प्रयागराज शाखा पर IAS GS फाउंडेशन का नया बैच 10 जून से शुरू :   संपर्क करें
ध्यान दें:

डेली अपडेट्स


प्रारंभिक परीक्षा

नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन

  • 11 Feb 2023
  • 4 min read

नॉर्ड स्ट्रीम गैस पाइपलाइन्स में बमबारी (सितंबर 2022) को लेकर हाल ही में खोजी पत्रकारों द्वारा किये गए दावों ने बहस और विवाद को जन्म दिया है।

Bornholm

नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन: 

  • परिचय:  
    • नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन प्राकृतिक गैस पाइपलाइन है जो रूस और जर्मनी को जोड़ने वाले बाल्टिक सागर के नीचे से गुज़रती है।
      • इस पाइपलाइन का निर्माण यूक्रेन जैसे पारंपरिक पारगमन प्रणाली वाले देशों के बजाय रूस से यूरोप तक प्राकृतिक गैस के परिवहन के उद्देश्य से किया गया था। 
    • नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन की पहली लाइन का निर्माण कार्य वर्ष 2011 में तथा दूसरी का वर्ष 2012 में पूरा हुआ था और तब से यह यूरोप के लिये प्राकृतिक गैस का प्रमुख स्रोत बन गई है।
      • नॉर्ड स्ट्रीम-1, जल के नीचे से गुज़रने वाली 1,224 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन है जो बाल्टिक सागर के माध्यम से पूर्वोत्तर जर्मनी के लुबमिन को उत्तर-पश्चिम रूस में वायबोर्ग से जोड़ती है। 
      • नॉर्ड स्ट्रीम- 2, जो लेनिनग्राद (रूस) में उस्त-लुगा से लुबमिन तक विस्तृत है, एक बार पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद इसमें प्रतिवर्ष 55 बिलियन क्यूबिक मीटर गैस के परिवहन की क्षमता है।
  • हालिया समस्या:  
    • सितंबर 2022 में बाल्टिक सागर में जल के भीतर विस्फोटों की एक शृंखला ने नॉर्ड स्ट्रीम- 1 और 2 पाइपलाइन्स को काफी क्षति पहुँचाई।
      • भूकंप विज्ञानियों ने रिसाव का कारण उस क्षेत्र में समुद्र के नीचे विस्फोट होना बताया है
  • महत्त्व:  
    • नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन यूरोप और रूस दोनों के लिये आर्थिक एवं राजनीतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।
    • यूरोप के लिये:
      • नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन प्राकृतिक गैस का एक विश्वसनीय और लागत प्रभावी स्रोत होने के साथ ही इस क्षेत्र के कई देशों के लिये ऊर्जा का महत्त्वपूर्ण स्रोत है।
      • कई यूरोपीय व्यवसायों का नॉर्ड स्ट्रीम 2 में बड़ा निवेश है और इन व्यवसायों का सरकारों पर दबाव भी बना रहता है।
        • आखिरकार रूस द्वारा गैस आपूर्ति में कमी किये जाने के कारण पहले से ही गैस की ऊँची कीमतों में और वृद्धि होगी तथा यह घरेलू स्तर पर अधिक लाभकारी नहीं होगा।
    • रूस: 
      • रूस, जिसके पास दुनिया में सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार मौजूद है, के कुल बजट का लगभग 40% हिस्सा गैस एवं तेल की बिक्री से प्राप्त होता है।
      • इसके अलावा नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन रूस को यूरोप के ऊर्जा बाज़ारों पर अपना प्रभाव बढ़ाने का एक तरीका प्रदान करती है क्योंकि यह इस क्षेत्र में प्राकृतिक गैस का एक प्रमुख आपूर्तिकर्त्ता है।  

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

close
एसएमएस अलर्ट
Share Page
images-2
images-2