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सामाजिक न्याय

COVID-19 ग्लोबल जेंडर रिस्पांस ट्रैकर

  • 22 Oct 2020
  • 5 min read

प्रिलिम्स के लिये:

COVID-19 ग्लोबल जेंडर रिस्पांस ट्रैकर, यू.एन. वीमेन

मेन्स के लिये:

COVID-19 और महिलाएँ 

चर्चा में क्यों?

 'COVID-19 ग्लोबल जेंडर रिस्पांस ट्रैकर' के आँकड़ों के अनुसार, COVID-19 महामारी के कारण महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में होने वाली गिरावट की रक्षा की दिशा में दुनिया के अधिकांश देशों द्वारा पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।

प्रमुख बिंदु:

  • 'COVID-19 ग्लोबल जेंडर रिस्पांस ट्रैकर'  'संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम' (United Nations Development Programme-UNDP) और ‘यू.एन. वीमेन' (UN Women) द्वारा लॉन्च किया गया था।
  • यह COVID-19 महामारी से निपटने के लिये दुनिया भर में सरकारों द्वारा लागू किये गए नीतिगत उपायों की निगरानी करता है और इस दौरान उत्पन्न लैंगिक मुद्दों को रेखांकित करता है।
  • यह ट्रैकर 206 देशों और क्षेत्रों में 2,500 से अधिक संकेतकों का विश्लेषण करता है। विशेषतया लैंगिक क्षेत्र से जुड़े तीन संकेतकों का विश्लेषण करता है:
    • महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ हिंसा से निपटना (VAWG);
    • अवैतनिक देखभाल का समर्थन;
    • महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा को मज़बूत करना।

ट्रैकर के निष्कर्ष:

  • 42 देशों द्वारा COVID -19 महामारी की प्रतिक्रिया में कोई लिंग-संवेदनशील उपाय नहीं अपनाए गए हैं।
  • सामाजिक सुरक्षा, नौकरियों की सुरक्षा की दिशा में बहुत कम देशों द्वारा महिलाओं की आवश्यकता का ध्यान रखा गया है। एक-तिहाई से भी कम देशों द्वारा अवैतनिक देखभाल का समर्थन किया गया है।
  • COVID-19 महामारी ने महिलाओं को कई प्रकार से बुरी तरह प्रभावित किया है यथा- उनके खिलाफ घरेलू हिंसा में वृद्धि हुई है, अवैतनिक देखभाल करने वालों के रूप में सामाजिक सुरक्षा की कमी आदि।

 सिफारिशें:

  • महिलाओं को महामारी से खिलाफ प्रतिक्रिया में मदद के लिये राजकोषीय पैकेज की घोषणा की जानी चाहिये।
  • महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने के लिये सेवाओं को पर्याप्त रूप से वित्तपोषित किया जाने चाहिये।
  • सरकारों को COVID-19 महामारी के प्रति प्रतिक्रिया हेतु नेतृत्त्व और निर्णयन प्रक्रियाओं में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी का समर्थन करना चाहिये। 

आगे की राह:

  • COVID-19 महामारी देशों को सामाजिक सुरक्षा के मौजूदा आर्थिक मॉडल को बदलने का अवसर प्रदान करती है। 
  • ‘ग्लोबल जेंडर रिस्पांस ट्रैकर’ राष्ट्रीय प्रयासों और फंडिंग में अंतराल पर मार्गदर्शन और सर्वोत्तम प्रथाओं को उजागर करके नीतिगत सुधार में तेज़ी लाने में मदद कर सकता है। 
  • ग्लोबल ट्रैकर महिलाओं के खिलाफ हिंसा को दूर करने के उपायों की निगरानी करके सही नीतिगत निर्णय लेने में सरकारों का समर्थन करता है। 

‘यू.एन. वीमेन’ (UN Women):

  • वर्ष 2010 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा ‘यू.एन. वीमेन’ (UN Women) का गठन किया गया था। यह संस्था महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण के क्षेत्र में कार्य करती है।
  • यह चार रणनीतिक प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करती है:
    • महिलाओं द्वारा नेतृत्त्व तथा शासन प्रणालियों में समान रूप से भागीदारी।
    • महिलाओं की आय सुरक्षा, अच्छी कार्य दशाएँ तथा आर्थिक स्वायत्तता।
    • महिलाएँ और बालिकाएँ सभी प्रकार की हिंसा से मुक्त हों।
    • प्राकृतिक आपदाओं एवं संघर्षों और मानवीय कार्रवाई में महिलाओं को विशेष सहायता।
  • इसके तहत संयुक्त राष्ट्र तंत्र के 4 अलग-अलग प्रभागों के कार्यों को संयुक्त रूप से संचालित किया जाता है:
    • महिलाओं की उन्नति के लिये प्रभाग।
    • महिलाओं की उन्नति के लिये अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान।
    • लैंगिक मुद्दों और महिलाओं की उन्नति पर विशेष सलाहकार कार्यालय।
    • महिलाओं के लिये संयुक्त राष्ट्र विकास कोष।

स्रोत: द हिंदू

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