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भारत में ब्लॉकचेन गेमिंग

  • 14 Mar 2022
  • 17 min read

प्रिलिम्स के लिये:

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, ब्लॉकचेन गेमिंग, क्रिप्टोकरेंसी, नॉन-फंजिबल टोकन (NFTs), क्रिप्टोकिट्टी।

मेन्स के लिये:

ब्लॉकचेन तकनीक के अनुप्रयोग, बजट 2022-2023।

चर्चा में क्यों?

पिछले कुछ वर्षों में ब्लॉकचेन तकनीक के विशाल दायरे और क्षमता ने गेमिंग उद्योग को आकर्षित किया है। भारत में भी गेमिंग उद्योग इस विकल्प को तलाश रहे हैं।

  • ब्लॉकचेन एक विकेंद्रीकृत डेटाबेस है जो सूचनाओं को संग्रहीत करता है। यह ऐसी तकनीक पर निर्भर करता है जो एक नेटवर्क में कई कंप्यूटरों पर किसी विशिष्ट जानकारी की समान प्रतियों के भंडारण की अनुमति देता है।

ब्लॉकचेन गेमिंग क्या है?

  • ब्लॉकचेन गेम ऐसे ऑनलाइन वीडियो गेम हैं, जो ब्लॉकचेन तकनीक को एकीकृत करके विकसित किये गए हैं।
  • इन तत्त्वों का उपयोग खिलाड़ी अन्य खिलाड़ियों के साथ खरीद, बिक्री या व्यापार के लिये करते हैं, जिसमें गेम प्रकाशक मुद्रीकरण के रूप में प्रत्येक लेन-देन पर शुल्क लेता है।
  • ब्लॉकचेन गेम का उदाहरण: वर्ष 2017 में डैपर लैब्स ने ‘क्रिप्टोकिट्टी’ नामक पहला ब्लॉकचेन गेम विकसित किया था।
    • इस खेल में लोग एक वर्चुअल बिल्ली (CryptoKittie) को गोद लेने और प्रजनन करने की खुशी का अनुभव कर सकते हैं, बिना घर लाने की ज़िम्मेदारी लिये।
    • प्रत्येक क्रिप्टोकिट्टी एक नॉन-फंजिबल टोकन (NFTs) है।

ब्लॉकचेन गेम्स के तत्त्व:

  • NFTs: यह गेम में मौजूद ऐसी आभासी संपत्तियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो खिलाड़ियों के स्वामित्व में हो सकते हैं, जैसे कि नक्शे, कवच या भूमि आदि।
    • ये NFT परिसंपत्ति टैग के रूप में कार्य करते हैं, जो गेम में मौजूद परिसंपत्तियों के स्वामित्व की पहचान करते हैं और ब्लॉकचेन पर संग्रहीत होते हैं।
    • ब्लॉकचेन पर होने से खिलाड़ी को गेम की संपत्तियों के स्वामित्व का एक सुरक्षित रिकॉर्ड रखने की अनुमति मिलती है और संपत्ति को खेल से बाहर निकलने की क्षमता भी मिलती है।
    • जिस तरह से गेम डिज़ाइन किये गए हैं, उसके आधार पर यह गेम की संपत्तियों को एक गेम से दूसरे गेम में स्थानांतरित करने की भी अनुमति देता है।
    • साथ ही यह पारदर्शिता भी बनाए रखता है, क्योंकि स्वामित्व रिकॉर्ड स्वतंत्र रूप से किसी तीसरे पक्ष द्वारा भी सत्यापित किया जा सकता है।
    • ऐसा करने पर यह गेम संपत्तियों को विपणन योग्य बनाता है और एक विकेंद्रीकृत बाज़ार का निर्माण करता है, जहाँ उन्हें लोगों द्वारा खरीदा और बेचा जा सकता है।
  • क्रिप्टोकरेंसी:
    • क्रिप्टोकरेंसी, जैसे कि एथेरियम ब्लॉकचेन पर आधारित टोकन का उपयोग गेम संपत्ति की खरीद के लिये किया जा सकता है।
    • यह खरीदारी आमतौर पर गेमर्स को अतिरिक्त जीवन, सिक्के आदि जैसी चीजें खरीदने में सक्षम बनाती है।

विगत वर्षों के प्रश्न

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिये: (2018)

कभी-कभी खबरों में रहे शब्द                 संदर्भ/विषय

  1. बेल II प्रयोग              -                    कृत्रिम 
  2. ब्लॉकचेन                  -                    डिजिटल/क्रिप्टोकरेंसी 
  3. CRISPR - Cas9       -                    कण भौतिकी

उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: B 

भारत में इन खेलों की वैधता 

  • कानूनी क्षेत्राधिकार: राज्य विधायका को भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची II (राज्य सूची) की प्रविष्टि संख्या 34 के तहत, सट्टेबाज़ी और जुए से संबंधित कानून बनाने की विशेष शक्ति दी गई है।
  • भारत में खेलों के प्रकार: अधिकांश भारतीय राज्य 'कौशल के खेल' और 'मौके संबंधी खेल' के बीच कानून में अंतर के आधार पर गेमिंग को नियंत्रित करते हैं।
  • खेल के प्रकार का परीक्षण: 'प्रमुख तत्त्व' परीक्षण का उपयोग यह निर्धारित करने के लिये किया जाता है कि खेल के परिणाम को निर्धारित करने में ‘मौका’ या ‘कौशल’ प्रमुख तत्त्व है या नहीं।
    • इस  'प्रमुख तत्त्व' को इस बात की जाँच के आधार पर निर्धारित किया जा सकता है कि किसी खिलाड़ी के बेहतर ज्ञान, प्रशिक्षण, अनुभव, विशेषज्ञता या ध्यान जैसे कारकों का खेल के परिणाम पर कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं।
  • अनुमत खेलों के प्रकार की स्थिति: 'अवसर आधारित खेल’ (Game Of Chance) के परिणाम पर धन या संपत्ति को दांँव पर लगाना निषिद्ध है और दोषी पक्षों को आपराधिक प्रतिबंधों के अधीन करता है।
    • हालांँकि 'कौशल आधारित खेल (Game of Skill)' के परिणाम पर कोई दांँव लगाना अवैध नहीं है और इसकी अनुमति भी दी जा सकती है।
    • यह ध्यान रखना महत्त्वपूर्ण है, सर्वोच्च न्यायालय ने माना है कि कोई भी खेल विशुद्ध रूप से 'कौशल आधारित नहीं है और लगभग सभी खेलों में अवसर का एक तत्त्व शामिल होता है।
  • कॉमन गेमिंग हाउस:
    • अधिकांश राज्यों में गेमिंग कानून हेतु एक अन्य अवधारणा 'कॉमन गेमिंग हाउस' का विचार है।
    • एक सामान्य गेमिंग हाउस का स्वामित्व, रखरखाव या प्रभारी होना या ऐसे किसी भी सामान्य गेमिंग हाउस में गेमिंग के उद्देश्य के लिये उपस्थित होना राज्यों के गेमिंग कानूनों के संदर्भ में आमतौर पर प्रतिबंधित है।
    • सामान्य गेमिंग हाउस को किसी भी घर,चारदीवारी वाले कमरे या स्थान के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें गेमिंग के उपकरण रखे जाते हैं या लाभ के लिये उपयोग किये जाते हैं।
    • प्रासंगिक रूप से अदालतों ने समय-समय पर इस बात को स्पष्ट किया है कि खेल खेलने और/या सुविधाओं को बनाए रखने हेतु केवल एक अतिरिक्त शुल्क लेने को लाभ या लाभ के रूप में नहीं देखा जा सकता है।

कौशल आधारित खेल और संयोग आधारित खेल में अंतर:

  • कौशल आधारित खेल: 
    • एक "कौशल आधारित खेल" मुख्य रूप से एक अवसर के बजाय किसी खिलाड़ी की विशेषज्ञता के मानसिक या शारीरिक स्तर पर आधारित होता है।
    • कौशल के खेल के सबसे महत्त्वपूर्ण लाभों में से एक यह है कि यह खिलाड़ियों को खेल में अपनी क्षमताओं का पता लगाने की स्वतंत्रता प्रदान करता है।
    • लगातार अभ्यास के माध्यम से विभिन्न रणनीतियों को सुधारने और लागू करने के तरीकों की तलाश करते हुए ये खेल खिलाड़ियों को नियमों के एक निश्चित सेट के पालन के लिये उत्साहित करते हैं।
    • यह गलत है कि कौशल आधारित खेल में संयोग घटक नहीं होता है, वास्तव में ये कुछ हद तक इस पर भी निर्भर हैं। हालाँकि यह व्यक्तिगत कौशल है जो सफलता दर निर्धारित करता है।
    • उदाहरण: शतरंज, कैरम, रम्मी और फैंटेसी स्पोर्ट्स को स्किल का खेल कहा जाता है।
  • संयोग आधारित खेल:
    • एक "संयोग आधारित खेल" मुख्य रूप से किसी भी प्रकार के यादृच्छिक कारक द्वारा निर्धारित किया जाता है।
    • संयोग आधारित खेल में कौशल का उपयोग मौजूद होता है लेकिन उच्च स्तर पर संयोग ही सफलता को निर्धारित करता है।
    • ताश खेलना, पासा पलटना, या यहाँ तक कि एक गिने-चुने गेंद को उठाना जैसे खेलों को संयोग आधारित खेल के रूप में देखा जाता है।
    • यह ध्यान देने योग्य है कि यहाँ के खिलाड़ियों का परिणाम पर नियंत्रण नहीं होता है। उदाहरण: ब्लैकजैक।

वर्तमान ढांँचे में ब्लॉकचेन गेमिंग:

  • चूंँकि ब्लॉकचेन केवल अंतर्निहित तकनीक है, इसलिये भारत में इसका कोई स्पष्ट नियमन नहीं है।
  • यह ध्यान रखना महत्त्वपूर्ण है कि अधिकांश गेमिंग कानूनों को इंटरनेट युग से पहले लागू किया गया था, इसलिये केवल भौतिक रूप में परिसर में होने वाली गेमिंग गतिविधियों के विनियमन पर विचार किया जाना चाहिये। 
  • हालाँकि जैसा कि वर्तमान कानून के अनुसार, अधिकांश भारतीय राज्यों में कानूनी रूप से उपलब्ध कराने के लिये  प्रत्येक ब्लॉकचेन गेम को पहले 'कौशल आधारित  खेल' के रूप में पास करना होगा, जो  'अवसर/संयोग आधारित खेल’ के विरुद्ध है।
  • यह भी ध्यान रखना प्रासंगिक है कि पूर्व में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वीडियो गेम की 'कौशल आधारित खेल' होने की धारणा को खारिज कर दिया है।
    • यह माना गया कि इन खेलों के परिणामों में खेल की मशीनों के साथ छेड़छाड़ करके हेर-फेर किया जा सकता है।
    • इसलिये खिलाड़ियों का कौशल खेल का प्रमुख कारक नहीं हो सकता।
  • चूँकि ब्लॉकचेन गेम के डेवलपर्स और पब्लिशर्स ऐसे गेम की पेशकश के लिये राजस्व / शुल्क अर्जित करने की संभावना रखते हैं, अतः यह सवाल उठता है कि क्या उन्हें भारतीय कानून के तहत सामान्य ‘गेमिंग हाउस’ द्वारा निभाई गई भूमिका के समान भूमिका निभाने के रूप में देखा जा सकता है।
  • इसके अलावा ब्लॉकचेन गेम की वैधता क्रिप्टोकरेंसी की वैधता पर निर्भर करती है।
    • बजट 2022-23 में घोषणा की गई है कि किसी भी 'आभासी डिजिटल संपत्ति' (जिसमें क्रिप्टोकरेंसी और अपूरणीय टोकन शामिल हैं) के हस्तांतरण से होने वाली आय 30% की दर से आयकर के अधीन होगी।
    • इस प्रकार की नीतिगत घोषणाओं को अपने मूल्य निर्धारण मॉडल को डिज़ाइन करते समय ब्लॉकचेन गेम के पब्लिशर्स द्वारा सावधानीपूर्वक विचार करने की आवश्यकता होगी।

ब्लॉकचेन गेम के लिये बौद्धिक संपदा सुरक्षा:

  • पेटेंट: पेटेंट अधिनियम, 1970 की धारा 3 (के) के अनुसार, कंप्यूटर प्रोग्राम स्वयं आविष्कार नहीं हैं और इसलिये पेटेंट नहीं किया जा सकता है।
    • हालाँकि पूर्व की न्यायिक घोषणाओं ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी आविष्कार का तकनीकी योगदान या तकनीकी प्रभाव है और यह केवल एक कंप्यूटर प्रोग्राम नहीं है, तो यह पेटेंट योग्य होगा।
    • इस प्रकार एक ब्लॉकचेन गेम के लिये एक पेटेंट की मांग की जा सकती है, यदि यह नवीनता की आवश्यकताओं को पूरा करता है, जिसमें एक आविष्कारशील कदम और औद्योगिक अनुप्रयोग शामिल है।
  • ट्रेडमार्क: किसी विशेष वस्तु या सेवा के स्रोत को निर्धारित करने के लिये एक ट्रेडमार्क का उपयोग पहचान चिह्न के रूप में किया जाता है और ब्रांड की सद्भावना व प्रतिष्ठा की रक्षा के लिये प्राप्त किया जाता है।
    • ब्लॉकचेन गेम या एनएफटी में कोई भी विशिष्ट चिह्न जो उपभोक्ताओं को उस विशेष गेम या एनएफटी के स्रोत की पहचान करने की अनुमति देता है, ट्रेडमार्क हो सकता है।
  • कॉपीराइट: भारत में कलात्मक कार्य, संगीत कार्य, सिनेमैटोग्राफिक फिल्में, नाटकीय कार्य, ध्वनि रिकॉर्डिंग और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर कॉपीराइट कानून के तहत संरक्षित होने में सक्षम हैं।
    • यद्यपि कॉपीराइट अधिनियम में कोई विशेष प्रावधान नहीं है जो वीडियो गेम से संबंधित है, वीडियो गेम की कॉपीराइट सुरक्षा 'मल्टीमीडिया उत्पादों' की श्रेणी के तहत मांगी जा सकती है।

आगे की राह

  • ऑनलाइन गेम के लिये ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग गेम डेवलपर्स, पब्लिशर्स और खिलाड़ियों के लिये लाभदायक होने की संभावना है।
    • हालाँकि उनके विकास की कुंजी विनियमन है जो यह सुनिश्चित करता है कि भारतीय क्षेत्र में इस तरह के खेलों की पेशकश की अनुमति है और यह बौद्धिक संपदा अधिकारों के रूप में सुरक्षा भी प्रदान करता है।
  • अन्य चिंताओं, जैसे कि गोपनीयता और साइबर सुरक्षा, के साथ-साथ ब्लॉकचेन गेम पर वित्तीय नियम कैसे लागू होंगे, को भी संबोधित करने की आवश्यकता होगी।

विगत वर्षों के प्रश्न

प्रश्न: "ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी" के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. यह एक सार्वजनिक खाता बही है जिसका हर कोई निरीक्षण कर सकता है, लेकिन कोई एकल उपयोगकर्त्ता नियंत्रित नहीं करता है।
  2. ब्लॉकचेन की संरचना और डिज़ाइन ऐसी है कि इसमें मौजूद सभी डेटा केवल क्रिप्टोकरेंसी के बारे में है।
  3. अनुप्रयोग जो कि बुनियादी सुविधाओं पर निर्भर करते हैं, ब्लॉकचेन को बिना किसी अनुमति के विकसित किया जा सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 
(b) केवल 1 और 2 
(c) केवल 2 
(d) केवल 1 और 3 

उत्तर: (d)

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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