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कोयला क्षेत्र के लिये एकल खिड़की निकासी पोर्टल

  • 12 Jan 2021
  • 4 min read

चर्चा में क्यों?

हाल ही में केंद्र सरकार ने कोयला क्षेत्र के लिये एक नए ऑनलाइन एकल खिड़की निकासी पोर्टल (Single Window Clearance Portal) की घोषणा की है।

  • वर्ष 2025 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में कोयला क्षेत्र सबसे बड़ा योगदानकर्त्ता हो सकता है।
  • उल्लेखनीय है कि भारत के पास विश्व का चौथा सबसे बड़ा कोयला भंडार है फिर भी यह कोयले का आयात करता है।

प्रमुख बिंदु

लक्ष्य:

  • इसका लक्ष्य कई अधिकारियों के पास जाने के बजाय एक पोर्टल के माध्यम से ही पर्यावरण और वन मंज़ूरी की प्रक्रिया को आसान व तेज़ करना है।
    • वर्तमान में देश में कोयला खदान शुरू करने से पहले लगभग 19 प्रमुख मंज़ूरियों की आवश्यकता होती है।

महत्त्व:

  • यह पोर्टल बोली लगाने वालों को कोयला खदानों के जल्दी संचालन की सुविधा प्रदान करेगा।
  • यह न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन की भावना से प्रेरित है।
  • इससे देश के कोयला क्षेत्र में कारोबार करने में आसानी होगी।
  • यह अधिक निवेश लाने और रोज़गार सृजित करने में मदद करेगा।

भविष्य की योजना:

  • परिवेश (PARIVESH) पोर्टल को वन और पर्यावरण संबंधी मंज़ूरी के लिये इस एकल खिड़की निकासी तंत्र में विलय कर दिया जाएगा, जिससे नीलाम होने वाले कोयला ब्लॉक के परिचालन में मदद मिलने की उम्मीद है।
    • परिवेश एक वेब-आधारित एप्लीकेशन है, जिसे प्रस्तुत प्रस्तावों की मंज़ूरी के लिये केंद्र, राज्य और ज़िला स्तर के अधिकारियों से विभिन्न प्रकार की स्वीकृतियों (पर्यावरण, वन, वन्यजीव और तटीय विनियमन क्षेत्र -Coastal Regulation Zone) को ऑनलाइन सुनिश्चित करने हेतु विकसित किया गया है।

कोयला क्षेत्र में हालिया पहल:

  • आत्मनिर्भर भारत अभियान के एक भाग के रूप में:
    • निजी क्षेत्र के लिये 50 ब्लॉकों के प्रस्ताव के साथ कोयले के वाणिज्यिक खनन की अनुमति।
    • कोयला क्षेत्र में प्रवेश के मानदंडों को उदार बनाया जाएगा वैसे ही जैसे इससे पहले विद्युत संयंत्रों के लिये "धुले" कोयले के उपयोग से जुड़ी नियामकीय अनिवार्यताओं को समाप्त किया गया था।
    • निश्चित लागत के स्थान पर राजस्व साझाकरण प्रणाली के आधार पर निजी कंपनियों को कोयला ब्लॉक का आवंटन।
    • राजस्व हिस्सेदारी में छूट द्वारा कोयला गैसीकरण/द्रवीकरण को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
    • कोल इंडिया की कोयला खदानों से कोलबेड मीथेन (Coalbed Methane-CBM) निष्कर्षण के अधिकारों की नीलामी।
  • देश में कोयले की गुणवत्ता की निगरानी के लिये केंद्रीय कोयला मंत्रालय द्वारा अप्रैल 2018 में उत्तम’ (Unlocking Transparency by Third Party Assessment of Mined Coal-UTTAM) एप लॉन्च किया है।
    • उत्तम का अर्थ है- खनन से प्राप्त कोयले का तीसरे पक्ष द्वारा मूल्यांकन के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
  • केंद्रीय कोयला मंत्रालय द्वारा वर्ष 2017 में ‘शक्ति’ (भारत में पारदर्शी ढंग से कोयले के दोहन एवं आवंटन की योजना) को लॉन्च किया गया था,  इसका उद्देश्य बिजली क्षेत्र के लिये पारदर्शी तरीके से भविष्य के कोयला लिंकेज के आवंटन को सुनिश्चित करना है।  

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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