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विश्व बैंक ऋण के लिये सार्वभौमिक पात्रता

  • 21 Sep 2020
  • 4 min read

प्रिलिम्स के लिये

विश्व बैंक समूह, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना

मेन्स के लिये

विश्व बैंक ऋण के लिये सार्वभौमिक पात्रता

चर्चा में क्यों?

हाल ही में विश्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि COVID-19 से निपटने के लिये भारत द्वारा मई, 2020 में लिया गया 1 बिलियन डॉलर का ऋण खरीद (Procurements) में सार्वभौमिक पात्रता की शर्त के अंतर्गत आता है।

प्रमुख बिंदु:

  • विश्व बैंक के पास खरीद दस्तावेज़ों की समीक्षा करने, परियोजना से संबंधित सभी खातों, रिकॉर्ड एवं अन्य फाइलों का निरीक्षण करने का अधिकार होता है। 
    • विश्व बैंक द्वारा जारी की जाने वाली फंडिंग के लिये इन शर्तों का अनुपालन अनिवार्य कर दिया गया है।
  • विश्व बैंक के स्पष्टीकरण के बाद भारत सरकार ने अपनी सभी उत्पादन इकाइयों और अन्य प्रमुख प्रतिष्ठानों को निविदाओं में अधिमान्य संदर्भों को हटाने के लिये और यह सुनिश्चित करने के लिये कहा है कि ठेकेदार, विश्व बैंक के दिशा-निर्देशों के प्रासंगिक प्रावधानों का पालन करने के लिये स्पष्ट रूप से सहमत हों।

प्रभाव: 

  • इसका अर्थ यह होगा कि सभी अधिमान्य बाज़ार पहुँच नीतियाँ, राष्ट्रीय परियोजना को लागू करते समय की गई खरीद पर लागू नहीं होंगी।
    • अधिमान्य बाज़ार पहुँच नीतियों में पब्लिक प्रोक्योरमेंट ऑर्डर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) नीति, स्टार्ट-अप्स को कुछ लाभ शामिल हैं। 
  • विश्व बैंक का यह स्पष्टीकरण मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल के लिये एक झटका होगा।

पृष्ठभूमि:

  • विश्व बैंक ने COVID-19 के खतरे को रोकने, पता लगाने एवं प्रतिक्रिया देने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणालियों को मज़बूत करने के लिये मई, 2020 में एक ऋण की घोषणा की थी। 
  • यह ऋण प्रवासियों, असंगठित श्रमिकों, अनौपचारिक क्षेत्र से संबंधित था और इसके माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, जन धन, आधार एवं मोबाइल (जैम ट्रिनिटी) जैसे सुरक्षा जाल के मौजूदा बुनियादी ढाँचे के एकीकरण का निर्माण करना था।
  • यह ऋण दो चरणों में वित्त पोषित और संचालित होगा:
  • प्रथम चरण: वित्तीय वर्ष 2020 के लिये $750 मिलियन का तत्काल आवंटन।
    • इसे कमज़ोर समूहों विशेष रूप से प्रवासियों एवं अनौपचारिक श्रमिकों को लाभान्वित करने के लिये प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (Pradhan Mantri Garib Kalyan Yojana- PMGKY) के माध्यम से देश भर में लागू किया जाएगा।
  • द्वितीय चरण: $250 मिलियन की दूसरी किस्त वित्तीय वर्ष 2021 के लिये उपलब्ध कराई जाएगी।
    • यह सामाजिक सुरक्षा पैकेज को और सुदृढ़ करेगा, जिससे राज्य सरकारों एवं पोर्टेबल सामाजिक सुरक्षा वितरण प्रणालियों के माध्यम से स्थानीय ज़रूरतों के आधार पर अतिरिक्त नकदी एवं अन्य लाभों को प्रदान किया जाएगा।  

स्रोत: द हिंदू

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