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आंतरिक सुरक्षा

निगरानी गुब्बारा

  • 06 Feb 2023
  • 9 min read

प्रिलिम्स के लिये:

निगरानी गुब्बारा, मानव खुफिया, बाह्य अंतरिक्ष संधि, 1967

मेन्स के लिये:

निगरानी तकनीक और  हवाई क्षेत्र से संबंधित कानून।

चर्चा में क्यों? 

संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक चीनी निगरानी गुब्बारे को मार गिराया, जिसे कुछ दिन पूर्व अमेरिकी हवाई क्षेत्र में देखा गया था।

निगरानी गुब्बारा: 

  • परिचय: 
    • इन सस्ते, शांत और दुर्गम इलाकों में पहुँच वाले गुब्बारों का उपयोग टोही उद्देश्यों के लिये किया गया है, जिसमें अमेरिकी गृहयुद्ध जैसे संघर्ष भी शामिल हैं।
    • प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इन गुब्बारों का अधिकाधिक प्रयोग किया  गया और शीत युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर इनका इस्तेमाल तब किया गया जब अमेरिका ने सोवियत संघ तथा चीन को लेकर खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिये सैकड़ों गुब्बारे लॉन्च किये।
      • जबकि मानव रहित ड्रोन और उपग्रहों के उपयोग के कारण इनके उपयोग में गिरावट आई है, कई देश अभी भी निगरानी हेतु गुब्बारों का उपयोग करते हैं।  
  • गुब्बारा भेजने का उद्देश्य: 
    • दशकों से चीन द्वारा अपनी सीमाओं के पास अमेरिकी जहाज़ों और जासूसी विमानों द्वारा निगरानी किये जाने के बारे में शिकायत की गई है, जिससे कई बार झड़पें भी होती रहती हैं। चीन के अनुसार, गुब्बारे को अनुसंधान हेतु बनाया गया था, किंतु यह मार्ग से भटक गया।

सरकार निगरानी गुब्बारे का उपयोग क्यों करती है? 

  • क्लोज़-रेंज मॉनिटरिंग: उपग्रहों के इस युग में निगरानी गुब्बारे आमतौर पर उन्नत गुब्बारे हैं जो उच्च तकनीक, डाउनवर्ड-पॉइंटिंग इमेजिंग सुविधाओं और उपकरणों से लैस होते हैं एवं नियमित रूप से निगरानी करते हैं।
  • छवि गुणवत्ता: कम ऊँचाई पर उड़ने वाले गुब्बारे, जो वाणिज्यिक विमानों के समान ऊँचाई पर उड़ते हैं, आमतौर पर सबसे कम ऊँचाई पर परिक्रमा करने वाले उपग्रहों की तुलना में स्पष्ट चित्र ले सकते हैं।
    • ऐसे उपग्रह जो पृथ्वी के सामंजस्य में घूमते हैं, दूर की कक्षा के कारण निरंतर लेकिन धुँधली छवियों को कैप्चर करते हैं।
  • कम्युनिकेशन में बाधा: सर्विलांस गुब्बारे "इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल कैप्चर करने" और कम्युनिकेशन बाधा उत्पन्न करने में भी सक्षम हो सकते हैं।

निगरानी तकनीकों के अन्य तरीके: 

  • इलेक्ट्रॉनिक निगरानी: इसका उपयोग संचार संकेतों को बाधित करने, फोन कॉल टैप करने और ई-मेल तथा डिजिटल संचार के अन्य रूपों की निगरानी करने में किया जा सकता है।
  • मानव बुद्धिमता (HUMINT): संवेदनशील जानकारी तक पहुँच रखने वाले लोगों की भर्ती करना, जैसे कि राजनयिक कर्मचारी, सैन्यकर्मी या सरकारी अधिकारी, निगरानी में नियोजित प्रमुख तत्त्वों में से हैं।
  • साइबर जासूसी: यह साइबर हमले का एक रूप है जो प्रतिस्पर्द्धी कंपनी अथवा सरकारी संस्था द्वारा लाभ प्राप्त करने के लिये वर्गीकृत, संवेदनशील डेटा या बौद्धिक संपदा की चोरी करता है।
  • सैटेलाइट इमेजरी: कभी-कभी विदेशों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिये उपग्रहों का उपयोग किया जाता है।
  • ड्रोन प्रौद्योगिकी: ड्रोन, जिसे मानव रहित हवाई विमान (Unmanned Aerial Vehicles- UAV) के रूप में भी जाना जाता है, का उपयोग निगरानी और जासूसी उद्देश्यों हेतु किया जा सकता है। ड्रोन कैमरे, श्रवण यंत्र एवं अन्य सेंसर से लैस विदेशी क्षेत्रों में उड़ान भर सकते हैं और खुफिया जानकारी जुटा सकते हैं। 

हवाई क्षेत्र और इससे संबंधित कानून: 

  • परिचय: 
    • अंतर्राष्ट्रीय कानून में वायु क्षेत्र, एक विशेष राष्ट्रीय क्षेत्र के ऊपर का स्थान है, जिसे क्षेत्र को नियंत्रित करने वाली सरकार से संबंधित माना जाता है।
    • इसमें बाहरी अंतरिक्ष शामिल नहीं है, जिसे वर्ष 1967 की बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) के तहत मुक्त घोषित किया गया है और राष्ट्रीय विनियोग के अधीन नहीं है।
      • हालाँकि संधि ने उस ऊँचाई को परिभाषित नहीं किया जिस पर बाह्य अंतरिक्ष शुरू होता है और वायु स्थान समाप्त होता है।
  • हवाई क्षेत्र संप्रभुता: 
    • यह एक संप्रभु राज्य का अपने हवाई क्षेत्र के उपयोग को विनियमित करने और अपने स्वयं के विमानन कानून को लागू करने का मौलिक अधिकार है।
    • इसके तहत राज्य अपने क्षेत्र में विदेशी विमानों के प्रवेश को नियंत्रित करता है और इस क्षेत्र में सभी व्यक्ति राज्य के कानूनों के अधीन होंगे।
    • हवाई क्षेत्र संप्रभुता का सिद्धांत पेरिस कन्वेंशन ऑन रेगुलेशन ऑफ एरियल नेविगेशन (1919) और बाद में अन्य बहुपक्षीय संधियों द्वारा स्थापित किया गया है।
    • अनुबंधित राज्य शिकागो कन्वेंशन, 1944 के तहत अन्य अनुबंधित राज्यों में पंजीकृत विमान और पूर्व राजनयिक अनुमति के बिना अपने क्षेत्र में उड़ान भरने हेतु व्यावसायिक गैर-अनुसूचित उड़ानों में संलग्न होने के साथ-साथ यात्रियों, कार्गो एवं डाक प्राप्त करने और उतारने की अनुमति देने के लिये सहमत हैं।
      • यह प्रावधान व्यवहार में मृत पत्र बन गया है।
  • निषिद्ध हवाई क्षेत्र:
    • यह ऐसे हवाई क्षेत्र को संदर्भित करता है जिसके भीतर आमतौर पर सुरक्षा चिंताओं के कारण विमान के उड़ान की अनुमति नहीं है। यह कई प्रकार के विशेष उपयोग वाले हवाई क्षेत्र पदनामों में से एक है और इसे वैमानिकी चार्ट पर "पी" अक्षर के साथ अनुक्रमांक संख्या द्वारा दर्शाया गया है।
  • प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र:
    • निषिद्ध वायु क्षेत्र से भिन्न इस क्षेत्र में आमतौर पर सभी विमानों का प्रवेश वर्जित है और वायु यातायात नियंत्रण (ATC) या वायु क्षेत्र के नियंत्रण निकाय से मंज़ूरी के अधीन नहीं है।

  UPSC सिविल सेवा परीक्षा, विगत वर्ष के प्रश्न  

प्रश्न. अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन कानून सभी देशों को उनके क्षेत्र के ऊपर हवाई क्षेत्र पर पूर्ण और अनन्य संप्रभुता प्रदान करते हैं। 'हवाई क्षेत्र' से आप क्या समझते हैं ? इस हवाई क्षेत्र के ऊपर अंतरिक्ष पर इन कानूनों के क्या प्रभाव हैं? इससे उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा कीजिये और खतरे को नियंत्रित करने के उपाय सुझाइये। (मुख्य परीक्षा, 2014)

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस  

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