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वित्तीय अपराधों पर FIU-IND और I4C के बीच MoU

  • 11 Apr 2026
  • 15 min read

स्रोत: पीआईबी

फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (FIU-IND) और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने खुफिया जानकारी साझा करने के लिये एक समन्वित ढाँचा स्थापित करने हेतु एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये हैं, जिसका उद्देश्य भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को सुरक्षित करना और साइबर-सक्षम वित्तीय अपराधों का सामना करना है।

  • उद्देश्य: यह साझेदारी धोखाधड़ी का पता लगाने, वित्तीय अपराधों को रोकने और संपत्ति की वसूली की सुविधा के लिये ‘संपूर्ण सरकार’ के दृष्टिकोण अपनाती है।
  • परिचालन तालमेल: MoU वित्तीय संस्थानों के लिये संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की सक्रिय रूप से पहचान करने हेतु रेड फ्लैग इंडिकेटर और दिशा-निर्देश विकसित करने में सक्षम बनाता है।
  • रणनीतिक प्रभाव: इस सहयोग का उद्देश्य दूरसंचार और बैंकिंग संसाधनों के दुरुपयोग को कम करना है, जो भारत की तेज़ी से बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिये मज़बूत सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करता है।

FIU-IND

  • मनी लॉन्ड्रिंग एवं आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने वाली यह एक केंद्रीय राष्ट्रीय एजेंसी है। यह संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण, प्रसंस्करण और जानकारी साझा करने के लिये मुख्य रूप से उत्तरदायी है।

I4C: 

  • यह गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन एक संबद्ध कार्यालय है, जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) को साइबर अपराध की चुनौतियों से निपटने हेतु एक प्रभावी पारिस्थितिक तंत्र उपलब्ध कराता है।
  • I4C द्वारा नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP), सस्पेक्ट रजिस्ट्री और साइबर-पुलिस जैसे सुरक्षित प्लेटफॉर्म विकसित किये गए हैं। ये तंत्र वित्तीय एवं दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोककर ऑनलाइन धोखाधड़ी के विरुद्ध सक्रिय कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं तथा बैंकों व अन्य हितधारकों के मध्य समन्वय स्थापित करते हैं।
    • ये प्लेटफॉर्म दूरसंचार, बैंकिंग और अन्य संबंधित संसाधनों के दुरुपयोग के खिलाफ सक्रिय कार्रवाई को सक्षम बनाकर ऑनलाइन वित्तीय अपराधों सहित साइबर अपराधों से निपटने में मदद करते हैं ।
और पढ़ें: भारत में साइबर धोखाधड़ी

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