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Rapid Fire करेंट अफेयर्स (17 October)

  • 17 Oct 2019
  • 7 min read

1. चीन-नेपाल के बीच 20 समझौते

  • भारत में अनौपचारिक शिखर वार्ता के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नेपाल के दौरे पर गए। इस दौरान दोनों देशों के बीच 20 समझौते हुए।
  • इनमें सड़क सुरंग (Road Tunnel) का निर्माण और तिब्बत की ओर रेलवे लिंक को सुविधाजनक बनाने का समझौता भी शामिल है। चीन केरुंग-काठमांडू टनल रोड के निर्माण में मदद करेगा।
  • दोनों देशों के बीच सबसे बड़ी डील ट्रांस-हिमालयन कनेक्टिविटी नेटवर्क को लेकर हुई। दोनों ही देश 2.75 अरब डॉलर के इस नेटवर्क को शुरू करने पर सहमत हुए, जो कि नेपाल को शी जिनपिंग के बेल्ट एंड रोड इशिनिएटिव (BRI) से जोड़ेगी।
  • चीनी राष्ट्रपति ने नेपाल के विकास कार्यक्रमों के लिये 56 अरब नेपाली रुपए की सहायता देने की घोषणा की।
  • इसके अलावा चीन ने काठमांडू को तातोपानी ट्रांजिट पॉइंट से जोड़ने वाले अर्निको राजमार्ग को दुरुस्त करने का भी वादा किया। यह राजमार्ग वर्ष 2015 में आए भूकंप के बाद से बंद है।
  • पिछले 23 वर्षों में किसी चीनी राष्ट्रपति की यह पहली नेपाल यात्रा थी। इससे पहले वर्ष 1996 में जियांग ज़मिन ने नेपाल का दौरा किया था।

क्षेत्र में लगातार बढ़ता जा रहा चीनी प्रभाव

  • गौरतलब है कि चीन का प्रभाव दक्षिण एशिया में लगातार बढ़ रहा है। नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान या बांग्लादेश हर जगह चीन की मौजूदगी बढ़ी है। ये सभी देश चीन की बेल्ट रोड परियोजना में शामिल हो गए हैं। लेकिन भारत इस परियोजना के पक्ष में नहीं है।
  • हिंदू बहुल राष्ट्र में चीन का दिलचस्पी लेना काफी अहम है। नेपाल अपनी कई ज़रूरतों के लिये भारत पर निर्भर है, लेकिन वह लगातार भारत से निर्भरता को कम करने की कोशिश कर रहा है।
  • नेपाल के कई स्कूलों में चीनी भाषा मंदारिन को पढ़ना भी अनिवार्य कर दिया गया है। नेपाल में इस भाषा को पढ़ाने वाले शिक्षकों के वेतन का खर्चा भी चीन की सरकार ने उठाने के लिये तैयार है।

2. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार

  • प्रसिद्ध पर्यावरणविद चंडी प्रसाद भट्ट को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार दिया जाएगा।
  • गांधीवादी दर्शन के अनुयायी चंडी प्रसाद उत्तराखंड में प्रकृति और पर्यावरण को बचाने की लड़ाई के चर्चित चेहरे रहे हैं।
  • देश में राष्ट्रीय एकता के कार्यों के लिये चंडी प्रसाद भट्ट को वर्ष 2017 और वर्ष 2018 के 31वाँ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
  • 31 अक्तूबर को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिसके तहत 10 लाख रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।
  • ‘चिपको आंदोलन’ से जुड़े रहे 85 वर्षीय गांधीवादी पर्यावरणविद चंडी प्रसाद भट्ट को इससे पहले पद्म भूषण, रमन मैग्सेसे और गांधी शांति पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार की स्थापना भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस ने अपने शताब्दी वर्ष 1985 में की थी।
  • राष्ट्रीय एकता एवं सद्भावना के विचार को बनाए रखने की दिशा में अनुकरणीय योगदान के लिये व्यक्तिगत रूप से या संस्थाओं को यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है।

अब तक यह पुरस्कार स्वामी रंगनाथनदा, अरुणा आसफ अली, पी.एन. हक्सर, एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी, डॉ. विशम्भरनाथ पांडे, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, डॉ. शंकर दयाल शर्मा, प्रख्यात वैज्ञानिक सतीश धवन, एम.एस. स्वामीनाथन, महाश्वेता देवी, गुलज़ार, ए.आर. रहमान सहित कई प्रमुख हस्तियों को दिया जा चुका है।


3. वज्र-प्रहार

  • भारत और अमेरिका के बीच होने वाला संयुक्त सैन्य अभ्यास वज्र प्रहार 13 अक्तूबर से अमेरिका सिएटल के जॉइंट बेस लुईस-मैककॉर्ड में शुरू हो हुआ।
  • ‘वज्र प्रहार’ संयुक्त सैन्य अभ्यास का यह 10वाँ संस्करण है जो 28 अक्तूबर तक चलेगा।
  • इसमें दोनों देशों की स्पेशल फोर्सेज़ हिस्सा ले रही हैं। भारत की तरफ से इस सैन्य अभ्यास में भाग लेने के लिये भारतीय सेना का 45 सदस्यीय पैरा कमांडो दस्ता अमेरिका गया हुआ है।
  • इस सैन्य अभ्यास का आयोजन बारी-बारी से भारत और अमेरिका में होता है। पिछले साल यह अभ्यास जयपुर में हुआ था।
  • भारत के COMCASA समझौते में शामिल होने के बाद से वज्र प्रहार अभ्यास का महत्त्व बढ़ा है दोनों देशों की सेनाओं ने इसमें कई नई चीजें शामिल की हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय सेना का एक दस्ता 'युद्ध अभ्यास 2019' के 15वें संस्करण में भाग लेने के लिये अमेरिका गया हुआ था। इस संयुक्त युद्धाभ्यास को वाशिंगटन डीसी के पास स्थित जॉइंट बेस लुईस मैककॉर्ड में आयोजित किया गया था। इसके कई संस्करणों का आयोजन भारत में पहले ही हो चुका है। यह अभ्यास 18 सितंबर तक चला था जिसमें साझा युद्ध-कौशल, आतंकवाद के विरुद्ध कार्रवाई और आपसी समन्वय पर जोर दिया गया था।

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