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भारतीय अर्थव्यवस्था

बजट 2022-23: समावेशी विकास

  • 02 Feb 2022
  • 10 min read

प्रिलिम्स के लिये:

बजट 2022, समावेशी विकास, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, नदियों को आपस में जोड़ना, डिजिटल भुगतान, एमएसएमई, कौशल विकास और बजट में उल्लिखित विभिन्न योजनाएँ।

मेन्स के लिये:

वृद्धि एवं विकास, नियोजन, सरकारी बजट, समावेशी विकास, सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप, बजट 2022।

चर्चा में क्यों?

हाल ही में वित्त मंत्री ने संसद में केंद्रीय बजट 2022-23 पेश किया।

  • इस खंड में वर्ष 2022-23 के बजट के 'समावेशी विकास' स्तंभ पर चर्चा की गई है।

कृषि और खाद्य प्रसंस्करण 

Agriculture-food-processing

  • कृषि:
    • गेहूँ और धान की खरीद के लिये 1.63 करोड़ किसानों को 2.37 लाख करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष भुगतान।
    • देश भर में रसायन मुक्त प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रारंभ में गंगा नदी से सटे 5 किलोमीटर की चौड़ाई तक के गलियारे वाले किसानों की ज़मीनों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
    • वर्ष 2023 को ‘अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष’ के रूप में घोषित किया गया है, इसके लिये सरकार द्वारा सहयोग प्रदान किया जाएगा।
    • तिलहन का घरेलू उत्पादन बढ़ाने हेतु व्यापक योजना लागू की जाएगी।
    • किसानों को डिजिटल एवं हाई-टेक सेवाएँ देने के लिये सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मोड में एक योजना शुरू की जाएगी।
    • नाबार्ड कृषि एवं ग्रामीण उद्यम से जुड़े स्टार्टअप्स को वित्तीय मदद देने के लिये ‘मिश्रित पूंजी कोष’ की सुविधा देगा।
    • फसल मूल्यांकन, भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, कीटनाशकों एवं पोषक तत्त्वों के छिड़काव के लिये 'किसान ड्रोन' की सुविधा शुरू की जाएगी।
  • केन-बेतवा परियोजना:
    • केन-बेतवा लिंक परियोजना के क्रियान्वयन हेतु 1400 करोड़ रुपए का परिव्यय। केन-बेतवा लिंक परियोजना से किसानों की 9.08 लाख हेक्टेयर ज़मीनों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।
    • पाँच नदी लिंक परियोजनाओं- दमनगंगा-पिंजाल, पार-तापी-नर्मदा, गोदावरी-कृष्णा, कृष्णा-पेन्नार और पेन्नार-कावेरी की ‘विस्तृत परियोजना रिपोर्ट’ को अंतिम रूप दिया गया है।
  • खाद्य प्रसंस्करण:
    • किसानों को फलों एवं सब्जियों की उपयुक्त किस्मों को अपनाने और उचित उत्पादन एवं कटाई तकनीक का उपयोग करने हेतु केंद्र सरकार, राज्य सरकारों की भागीदारी के साथ एक व्यापक पैकेज प्रदान करेगी।

उद्योग और कौशल विकास

  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs):
    • उद्यम, ई-श्रम, नेशनल कॅरियर सर्विस और आत्मनिर्भर कुशल कर्मचारी नियोक्ता मानचित्रण (असीम) पोर्टलों को आपस में जोड़ा जाएगा। 
    • 130 लाख MSMEs को ‘इमरजेंसी क्रेडिट लिंक्ड गारंटी योजना’ (ECLGS) के तहत अतिरिक्त ऋण दिया गया।
      • ECLGS को मार्च 2023 तक बढ़ाया जाएगा। ECLGS के तहत गारंटी कवर को 50,000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर कुल 5 लाख करोड़ रुपए किया जाएगा।
    • सूक्ष्म तथा लघु उद्यमों को ‘सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट’ (CGTMSE) के तहत 2 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त क्रेडिट दिया जाएगा।
    • ‘रेज़िंग एंड एसिलेरेटिंग एमएसएमई परफोर्मेंस’ (RAMP) प्रोग्राम को 6000 करोड़ रुपए के परिव्यय से शुरू किया जाएगा।
  • कौशल विकास:
    • ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से नागरिकों का कौशल बढ़ाने हेतु ‘डिजिटल इकोसिस्टम फॉर स्किलिंग एंड लिवलीहुड’ (DESH-Stack e-Portal) लॉन्च किया जाएगा।
    • ‘ड्रोन शक्ति’ की सुविधा और ‘ड्रोन-एज़-ए-सर्विस’ (DrAAS) हेतु स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाएगा।

शिक्षा और स्वास्थ्य

Education

  • शिक्षा:
    • ‘पीएम ई-विद्या’ के एक कक्षा एक टीवी चैनल कार्यक्रम को 200 टीवी चैनलों पर दिखाया जाएगा।
    • महत्त्वपूर्ण कौशल और प्रभावी शिक्षण वातावरण को बढ़ावा देने हेतु वर्चुअल प्रयोगशाला तथा कौशल ई-प्रयोगशाला की स्थापना की जाएगी।
    • डिजिटल माध्यम से पढ़ाई के लिये उच्च गुणवत्ता वाला ई-कंटेंट विकसित किया जाएगा।
    • व्यक्तिगत तौर पर पढ़ाई करने के लिये विश्व स्तरीय शिक्षा हेतु ‘डिजिटल विश्वविद्यालय’ की स्थापना की जाएगी।
  • स्वास्थ्य:
    • राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम के लिये एक ओपन मंच शुरू किया जाएगा। गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और देख-रेख सेवाओं के लिये ‘राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम’ शुरू किया जाएगा।
    • 23 टेली मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों का एक नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। इसका नोडल सेंटर ‘निम्हांस’ (NIMHANS) में स्थापित होगा और अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान बंगलूरू (IIITB) इसे प्रौद्योगिकी सहायता प्रदान करेगा।
    • मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आँगनबाड़ी और पोषण 2.0 के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों को एकीकृत लाभ प्रदान किये जाएंगे। 
      • दो लाख आँगनवाड़ियों का सक्षम आँगनवाड़ियों के रूप में उन्‍नयन किया जाएगा। 

बुनियादी सुविधाओं को अपग्रेड करना

  • हर घर, नल से जल:
  • हर घर, नल से जल के तहत वर्ष 2022-23 में 3.8 करोड़ परिवारों को शामिल करने के लिये 60,000 करोड़ रुपए आवंटित किये गए।
  • सभी के लिये आवास:
    • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 80 लाख घरों को पूरा करने के लिये 48 हजार करोड़ रुपए आवंटित किये गए।
  • ‘उत्तर-पूर्व क्षेत्र हेतु प्रधानमंत्री विकास पहल’ (PMDevINE):
    • उत्तर-पूर्व में बुनियादी ढाँचे और सामाजिक विकास परियोजनाओं को निधि प्रदान करने  हेतु नई योजना ‘पीएम-डिवाइन’ (PMDevINE) शुरू की गई है।
    • इस योजना के तहत युवाओं एवं महिलाओं को आजीविका गतिविधियों में समर्थ बनाने हेतु 1500 करोड़ रुपए का शुरुआती आवंटन किया गया है।
  • जीवंत ग्राम कार्यक्रम:
    • विरल आबादी वाले सीमावर्ती गाँव सीमित संपर्क एवं बुनियादी ढाँचे के अभाव के कारण प्रायः ‘विकास के लाभ’ से छूट जाते हैं। उत्तरी सीमा पर ऐसे गाँवों को नए जीवंत ग्राम कार्यक्रम’ के तहत कवर किया जाएगा।
    • इन गतिविधियों में ग्रामीण बुनियादी ढाँचे का निर्माण, आवास, पर्यटन केंद्र, सड़क संपर्क, विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा का प्रावधान, दूरदर्शन एवं शैक्षिक चैनलों का प्रत्यक्ष प्रसारण और आजीविका सृजन हेतु समर्थन शामिल होगा।

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा:

  • ‘कभी भी- कहीं भी’ डाकघर बचत: वर्ष 2022 में 1.5 लाख डाकघरों में से शत-प्रतिशत कोर बैंकिंग प्रणाली के तहत शामिल हो जाएंगे, जिससे वित्तीय समावेशन एवं नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम के माध्यम से खातों तक पहुँच एवं डाकघरों के बीच धन का ऑनलाइन हस्तांतरण भी होगा। 
  • डिजिटल बैंकिंग: अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों द्वारा देश के 75 ज़िलों में 75 डिजिटल बैंकिंग इकाइयाँ (DBU) स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है।
  • डिजिटल भुगतान: पिछले बजट में घोषित डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के लिये वित्तीय सहायता वर्ष 2022-23 में भी जारी रहेगी।

स्रोत: पी.आई.बी.

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