रैपिड फायर
पेनिसिलिन G पर न्यूनतम आयात मूल्य
- 03 Feb 2026
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हाल ही में केंद्र सरकार ने आयात को विनियमित करने के लिये प्रमुख औषधीय इनपुट पेनिसिलिन G और उसके लवण 6-APA तथा एमोक्सिसिलिन पर न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) लागू किया है।
- इस कदम का उद्देश्य विशेष रूप से चीन से होने वाले अल्प लागत आयात पर अंकुश लगाना है, जो घरेलू सक्रिय औषधीय घटक (API) उत्पादकों की संधारणीयता के लिये खतरा हैं।
- वर्तमान में चीन भारत के औषधि उद्योग में प्रयुक्त कच्चे माल का लगभग 70% आपूर्ति करता है, जिसकी अनुमानित कीमत 10–12 अरब डॉलर है, जो भारत की आयात-निर्भरता को दर्शाता है।
- यह MIP एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा; हाँलाकि पूर्णतया निर्यातोन्मुख इकाइयों (EOU), विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) इकाइयों तथा अग्रिम प्राधिकरण के अंतर्गत होने वाले आयात को इससे छूट दी गई है, बशर्ते इन इनपुट्स को घरेलू प्रशुल्क क्षेत्र में न बेचा जाए।
- न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) सरकार द्वारा निर्धारित एक अस्थायी न्यूनतम मूल्य होता है, जिसके नीचे विशिष्ट वस्तुओं का आयात नहीं किया जा सकता; इसका उद्देश्य घरेलू उद्योगों को सस्ते, शोषणकारी अथवा डंप किये गए आयात से संरक्षण प्रदान करना है।
- यह निर्णय उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (PLI) योजना तथा नवंबर में सल्फाडायज़ीन पर लगाए गए MIP जैसे पूर्व उपायों के क्रम में है और स्थानीय उपभोग हेतु आयात को सीमित करते हुए—निर्यात को प्रभावित किये बिना—घरेलू विनिर्माण को समर्थन देने तथा वहनीयता बनाए रखने के बीच संतुलन स्थापित करता है।
पेनिसिलिन G
- बेंज़ाइलपेनिसिलिन (पेनिसिलिन G) एक संकीर्ण-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक है, जिसका उपयोग संवेदनशील जीवाणुओं द्वारा उत्पन्न संक्रमणों के उपचार में किया जाता है।
- मुख से इसका सेवन करने पर इसका अवशोषण अनुपयुक्त होने के कारण, इसे अंतःशिरा या अंतःमाँसपेशीय रूप में दिया जाता है और कुछ मामलों में इसका उपयोग संवेदनशील जीवों से सुरक्षा प्रदान करते हुए निवारक (प्रोफिलैक्टिक) उपचार के लिये भी किया जाता है।
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पेनिसिलिन G क्या है? |
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पेनिसिलिन G एक सक्रिय औषधीय घटक (Active Pharmaceutical Ingredient—API) है, जिसका उपयोग कई सामान्य प्रतिजैविक दवाओं में किया जाता है। API किसी भी दवा का प्रमुख घटक होता है, जो वांछित चिकित्सकीय प्रभाव उत्पन्न करने के लिये उत्तरदायी होता है। अन्य अनेक API की भाँति सस्ते चीनी उत्पादों के कारण भारतीय बाज़ार में पेनिसिलिन का उत्पादन क्रमशः समाप्त हो गया। भारत में पेनिसिलिन के अंतिम संयंत्र का उत्पादन अहमदाबाद स्थित टॉरेंट फार्मा में बंद हो गया है। |
संयुक्त राज्य अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, पेनिसिलिन एक लक्ष्य-विशिष्ट प्रतिजैविक है, जिसका उपयोग निमोनिया, मेनिनजाइटिस, गोनोरिया, सिफलिस आदि जैसे कई गंभीर जीवाणु संक्रमणों के उपचार में किया जाता है। अपर्याप्त अवशोषण के कारण पेनिसिलिन सामान्यतः अंतःशिरा (Intravenous) या अंतःमाँसपेशीय (Intramuscular) रूप से दिया जाता है। कुछ रोगियों में पेनिसिलिन के दुष्प्रभाव भी देखे गए हैं। |
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