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भारतीय राजनीति

कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)

  • 07 Sep 2021
  • 4 min read

प्रिलिम्स के लिये:

ई-गवर्नेंस योजना, कॉमन सर्विस सेंटर, ग्राम पंचायत, नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क 

मेन्स के लिये:

ई-गवर्नेंस में सीएससी और डिजिटल इंडिया की महत्ता 

चर्चा में क्यों?   

हाल ही में सामान्य सेवा केंद्रों/कॉमन सर्विस सेंटर (Common Services Centres- CSC) को ग्रामीण क्षेत्रों में पासपोर्ट सेवा केंद्र कियोस्क (Passport Seva Kendra kiosks) के प्रबंधन और संचालन की  मंज़ूरी प्राप्त हुई है।

प्रमुख बिंदु 

  • CSC के बारे में:
    • यह इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) की एक पहल है।
    • CSC राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) की एक रणनीतिक आधारशिला है, जिसे मई 2006 में सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया था, यह बड़े स्तर पर ई-गवर्नेंस को शुरू करने हेतु राष्ट्रीय सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम में प्रतिबद्धता के रूप में है।
    • CSCs का उद्देश्य ई-गवर्नेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य, टेलीमेडिसिन, मनोरंजन के साथ-साथ अन्य निजी सेवाओं के क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता और लागत प्रभावी वीडियो, वाॅइस और डेटा सामग्री तथा सेवाएंँ प्रदान करना है।
    • यह योजना निजी क्षेत्र और गैर-सरकारी संगठनों के लिये CSC योजना के कार्यान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिये एक अनुकूल वातावरण प्रदान करती है, जो  ग्रामीण भारत के विकास में सरकार की भागीदारी को सुनिशित करता है।
    •  CSC योजना के निजी-सार्वजनिक भागीदारी (Public Private Partnership- PPP ) मॉडल में एक 3-स्तरीय संरचना की परिकल्पना की गई है जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं:
      • सीएससी ऑपरेटर (CSC Operator) जिन्हें ग्राम स्तरीय उद्यमी या वीएलई कहा जाता है।
      • सर्विस सेंटर एजेंसी (CSA), जो 500-1000 CSCs के विभाजन के लिये ज़िम्मेदार होगी
      • राज्य सरकार द्वारा निर्धारित राज्य नामित एजेंसी (SDA) पूरे राज्य में कार्यान्वयन के प्रबंधन हेतु ज़िम्मेदार।
  •  सीएससी और डिजिटल इंडिया:
    • डिजिटल इंडिया भारत का एक प्रमुख कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करना है।
    • CSC डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तीन विज़न क्षेत्रों को सक्षम बनाता है:
      • प्रत्येक नागरिक के लिये इन्फ्रास्ट्रक्चर एक उपयोगिता के रूप में;
      • मांग पर शासन और सेवाएँ;
      • नागरिकों का डिजिटल सशक्तीकरण।
  •  सीएससी 2.0:
    • इसे वर्ष 2015 में लॉन्च किया गया था, जिसने देश के सभी ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम की पहुँच का विस्तार किया। 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में से प्रत्येक में कम-से-कम एक सीएससी की परिकल्पना की गई है।
    • CSC 2.0 एक सेवा वितरण उन्मुख उद्यमिता मॉडल है, जो कि स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (SWAN), स्टेट सर्विस डिलीवरी गेटवे (SSDG), ई-डिस्ट्रिक्ट (e-District), स्टेट डेटा सेंटर (SDC) और नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (NOFN)/ भारतनेट (BharatNet) के रूप में पहले से निर्मित बुनियादी ढाँचे के इष्टतम उपयोग के माध्यम से नागरिकों के लिये उपलब्ध कराई गई सेवाओं का एक व्यापक मंच है।

स्रोत : इंडियन एक्सप्रेस

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