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एलीफैंटा द्वीप पर मिला 1500 वर्ष पुराना सीढ़ीदार जलाशय

  • 09 Apr 2026
  • 17 min read

स्रोत: द हिंदू 

भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण (ASI) ने मुंबई तट के पास एलीफैंटा द्वीप पर एक परिष्कृत 1,500 वर्ष पुराना सीढ़ीदार जलाशय खोदकर निकाला है, जो इस क्षेत्र के प्राचीन उन्नत जल प्रबंधन तंत्रों और मज़बूत समुद्री व्यापार संबंधों पर प्रकाश डालता है।

  • सीढ़ीदार जलाशय की खोज: यह संरचना T-आकार की है और इसमें 20 सटीक रूप से संरेखित पत्थर की सीढ़ियाँ हैं, जो मुख्य भूमि से लाए गए खंडों से निर्मित हैं; यह द्वीप की चट्टानी भू-आकृति पर मानसूनी बहाव को कुशलतापूर्वक संचित करने हेतु अभिकल्पित उन्नत इंजीनियरिंग को दर्शाती है।
  • न्यूमिस्मैटिक (सिक्के) की खोज: लगभग 60 सिक्के (तांबे, सीसे, चांदी के) मिले, जिनमें कृष्णराज के सिक्के भी शामिल हैं, जो राजनीतिक और कालानुक्रमिक संदर्भ की पुष्टि करते हैं।
    • तांबे के विभिन्न सिक्के कलचुरी वंश (छठी शताब्दी ईस्वी) के शासक कृष्णराज के काल से संबंधित हैं, जिनको अग्रभाग पर बैठे बैल के चित्र और पीछे की ओर 'श्री कृष्णराज' लेख के साथ एक मंदिर के प्रतीक द्वारा पहचाना जा सकता है।
  • वैश्विक समुद्री व्यापार के साक्ष्य: लगभग 3,000 एंफोरी मृद्भांडों के टुकड़े (भूमध्यसागरीय मूल) और टारपीडो जार (पश्चिम एशिया, जिसमें मेसोपोटामिया शामिल है) की खोज प्रारंभिक ऐतिहासिक काल और दूसरी शताब्दी ईस्वी के दौरान रोम और पश्चिम एशिया के साथ द्वीप के सक्रिय लंबी दूरी के समुद्री व्यापार की पुष्टि करती है।
  • औद्योगिक और सांस्कृतिक कलाकृतियाँ: उत्खनन से एक ईंट की संरचना का पता चला, जो वस्त्र संबंधी आर्थिक गतिविधि का संकेत देती हैं।
    • अन्य महत्त्वपूर्ण खोजों में टेराकोटा की मूर्तियाँ, काँच और पत्थर की चूड़ियाँ, कारेलियन और क्वार्ट्ज़ मनके शामिल हैं, जो सांस्कृतिक और शिल्प गतिविधियों को दर्शाते हैं।
  • ऐतिहासिक भूगोल: ऐतिहासिक रूप से एलीफैंटा द्वीप ने तीन अलग-अलग बंदरगाह के स्थानों– मोरबंदर, राजबंदर और शेठबंदर से मिलकर एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में कार्य किया।
  • मौज़ूदा विरासत संदर्भ: ये नई खोजें एलीफैंटा द्वीप में एक समृद्ध परत को जोड़ती हैं, जो पहले से ही एलीफैंटा की गुफाओं के लिये विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हैं, जिनमें 5वीं शताब्दी ईस्वी की विशाल शैल-कर्तित गुफाएँ और भगवान शिव को समर्पित मूर्तियाँ शामिल हैं।

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