • यह बोधिसत्व की आदमकद प्लास्टर की आकृति है, जिसे इक्ष्वाकु वंश के शासन के दौरान फणीगिरी में लगभग 1700 साल पहले कारीगरों द्वारा बनाया गया था।

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  • एक ऐसा व्यक्ति जिसने प्रज्ञा या आत्मज्ञान प्राप्त कर लिया हो, लेकिन जो दूसरों को ज्ञान प्राप्त करने में मदद के लिये अपने निर्वाण को स्थगित करता हो बोधिसत्व कहलाता है।
  • बोधिसत्व कुछ संप्रदायों में भक्ति का विषय हैऔर इसका वर्णन अक्सर चित्रकला और मूर्तिकला में किया जाता है।

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम पर समिति

हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (National Clean Air Programme-NCAP) को लागू करने हेतु एक समिति का गठन किया है।

  • गौरतलब है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य 2024 तक कम से कम 102 शहरों में पार्टिकुलेट मैटर (PM) को 20%-30% तक कम करना है।
  • इस समिति की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के सचिव करेंगे और इसमें विद्युत् मंत्रालय, ऊर्जा संसाधन संस्थान (The Energy Resources Institute- TERI) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-कानपुर (IIT-K) के सदस्य होंगे।
  • इस समिति का मुख्यालय नई दिल्ली में होगा और राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिये मार्गदर्शन और निर्देश देगी।

क्या है NCAP?

  • यह वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिये व्यापक और समयबद्ध रूप से बनाया गया पाँच वर्षीय कार्यक्रम है।
  • इसमें संबद्ध केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों और अन्य हितधारकों के बीच प्रदूषण एवं समन्वय के सभी स्रोतों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
  • इसका प्रमुख लक्ष्य वायु प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और उन्मूलन के लिये काम करना है।
  • देश के ज़्यादातर शहरों में गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिये पर्यावरण मंत्रालय की इस देशव्यापी योजना के तहत अगले पाँच वर्षों में 102 प्रदूषित शहरों की वायु को स्वच्छ करने का लक्ष्य रखा गया है।

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वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिये राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम


गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार

लाइबेरिया के पर्यावरण कार्यकर्त्ता और वकील, अल्फ्रेड ब्राउनेल (Alfred Brownell ) उन छह कार्यकर्त्ताओं में से हैं जिन्हें गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

  • गौरतलब है कि अल्फ्रेड ब्राउनेल ने एक कंपनी को उष्णकटिबंधीय वर्षावनों को ताड़ के बागानों में बदलने से रोका था।
  • अन्य कार्यकर्त्ता इस प्रकार हैं-

♦ लिंडा गार्सिया (Linda Garcia)

♦ एना कोलोविक लेसोस्का (Ana Colovic Lesoska)

♦ बयरजर्गल अग्वांतसेरें (Bayarjargal Agvaantseren)

♦ जैकलीन इवांस (Jacqueline Evans)

♦ अल्बर्टो करामिल (Alberto Curamil)

  • वर्ष 2019 गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार का 30वाँ वर्ष है।

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  • यह पुरस्कार दुनिया के छह मानव सभ्यता वाले इलाकों – अफ्रीका, एशिया, यूरोप, द्वीप एवं द्विपीय देश, उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी एवं मध्य अमेरिका – में जमीनी स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को दिया जाता है।
  • पहला गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार पृथ्वी दिवस के दिन 1990 में  दिया गया था।
  • सैनफ्रांसिस्को के गोल्डमैन पर्यावरण फाउंडेशन द्वारा हर वर्ष दिया जाने वाला यह पुरस्कार ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले पर्यावरण कार्यकर्त्ताओं को दिया जाता है।
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