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जीरोसाइंस

  • 17 Apr 2024
  • 2 min read

स्रोत: द हिंदू 

शोधकर्त्ताओं ने DNA मिथाइलेशन का अध्ययन करके उम्र बढ़ने की गति को मापने हेतु एक रक्त परीक्षण विकसित किया है।

  • यह रक्त परीक्षण इस बात की जाँच करता है, कि कैसे एक एंज़ाइम वृद्ध वयस्कों के DNA में मिथाइल समूह जोड़ता है, जिससे इस प्रक्रिया और उम्र बढ़ने के बीच संबंध का पता चलता है।

जीरोसाइंस:

  • यह उम्र बढ़ने और उम्र से संबंधित बीमारियों के जैविक तंत्र को समझने पर केंद्रित अंतःविषयक क्षेत्र को संदर्भित करता है।
  • इसमें DNA मिथाइलेशन, एंज़ाइम गतिविधि (जैसे गेरोज़ाइम (उम्र बढ़ने से जुड़े एंज़ाइम), सामाजिक-आर्थिक प्रभाव और पोषण, व्यायाम व संगीत आधारित चिकित्सा जैसे जीवनशैली हस्तक्षेप सहित विभिन्न कारकों का अध्ययन शामिल है।
    • DNA मिथाइलेशन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें DNA अणु में मिथाइल समूह (CH3) को जोड़ा जाता है। यह जीन अभिव्यक्ति को विनियमित करने और जीनोम स्थिरता बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • इसका उद्देश्य उम्र बढ़ने और मनोभ्रंश (dementia) जैसे- उम्र से संबंधित स्थितियों से निपटने के लिये उम्र बढ़ने से संबंधित विशिष्ट प्रक्रियाओं को लक्षित करने वाली औषधि जैसी रणनीतियाँ विकसित करना है।

Geroscience

और पढ़ें: जीनोम इंडिया प्रोजेक्ट, इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023

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