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भारतीय इतिहास

उधम सिंह

  • 03 Sep 2021
  • 5 min read

प्रिलिम्स के लिये:

सरदार उधम सिंह, जलियांवाला बाग स्मारक, रॉलेट एक्ट

मेन्स के लिये:

उधम सिंह का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान

चर्चा में क्यों?

जीर्णोद्धार किये गए जलियांवाला बाग स्मारक की आलोचना के बीच बाग में स्थापित शहीद उधम सिंह की प्रतिमा पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं।

Udham-Singh

प्रमुख बिंदु

  • परिचय:
    • वे वर्ष 1899 में पंजाब के संगरूर ज़िले के सुनाम में पैदा हुए, उन्हें ‘शहीद-ए-आजम’ सरदार उधम सिंह भी कहा जाता है जिसका अर्थ है 'महान शहीद'।
    • इन्हें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी क्रांतिकारियों में से एक माना जाता है।
    • 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला हत्याकांड के बाद वे क्रांतिकारी गतिविधियों और राजनीति में सक्रिय हो गए। वे भगत सिंह से बहुत प्रभावित थे।
    • वे वर्ष 1924 में औपनिवेशिक शासन को उखाड़ फेंकने के उद्देश्य से प्रवासी भारतीयों को संगठित करने के लिये गदर पार्टी में शामिल हुए।
    • वर्ष 1927 में क्रांतिकारी गतिविधियों को अंजाम देने के लिये सहयोगियों और हथियारों के साथ भारत लौटते समय उन्हें अवैध रूप से आग्नेयास्त्र रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया तथा पाँच साल की जेल की सज़ा सुनाई गई।
    • 13 मार्च, 1940 को उधम सिंह ने ईस्ट इंडिया एसोसिएशन और रॉयल सेंट्रल एशियन सोसाइटी की कैक्सटन हिल में एक बैठक में जनरल डायर के स्थान पर माइकल ओ'डायर को गोली मार दी।
      • जनरल डायर ने रॉलेट एक्ट का विरोध कर रहे लोगों पर फायरिंग का आदेश दिया था।
    • उधम सिंह को मौत की सज़ा सुनाई गई और 31 जुलाई, 1940 को लंदन के पेंटनविले जेल में फाँसी दे दी गई।
  • गदर पार्टी:
    • यह एक भारतीय क्रांतिकारी संगठन था, जिसका उद्देश्य भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराना था।
      • 'गदर' विद्रोह के लिये प्रयुक्त एक उर्दू शब्द है।
    • वर्ष 1913 में पार्टी का गठन संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवासी भारतीयों द्वारा किया गया जिसमें ज़्यादातर पंजाबी शामिल थे । हालांँकि पार्टी में भारत के सभी हिस्सों से भारतीय भी शामिल थे।
      • गदर पार्टी की स्थापना का मकसद भारत में ब्रिटिश उपनिवेशवाद के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी सशस्त्र संघर्ष छेड़ना था।
    • पार्टी के अध्यक्ष बाबा सोहन सिंह भकना को बनाया गया तथा लाला हरदयाल के नेतृत्व में प्रशांत तट पर सैन फ्रांसिस्को में हिंदी संघ के रूप में इसे स्थापित किया गया था।
      • पार्टी के योगदान को भविष्य में भारतीय क्रांतिकारी आंदोलनों की नींव रखने के लिये जाना जाता है जिसने स्वतंत्रता संग्रम में एक और  कदम के रूप में कार्य किया।
    • गदर पार्टी के अधिकांश सदस्य किसान वर्ग से संबंधित थे, जिन्होंने पहली बार 20वीं सदी की शुरुआत में पंजाब से एशिया के शहरों जैसे- हॉन्गकॉन्ग, मनीला और सिंगापुर में प्रवास करना शुरू किया था।
    • बाद में कनाडा और अमेरिका में लकड़ी उद्योग के विकसित होने के साथ कई लोग उत्तरी अमेरिका चले गए जहांँ उन्होंने अपना प्रसार किया लेकिन उन्हें संस्थागत नस्लवाद का भी सामना करना पड़ा।
    • ग़दर आंदोलन ने 'औपनिवेशिक भारत के सामाजिक ढांँचे में अमेरिकी संस्कृति के समतावादी मूल्यों (समतावाद) को स्थानांतरित करने का कार्य किया था।
      • समतावाद समानता की धारणा पर आधारित एक सिद्धांत है, अर्थात् सभी लोग समान हैं और उनका सभी वस्तुओं पर समान अधिकार है।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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