प्रारंभिक परीक्षा
NPS सुधारों के लिये MS साहू समिति
- 16 Jan 2026
- 50 min read
पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत सुनिश्चित भुगतान के लिये एक नियामक ढाँचा तैयार करने हेतु उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसका उद्देश्य सेवानिवृत्ति के बाद आय की निश्चितता सुनिश्चित करना है।
- एक अलग विकास में PFRDA ने NPS वत्सल्य योजना 2025 दिशा-निर्देश जारी किये हैं, जो NPS वत्सल्य के संबंध में व्यापक जानकारी प्रदान करते हैं।
NPS पर नवगठित समिति के प्रमुख तथ्य क्या हैं?
- परिचय: यह 15-सदस्यीय पैनल है, जिसका नेतृत्व एम. एस. साहू, भारत के भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (IBBI) के पूर्व अध्यक्ष, कर रहे हैं। इसे संरचित पेंशन भुगतान पर स्थायी सलाहकार समिति के रूप में गठित किया गया है और यह परामर्श के लिये बाहरी विशेषज्ञों को आमंत्रित कर सकती है।
- उद्देश्य: मुख्य उद्देश्य NPS के तहत कानूनी रूप से लागू होने वाली, बाज़ार-आधारित गारंटी के लिये दिशा-निर्देश तैयार करना है।
- इसमें मुख्य पैरामीटरों को परिभाषित करना शामिल है, जैसे लॉक-इन अवधि और मूल्य निर्धारण, पूंजी आवश्यकताओं के साथ जोखिम प्रबंधन मानदंड स्थापित करना एवं सिस्टम में होने वाले भुगतान पर कर के प्रभावों की जाँच करना।
- महत्त्व: यह तंत्र 'एग्जिट फ्लेक्सिबिलिटी' के बजाय 'रिटायरमेंट इनकम सर्टेंटी' (सेवानिवृत्ति आय की निश्चितता) की ओर एक बड़ा बदलाव है, जो भारत की पेंशन प्रणाली में एक महत्त्वपूर्ण कमी को दूर करता है। इसका उद्देश्य दीर्घकालिक अवधि की बचत में विश्वास बढ़ाना और वित्तीय सुरक्षा को मज़बूत करना है, जिससे वृद्धावस्था में वित्तीय स्वतंत्रता की “विकसित भारत 2047” की दृष्टि साकार हो सके।
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)
- परिचय: 1 जनवरी, 2004 को लागू की गई नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) एक बाज़ार-आधारित, योगदान आधारित पेंशन योजना है, जिसे व्यक्तियों को सेवानिवृत्ति के समय नियमित आय प्रदान करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। यह योजना पूर्ववर्ती पेंशन प्रणाली (OPS) की जगह लेती है।
- NPS का संचालन: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को PFRDA द्वारा PFRDA अधिनियम, 2013 के अंतर्गत प्रबंधित किया जाता है। यह योजना कर्मचारी और सरकार द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित होती है। कर्मचारी अपनी मूल वेतन और डियरनेस अलाउंस (DA) का 10% योगदान करते हैं, जिसे सरकार 14% की समान योगदान राशि से मिलाती है।
- अभिदाता (सब्सक्राइबर) अपनी अंशदान राशि के निवेश के लिये विभिन्न योजनाओं, पेंशन फंड प्रबंधकों तथा निजी कंपनियों में से चयन कर सकते हैं। OPS के विपरीत, NPS में सुनिश्चित पेंशन की गारंटी नहीं होती है।
- NPS की आवश्यकता: पूर्ववर्ती OPS एक अनिधारित (Unfunded) प्रणाली थी, जिसमें कोई समर्पित कोष (Dedicated Corpus) नहीं था। इसके परिणामस्वरूप सरकार की पेंशन देनदारियाँ वर्ष 1990-91 में ₹3,272 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2020-21 में ₹1.9 लाख करोड़ से अधिक हो गईं, जिससे राजकोष पर अस्थिर एवं असहनीय वित्तीय बोझ उत्पन्न हुआ।
- UPS की ओर संक्रमण: OPS की तुलना में कम सुनिश्चित प्रतिफल तथा कर्मचारियों के अंशदान की अनिवार्यता के कारण उत्पन्न विरोध को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2023 में सोमनाथन समिति का गठन किया। समिति की अनुशंसाओं के आधार पर नई एकीकृत पेंशन योजना (Unified Pension Scheme- UPS) लाई गई है, जिसका उद्देश्य सेवानिवृत्ति के पश्चात आय की अधिक सुनिश्चितता पर केंद्रित होना है।
NPS वात्सल्य क्या है?
- परिचय: NPS वात्सल्य राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत विशेष रूप से नाबालिगों की वित्तीय सुरक्षा हेतु तैयार की गई एक समर्पित, दीर्घकालिक अंशदायी बचत योजना है। इसका उद्देश्य कम आयु से ही बचत की संस्कृति एवं वित्तीय साक्षरता को प्रोत्साहित करना है, ताकि भविष्य के लिये एक सुदृढ़ वित्तीय आधार तैयार किया जा सके।
- पात्रता एवं परिचालन विशेषताएँ: यह योजना 18 वर्ष से कम आयु के सभी भारतीय नागरिकों के लिये, जिनमें NRI/OCI भी शामिल हैं, उपलब्ध है। इसमें नाबालिग ही एकमात्र लाभार्थी होता है।
- यह अकाउंट नाबालिग के नाम पर खोला जाता है, लेकिन इसे माता-पिता/कानूनी अभिभावक ऑपरेट करते हैं।
- न्यूनतम प्रारंभिक तथा वार्षिक अंशदान ₹250 निर्धारित है, जबकि अधिकतम अंशदान की कोई सीमा नहीं है; अंशदान उपहार के रूप में भी किया जा सकता है।
- निकासी संबंधी प्रावधान: इसके अंतर्गत तीन वर्ष पूरे होने के बाद शिक्षा और चिकित्सा जैसे निर्धारित उद्देश्यों के लिये आंशिक निकासी की अनुमति दी जाती है, जो नाबालिग द्वारा किये गए स्वयं के अंशदान के अधिकतम 25% तक सीमित होती है।
- बालिग होने पर परिवर्तन: 18 से 21 वर्ष की आयु के बीच, अभिदाता NPS वात्सल्य जारी रख सकता है, NPS टियर-I में स्थानांतरण कर सकता है, या योजना से बाहर निकलने का विकल्प चुन सकता है।
- निकासी संबंधी नियम यह निर्धारित करते हैं कि मूल/आधारभूत निधि का न्यूनतम 20% वार्षिकी खरीदने के लिये उपयोग किया जाए और यदि कुल मूल/आधारभूत निधि 8 लाख रुपये या उससे कम है तो पूर्ण निकासी की अनुमति है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. MS साहू समिति का उद्देश्य क्या है?
इस समिति को सेवानिवृत्ति के बाद आय की निश्चितता बढ़ाने के लिये NPS के तहत विधिक रूप से लागू करने योग्य, बाज़ार-आधारित गारंटित भुगतान के लिये दिशा-निर्देश तैयार करने का कार्य सौंपा गया है।
2. NPS, ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) से किस प्रकार भिन्न है?
OPS के विपरीत, NPS बाज़ार से जुड़ा हुआ है, अंशदायी है और एक सुनिश्चित पेंशन प्रदान नहीं करता है, जिसमें कर्मचारी (10%) एवं सरकार (14%) दोनों का योगदान होता है।
3. NPS वात्सल्य योजना के लिये कौन पात्र है?
18 वर्ष से कम आयु के सभी भारतीय नागरिक, जिनमें गैर-निवासी/स्थानीय भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिनके लिये नाबालिग एकमात्र लाभार्थी हैं और जिसका संचालन माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा किया जाता है।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न
प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में सम्मिलित हो सकता है? (2017)
(a) केवल निवासी भारतीय नागरिक
(b) केवल 21 से 55 तक की आयु के व्यक्ति
(c) राज्य सरकारों के सभी कर्मचारी, जो संबंधित राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचना किये जाने की तारीख के पश्चात सेवा में आए हैं
(d) सशस्त्र बलों समेत केंद्र सरकार के सभी कर्मचारी, जो 1 अप्रैल, 2004 को या उसके बाद सेवाओं में आए हैं
उत्तर: (c)
प्रश्न. 'अटल पेंशन योजना' के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (2016)
- यह एक न्यूनतम गारंटित पेंशन योजना है, जो मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों को लक्ष्य बनाती है।
- परिवार का केवल एक ही व्यक्ति इस योजना में शामिल हो सकता है।
- अभिदाता (सब्स्क्राइबर) की मृत्यु के पश्चात जीवनसाथी को आजीवन पेंशन की समान राशि गारंटित रहती है।
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये।
(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (c)