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छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि

  • 04 Apr 2026
  • 16 min read

स्रोत: पीआईबी

केंद्रीय गृहमंत्री एवं सहकारिता मंत्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि (Death Anniversary) पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • छत्रपति शिवाजी महाराज: 19 फरवरी, 1630 को पुणे के निकट शिवनेरी किले में जन्मे, मराठा साम्राज्य के संस्थापक और एक दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने मुगल शासन का विरोध किया तथा स्वशासन का समर्थन किया।
  • हिंदवी स्वराज का विज़न: कम आयु में ही शिवाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज (स्वशासन) की स्थापना का संकल्प लिया, जो स्वदेशी संप्रभुता, नैतिक शासन और विदेशी प्रभुत्व से मुक्त राजनीतिक स्वतंत्रता की एक प्रगतिशील अवधारणा थी।
    • उन्होंने स्वधर्म (अपने धर्म/कर्त्तव्य), स्वराज (स्वशासन) और स्वभाषा (अपनी भाषा) के मूल आदर्शों के आसपास जनसमूह को सफलतापूर्वक एकजुट किया तथा प्रशासन की भाषा के रूप में फारसी के स्थान पर जानबूझकर मराठी और संस्कृत को अपनाया।
  • शिवाजी महाराज द्वारा लड़ी गई प्रमुख लड़ाइयाँ: प्रतापगढ़ का युद्ध (1659), पवन खिंड का युद्ध (1660), सूरत का युद्ध (1664), पुरंदर का युद्ध (1665), सिंहगढ़ का युद्ध (1670) और संगमनेर का युद्ध (1679)।
    • वाघ नख का उपयोग शिवाजी महाराज ने 1659 के प्रतापगढ़ के युद्ध में अफज़ल खान को मारने के लिये किया था।
  • सैन्य एवं नौसैनिक प्रतिभा: वे अपनी नवाचारी गुरिल्ला युद्धक रणनीतियों (गनिमी कावा) के लिये विश्व भर में प्रसिद्ध हैं और एक सशक्त नौसेना तथा तटीय किलों (जैसे– सिंधुदुर्ग) के निर्माण के कारण भारतीय नौसेना के जनक’ के रूप में सम्मानित किये जाते हैं, जिससे पश्चिमी तटरेखा की सुरक्षा सुनिश्चित हुई।
  • प्रशासन: उन्होंने अष्टप्रधान मंडल (आठ मंत्रियों की परिषद) के आधार पर एक सुदृढ़ शासन व्यवस्था का नेतृत्व किया।
    • उन्होंने उत्पादकों से सीधे राजस्व आकलन और संग्रह की एक प्रणाली पेश की, जिससे मध्यस्थों के शोषण में कमी आई।
  • उपाधियाँ: उन्हें छत्रपति, शककर्त्ता, क्षत्रिय कुलावतंस और हिंदव धर्मोद्धारक जैसी उपाधियों से सम्मानित किया गया, जो उनकी संप्रभुता, वीर वंश परंपरा और धर्म के संरक्षक के रूप में उनकी भूमिका को दर्शाती हैं।
  • अंतिम दिन: उनका निधन 3 अप्रैल, 1680 को रायगढ़ किले में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुआ।

Chhatrapati_Shivaji_Maharaj

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