रैपिड फायर
भारत में कवच 4.0 प्रणाली के दायरे का विस्तार
- 06 Feb 2026
- 15 min read
भारतीय रेल ने हाल ही में एक ही दिन में कवच संस्करण 4.0 के रिकॉर्ड 472.3 रूट किलोमीटर का कमीशन किया, जो किसी एक दिन और एक महीने में अब तक का सर्वाधिक विस्तार है।
- यह कमीशनिंग पश्चिमी, उत्तरी और पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख खंडों को कवर करती है, जिससे पाँच रेलवे ज़ोन में कवच 4.0 का कुल कवरेज बढ़कर 1,306.3 रूट किलोमीटर हो गया है।
कवच
- परिचय: कवच भारत की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (Automatic Train Protection- ATP) प्रणाली है, जिसे वर्ष 2012 से ट्रेन टक्कर परिहार प्रणाली (Train Collision Avoidance System- TCAS) के रूप में विकसित किया गया था और बाद में इसका नाम बदलकर कवच (‘Armour’) रखा गया।
- कवच संस्करण 4.0: कवच 4.0 भारत की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का अब तक का सबसे उन्नत संस्करण है, जिसे परिचालन अनुभव के आधार पर निरंतर उन्नत करते हुए विकसित किया गया है।
- डिज़ाइन एवं उपयुक्तता: इसे भारत के उच्च-घनत्व, बहु-लाइन रेल नेटवर्क के लिये डिज़ाइन किया गया है, जो तीव्र प्रतिक्रिया, अधिक विश्वसनीयता तथा मौजूदा सिग्नलिंग और इंटरलॉकिंग प्रणालियों के साथ निर्बाध एकीकरण प्रदान करता है।
- प्रौद्योगिकी आधार: कवच माइक्रोप्रोसेसरों, वैश्विक स्थिति निर्धारण प्रणाली (GPS) और रेडियो संचार को एकीकृत करता है, ताकि ट्रेन की स्थिति, गति और सिग्नलिंग स्थिति की निरंतर निगरानी की जा सके।
- सुरक्षा कार्य: यह प्रणाली सिग्नल को जोखिम की स्थिति में पार करने (Signal Passing at Danger- SPAD) से स्वतः रोकती है, अधिक गति पर नियंत्रण करती है, टक्कर से बचाव हेतु ब्रेक लगाती है, कम दृश्यता/प्रतिकूल मौसम में सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करती है तथा गलत दिशा में होने वाली गति और समपार फाटकों (लेवल-क्रॉसिंग गेट्स) के बारे में लोको पायलट को सतर्क करती है।
- यह सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल (SIL)-4, जो वैश्विक रेलवे सुरक्षा का सर्वोच्च मानक है, का अनुपालन करता है और इसे रिसर्च डिज़ाइंस एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइज़ेशन (RDSO) द्वारा अनुमोदित किया गया है।
|
और पढ़ें: कवच: स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली |
