रैपिड फायर
अभ्यास 'दस्तलिक' का 7वाँ संस्करण
- 13 Apr 2026
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भारतीय सशस्त्र बल, भारत-उज़्बेकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास, दस्तलिक के 7वें संस्करण में उज़्बेकिस्तान के नमनगन में भाग लेने के लिये तैयार है, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय सैन्य सहयोग और परिचालन तालमेल को बढ़ाना है।
- अभ्यास दस्तलिक: यह अभ्यास पहली बार वर्ष 2019 में आयोजित किया गया था, जो एक वार्षिक द्विपक्षीय कार्यक्रम है और बारी-बारी से भारत एवं उज़्बेकिस्तान में आयोजित किया जाता है।
- 7वें संस्करण में उज़्बेकिस्तान सशस्त्र बलों के कर्मियों के साथ त्रि-सेवा एकीकरण प्रशिक्षण शामिल है।
- प्राथमिक उद्देश्य: इस अभ्यास का उद्देश्य रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करना और अर्द्ध-पहाड़ी इलाकों में संयुक्त परिचालन क्षमताओं को बढ़ाना है।
- यह संयुक्त सामरिक अभ्यासों, हमले मिशनों और भूमि नेविगेशन अभ्यासों के माध्यम से एक यूनिफाइड कमांड-एंड-कंट्रोल फ्रेमवर्क को विकसित करने पर केंद्रित है, जिसकी परिणति अवैध सशस्त्र समूहों को निष्प्रभावी करने के लिये विशेष अभियानों में होती है।
उज़्बेकिस्तान
- स्थान: उज़्बेकिस्तान मध्य एशिया में एक स्थलरुद्ध देश है, जिसकी सीमाएँ कज़ाखस्तान (उत्तर), किर्गिजस्तान (पूर्वोत्तर), ताजिकिस्तान (दक्षिण-पूर्व), अफगानिस्तान (दक्षिण) और तुर्कमेनिस्तान (दक्षिण-पश्चिम) से लगती हैं।
- भौतिक विशेषताएँ: देश में बड़े पैमाने पर शुष्कता पाई जाती है, जिसका अधिकांश भाग क्यज़िलकुम रेगिस्तान और तुरान मैदान से आच्छादित है।
- तियान शान, हिसार और अलाय जैसी पर्वत शृंखलाएँ पूर्व में स्थित हैं, जबकि फरगाना घाटी और ज़ेरावशान घाटी जैसे उपजाऊ क्षेत्र कृषि और समरकंद तथा बुखारा जैसे ऐतिहासिक शहरों का समर्थन करते हैं।
- प्रमुख महत्त्व: यह एक दोहरा स्थलरुद्ध देश है (केवल स्थलरुद्ध देशों से घिरा हुआ है); ऐसा एकमात्र अन्य देश लिकटेंस्टीन है।
- उज़्बेकिस्तान मध्य एशिया में सामरिक महत्त्व रखता है, इसमें कराकल्पकस्तान का स्वायत्त क्षेत्र शामिल है और यह क्षेत्रीय भू-राजनीति तथा मध्य एशिया के साथ भारत के जुड़ाव में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
