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शासन व्यवस्था

पहला'हर घर जल' राज्य

  • 17 Oct 2020
  • 7 min read

प्रिलिम्स के लिये: 

जल जीवन मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम,  स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)

मेन्स के लिये:

'हर घर जल' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये गोवा राज्य  द्वारा किये गए  प्रयासों का महत्त्व 

चर्चा में क्यों?

हाल ही में गोवा, ग्रामीण क्षेत्रों में 2.30 लाख ग्रामीण परिवारों को सफलतापूर्वक 100% कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (Functional Household Tap Connections- FHTCs) उपलब्ध कराकर देश का पहला  'हर घर जल'( Har Ghar Jal) का लक्ष्य प्राप्त करने वाला राज्य बन गया है।

प्रमुख बिंदु: 

  • प्रारंभिक उपलब्धि: राज्य सरकार की प्रतिबद्धता एवं तेज़ प्रयासों के कारण समय से पहले (राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2024 तक निर्धारित) इस लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया गया है। 
  • वार्षिक कार्ययोजना: गोवा द्वारा वर्ष 2021 तक ग्रामीण क्षेत्रों में 100% कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध करने के लिये  एक वार्षिक कार्ययोजना (Annual Action Plan- AAP) तैयार की गई थी।
    • गोवा राज्य द्वारा ‘जल जीवन मिशन’ (Jal Jeevan Mission-JJM) से प्राप्त होने  वाले सभी लाभों का उपयोग किया गया जिनका उद्देश्य जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना एवं  ग्रामीण समुदायों के लिये  'आसानी से जीवन यापन' (Ease-of-living) की सुविधा उपलब्ध कराना है।
    • इसके लिये वर्ष 2020-21 में  केंद्र सरकार द्वारा गोवा को वितरित की जाने वाली धनराशि को बढ़ाकर 12.40 करोड़ रुपए कर दिया गया। 
  • योजनाओं का रुपांतरण: पेयजल स्रोतों, जल आपूर्ति, ग्रे वाटर (सीवेज को छोड़कर किसी भी प्रकार का घरेलू अपशिष्ट जल) के उपचार एवं उसके  पुन: उपयोग एवं संचालन के लिये राज्य द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम  MGNREGA), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिये  15वांँ वित्त आयोग की सिफारिश  इत्यादि  द्के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा  है ।
  • जल परीक्षण सुविधाएँ: राज्य में जल परीक्षण को और  बेहतर बनाने  के लिये राज्य सरकार 14  जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं (Water Quality Testing Laboratories) के लिये ‘ गुणवत्ता राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज़’( National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories- NABL) से मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया में है।
    • जल जीवन मिशन के तहत  प्रत्येक गाँव में 5 व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया जाता है विशेषकर महिलाओं को ‘फील्ड टेस्ट किट’(Field Test Kits) का उपयोग करने के लिये  प्रशिक्षित किया जाता है, ताकि गाँवों में पानी का परीक्षण किया जा सके।

जल जीवन मिशन:

  • जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission-JJM) वर्ष 2024 तक कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से प्रत्येक ग्रामीण घर में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर पानी की आपूर्ति की परिकल्पना करता है।
  • JJM स्थानीय स्तर पर पानी की एकीकृत मांग एवं आपूर्ति प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करता है।
    • सरकारी कार्यक्रमों/योजनाओं के अंतर्गत वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और पुन: उपयोग के लिये घरेलू अपशिष्ट जल का प्रबंधन, आदि के लिये स्थानीय बुनियादी ढांँचे का निर्माण एक आवश्यक शर्त है।
  • यह मिशन सामुदायिक दृष्टिकोण पर आधारित है एवं इस मिशन के प्रमुख घटक के रूप में व्यापक स्तर पर सूचना, शिक्षा और संचार शामिल हैं।
  • JJM जल संरक्षण के लिये एक जनांदोलन है जो जल के लिये प्रत्येक व्यक्ति की प्राथमिकता को सुनिश्चित करता  है।
  • वित्तपोषण: केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय विभाजन इस प्रकार है:
    •  हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिये केंद्र  एवं राज्यों का अंश  90:10 है। 
    • अन्य राज्यों के लिये  50:50
    • केंद्रशासित प्रदेशों के मामले में  केंद्र द्वारा  100% वित्तीय  आवंटन का प्रावधान है।
  •  योजना के लिये आवंटित कुल धनराशि तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक है ।

आगे की राह:

  • लोगों की जल तक सार्वभौमिक पहुँच सुनिश्चित करने के बाद राज्य अब एक सेंसर-आधारित (Sensor-Based), सेवा वितरण निगरानी प्रणाली(Service Delivery Monitoring System) की योजना बना रहा है ताकि पीने योग्य पानी की पर्याप्त मात्रा एवं गुणवत्ता की निगरानी की जा सके।
  • गोवा द्वारा निर्धारित समय से पूर्व प्रत्येक ग्रामीण घर में नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के इस लक्ष्य को प्राप्त करना अन्य राज्यों के लिये  अनुकरणीय है।
    • विशेष रूप से COVID-19 महामारी के दौरान, जब घरों के भीतर सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित करना बेहद ज़रूरी है।
  • मौन क्रांति के रूप में ग्रामीण भारत में घरेलू नल कनेक्शन से जल उपलब्ध कराने वाली यह पहल भारत को  ‘न्यू इंडिया ’(New India) बनाने की दिशा में एक प्रगतिशील कदम साबित होगी ।

स्रोत:पीआईबी

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