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भारतीय अर्थव्यवस्था

बिहार द्वारा कश्मीरी सेबों का विक्रय

  • 29 Oct 2019
  • 4 min read

प्रीलिम्स के लिये:

नेफेड

मेन्स के लिये:

सहकारी संस्थाओं का अर्थव्यवस्था में योगदान

चर्चा में क्यों?

हाल ही में कश्मीरी सेब उत्पादकों की मदद के लिये बिहार की शीर्ष सहकारी संस्था बिस्कोमान ने बिहार में बाज़ार से कम मूल्य पर कश्मीरी सेब के विक्रय की पहल की।

प्रमुख बिंदु :

  • गौरतलब है कि भारत सरकार ने कश्मीरी किसानों कि समस्या को देखते हुए सेबों के विक्रय हेतु नेफेड (NEFED- National Agricultural Cooperative Marketing Federation Limited) को नोडल एजेंसी बनाया है।
  • नेफेड ने अपनी संबद्ध इकाई बिस्कोमान (BISCOMAUN- Bihar State Cooperative Marketing Union Limited) को बिहार में सेबों के विक्रय हेतु अपनी नोडल एजेंसी बनाई है।
  • सहकारी संस्थाओं की इस प्रकार की पहल से कश्मीरी किसानो और व्यापारियों को सेबों का उचित दाम मिलेगा।
  • बिस्कोमान के द्वारा सेबों का मूल्य बाजार में उपलब्ध सेबों के मूल्य से कम रखा गया है।
  • एजेंसी स्पेशल मार्केट इंटरवेंशन प्राइस स्कीम (Special Market Intervention Scheme) के तहत किसानों से सेब खरीदेगी।

स्पेशल मार्केट इंटरवेंशन प्राइस स्कीम (Special Market Intervention Scheme)

  • बाज़ार मूल्य में गिरावट की स्थिति में खराब होने वाले खाद्यान्नों और बागवानी वस्तुओं की खरीद के लिये राज्य सरकारों के अनुरोध पर लागू की जाने वाली एक मूल्य समर्थन प्रणाली है।

सहकारी समिति :

  • अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार, सहकारी समिति संयुक्त स्वामित्व वाले और लोकतांत्रिक रूप से नियंत्रित उद्यम के माध्यम से आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक जरूरतों व आकांक्षाओं की पूर्ति के लिये स्वेच्छा से एकजुट हुए व्यक्तियों का एक स्वायत्त समूह है।
  • संविधान (97वाँ संशोधन) अधिनियम, 2011 के तहत सहकारिता की स्वायत्तता ,राज्य एवं राजनीतिक हस्तक्षेप से बचाने और सहकारी समितियों के संचालन के लिये अधिक से अधिक प्रबंधकीय कौशल को लाने की परिकल्पना की गयी है।
  • इस संशोधन द्वारा अनुच्छेद 19(1)के तहत सहकारी समिति के गठन के अधिकार को मौलिक अधिकार के अंतर्गत लाया गया।
  • इसके तहत संविधान के भाग IV में एक नया नीति निर्देशक सिद्धांत भी शामिल किया गया।

अनुच्छेद 43 B के अनुसार- "राज्य, स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कामकाज, लोकतांत्रिक नियंत्रण और सहकारी समितियों के पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा"।

नेफेड क्या है?

  • नेफेड की स्थापना 2 अक्टूबर, 1958 को की गई।
  • नेफेड का पंजीकरण मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटीज एक्ट (Multi State Co-Operative Society Act) के तहत किया गया है।
  • कृषि उत्पादों के सहकारी विपणन को प्रोत्साहित करने के लिये नेफेड की स्थापना की गई थी। बिस्कोमान नेफेड की संबद्ध राज्य इकाई और बिहार की शीर्ष सहकारी संस्था है।
  • स्रोत-द हिंदू
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