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भारतीय अर्थव्यवस्था

डिजिटल और सतत् व्यापार सुविधा पर संयुक्त राष्ट्र का सर्वेक्षण 2021

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  • 26 Jul 2021
  • 6 min read

प्रिलिम्स के लिये: 

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग, विश्व व्यापार संगठन, यूरोपीय संघ 

मेन्स के लिये:  

डिजिटल और सतत् व्यापार सुविधा पर संयुक्त राष्ट्र के सर्वेक्षण का भारत के लिये महत्त्व

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारत ने एशिया-प्रशांत के लिये संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (United Nations Economic and Social Commission for Asia Pacific's- UNESCAP) के डिजिटल एवं सतत् व्यापार सुविधा पर वैश्विक सर्वेक्षण (Survey on Digital and Sustainable Trade Facilitation) में 90.32 प्रतिशत अंक हासिल किये हैं।

  • इसमें वर्ष 2019 के 78.49% अंकों की तुलना में उल्लेखनीय उछाल आया है।

UN-Global-Survey

प्रमुख बिंदु

सर्वेक्षण के विषय में:

  • यह सर्वेक्षण प्रत्येक दो वर्ष में UNESCAP द्वारा आयोजित किया जाता है और इसमें विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organization) के व्यापार सुविधा समझौते में शामिल 58 व्यापार सुविधा उपायों का आकलन करना शामिल है।
  • 58 उपायों में इंटरनेट पर मौजूदा आयात-निर्यात नियमों का प्रकाशन, जोखिम प्रबंधन, टैरिफ वर्गीकरण पर अग्रिम निर्णय, आगमन पूर्व प्रसंस्करण, स्वतंत्र अपील तंत्र, शीघ्र शिपमेंट, स्वचालित सीमा शुल्क प्रणाली आदि शामिल हैं।
  • किसी देश का उच्च स्कोर कारोबारियों को निवेश संबंधी निर्णय लेने में भी मदद करता है।
  • संयुक्त राष्ट्र क्षेत्रीय आयोग (UN Regional Commission) संयुक्त रूप से डिजिटल और सतत् व्यापार सुविधा पर संयुक्त राष्ट्र वैश्विक सर्वेक्षण आयोजित करते हैं।
  • सर्वेक्षण में वर्तमान में पूरे विश्व की 143 अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। एशिया प्रशांत के लिये यह UNESCAP द्वारा आयोजित किया जाता है।

भारत का आकलन:

  • इस स्कोर ने सभी पाँच प्रमुख संकेतकों पर भारत में सुधार की ओर इशारा किया।
    • पारदर्शिता: 2021 में 100% (2019 के 93.33% से)।
    • औपचारिकताएँ: 2021 में 95.83% (2019 के 87.5% से)।
    • संस्थागत समझौते और सहयोग: 2021 में 88.89% (2019 के 66.67% से)।
    • पेपरलेस ट्रेड: 2021 में 96.3% (2019 के 81.48% से)।
    • क्रॉस-बॉर्डर पेपरलेस ट्रेड: 2021 में 66.67% (2019 के 55.56% से)।
  • अन्य देशों के साथ तुलना:
    • दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम एशिया क्षेत्र (63.12%) और एशिया प्रशांत क्षेत्र (65.85%) की तुलना में भारत सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला देश है।
    • भारत का समग्र स्कोर फ्राँस, यूके, कनाडा, नॉर्वे, फिनलैंड आदि सहित कई आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) देशों से भी अधिक है और समग्र स्कोर यूरोपीय संघ (EU) के औसत स्कोर से अधिक है।
  • सुधार का कारण:
    • CBIC सुधारों की एक शृंखला के माध्यम से व्यक्ति रहित, कागज़ रहित और संपर्क रहित सीमा शुल्क की शुरुआत करने के लिये ‘तुरंत कस्टम्स' (Turant Customs) की छत्रछाया में उल्लेखनीय सुधार करने में अग्रणी रहा है। 
    • कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान सीमा शुल्क ढांँचे के तहत कोविड से संबंधित आयातों जैसे- ऑक्सीजन से संबंधित उपकरण, जीवन रक्षक दवाएंँ, टीके आदि में तेजी लाने हेतु सभी प्रयास किये गए।

एशिया और प्रशांत के लिये संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग

  • एशिया और प्रशांत के लिये संयुक्त राष्ट्र का आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (Economic and Social Commission for Asia and the Pacific- ESCAP) एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिये संयुक्त राष्ट्र की एक क्षेत्रीय विकास शाखा है।
  • यह 53 सदस्य देशों और 9 एसोसिएट सदस्यों से बना एक आयोग है। भारत भी इसका  सदस्य है।
  • इसकी स्थापना वर्ष 1947 में की गई थी।
  • इसका मुख्यालय थाईलैंड के बैंकॉक शहर में है।
  • उद्देश्य: यह सदस्य राज्यों हेतु परिणामोन्मुखी परियोजनाओं के विकास, तकनीकी सहायता प्रदान करने और क्षमता निर्माण जैसे महत्त्वपूर्ण कार्य करता है।
  • हालिया रिपोर्ट:  एशिया एवं प्रशांत का आर्थिक व सामाजिक सर्वेक्षण (Economic and Social Survey of Asia and the Pacific), 2021.

स्रोत: पी.आई.बी. 

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