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नए बैंक लाइसेंसों की स्क्रीनिंग के लिये नई समिति

  • 24 Mar 2021
  • 7 min read

चर्चा में क्यों 

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सार्वभौमिक बैंकों और लघु वित्त बैंकों (SFBs) के आवेदनों के मूल्यांकन के लिये RBI के पूर्व डिप्टी गवर्नर श्यामला गोपीनाथ की अध्यक्षता में एक पाँच सदस्यीय स्थायी बाह्य सलाहकार समिति (SEAC) का गठन किया है

  • स्थायी बाह्य सलाहकार समिति (SEAC) में बैंकिंग, वित्तीय क्षेत्र और अन्य प्रासंगिक क्षेत्रों के अनुभवी प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल होंगे

प्रमुख बिंदु 

समिति के बारे में :

  • कार्यकाल: समिति का कार्यकाल तीन वर्षों का होगा।
  • समिति का सचिवालय : RBI के विनियमन विभाग द्वारा समिति को सचिवालयी स्तर की सहायता प्रदान की जाएगी। 
  • कार्य: सार्वभौमिक बैंक और SFBs के आवेदकों की प्राथमिक योग्यता सुनिश्चित करने के लिये आवेदनों का सर्वप्रथम मूल्यांकन RBI द्वारा किया जाएगा , जिसके बाद SEAC आवेदनों का मूल्यांकन करेगा

लघु वित्त बैंक (SFBs):

  • लघु वित्त बैंक वे वित्तीय संस्थान हैं जो देश के उन क्षेत्रों को वित्तीय सेवाएँ प्रदान करते हैं जहाँ बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध नहीं है
  • लघु वित्त बैंक, कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत एक सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी के रूप में पंजीकृत हैं

गतिविधियों का दायरा:

  • लघु वित्त बैंक मुख्य रूप से लघु व्यावसायिक इकाइयों, लघु और सीमांत किसानों, सूक्ष्म और लघु उद्योगों तथा असंगठित क्षेत्र की संस्थाओं को वित्तीय समावेशन जैसे- जमा करने और ऋण देने की बुनियादी बैंकिंग सुविधाएँ प्रदान करेगा
  • यह अन्य गैर-जोखिम साझाकरण सरल वित्तीय सेवाओं से संबंधित गतिविधियों को भी अपने अंतर्गत ले सकता है, जिसमें स्वयं की निधियों जैसे - म्यूचुअल फंड इकाइयों, बीमा उत्पादों, पेंशन उत्पादों के वितरण की प्रतिबद्धता की आवश्यकता नहीं होती है
  • लघु वित्त बैंक विदेशी मुद्रा व्यापार में अपने ग्राहकों की आवश्यकताओं के लिये एक अधिकृत डीलर भी बन सकता है
  • लघु वित्त बैंक के संचालन के क्षेत्र में कोई प्रतिबंध नहीं होगा ; हालाँकि, उन आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्होंने प्रारंभिक चरण में बैंकों को ऐसे राज्यों/ज़िलों में खोला है, जहाँ बैंकिंग सेवाएँ या तो उपलब्ध नहीं हैं या बहुत कम उपलब्ध हैं, जैसे- देश के उत्तर-पूर्व, पूर्व और मध्य क्षेत्र में

सार्वभौमिक बैंक:

  • सार्वभौमिक बैंक न केवल ग्राहकों के लिये व्यक्तिगत खातों का प्रबंधन कर सकते हैं, बल्कि कॉर्पोरेट सौदों को रेखांकित करने के साथ-साथ निवेश सेवाएँ और स्टॉक ब्रोकर के रूप में भी कार्य कर सकती हैं जिन्हें वित्तीय सुपरमार्केट के रूप में जाना जाता है।
  • ये संस्थाएँ एक एकल ब्रांड/बैंक के नाम के अंतर्गत अपने वृहद् शाखा नेटवर्क का लाभ उठाकर कई प्रकार की सेवाएँ प्रदान करती हैं
  • अगस्त 2016 में जारी सार्वभौमिक बैंकों हेतु ऑन-टैप लाइसेंसिंग पर दिशा-निर्देशों के अनुसार, निवासी व्यक्ति और बैंकिंग एवं वित्त क्षेत्र में वरिष्ठ स्तर पर 10 वर्ष का अनुभव रखने वाले पेशेवर भी सार्वभौमिक बैंकों को बढ़ावा देने के पात्र हैं
    • हालाँकि बड़े औद्योगिक समूहों को पात्र संस्थाओं के रूप में बाहर रखा गया है लेकिन उन्हें बैंकों में 10% तक निवेश करने की अनुमति है

संबंधित विकास:

  • इससे पहले वर्ष 2020 में RBI के एक आंतरिक कार्य समूह ने निजी बैंकों के लिये लाइसेंसिंग नीति की ‘ओवरहॉलिंग’ का प्रस्ताव रखा और यह सुझाव दिया कि बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 में उचित संशोधनों के बाद बड़े कॉर्पोरेट और औद्योगिक समूहों को भारत में बैंकों के प्रवर्तक के रूप में अनुमति दी जाए
    • हालाँकि RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए कहा कि यह ‘कनेक्टेड लेंडिंग’ (एक ऐसी स्थिति जिसमें बैंक पर  नियंत्रण रखने वाला मालिक स्वयं या स्वयं से जुड़े पक्षों के लिये कम ब्याज दरों पर गुणवत्ताहीन ऋण को बढ़ावा देता है ) की स्थिति की तरफ ले जाता है

नॉन-ऑपरेटिव फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी (NOFHC):

  • नॉन-ऑपरेटिव फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी (NOFHC) का अर्थ NBFC से गैर-जमा (Non-deposit) से है।
  • बैंकिंग दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रवर्तक या प्रवर्तक समूह को एक नया बैंक स्थापित करने की अनुमति पूर्ण स्वामित्व वाली नॉन-ऑपरेटिव फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी के माध्यम से दी जाएगी
  • इस तरह के NOHFC बैंक के साथ-साथ RBI या अन्य वित्तीय क्षेत्र के नियामकों द्वारा उचित विनियामक निर्देशों के आधार पर विनियमित अन्य सभी प्रकार की वित्तीय सेवाएँ प्रदान करते हैं।

यूनिवर्सल बैंक का ऑन-टैप लाइसेंसिंग:

  • 'ऑन-टैप' सुविधा का अर्थ RBI द्वारा वर्ष भर बैंकों के लिये आवेदन स्वीकारना और लाइसेंस जारी करना है
  • यह नीति निर्धारित शर्तों की पूर्ति के अधीन किसी भी समय उम्मीदवारों को सार्वभौमिक बैंक लाइसेंस के लिये आवेदन करने की अनुमति देती है

स्रोत : इंडियन एक्सप्रेस

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