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भारतीय अर्थव्यवस्था

परिवहन और विपणन सहायता योजना

  • 02 Apr 2019
  • 4 min read

चर्चा में क्यों?

हाल ही में वाणिज्य मंत्रालय ने परिवहन और विपणन सहायता (Transport and Marketing Assistance- TMA) योजना के तहत लाभ प्राप्त करने का दावा करने के लिये एक विस्तृत प्रक्रिया प्रस्तुत की है, जिसका उद्देश्य कृषि निर्यात को बढ़ावा देना है।

प्रमुख बिंदु

  • हाल में सरकार ने यूरोप और उत्तरी अमेरिका के कुछ देशों में कृषि संबंधी वस्तुओं के निर्यात को बढ़ावा देने के लिये परिवहन और विपणन सहायता योजना की घोषणा की, इससे कृषि उत्पादों के परिवहन और विपणन के लिये वित्तीय सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी।
  • इस योजना के अंतर्गत माल ढुलाई प्रभार के एक निश्चित हिस्से की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा की जाएगी और कृषि उपज के विपणन के लिये किसानों को सहायता प्रदान की जाएगी।
  • विदेश व्यापार महानिदेशालय (Directorate General of Foreign Trade- DGFT) ) ने निर्दिष्ट कृषि उत्पादों के लिये TMA प्राप्त करने हेतु प्रक्रिया और आयात-निर्यात फॉर्म जारी कर दिया है।
  • इस योजना में हवाई और समुद्री मार्ग (सामान्य और प्रशीतित दोनों कार्गो) द्वारा निर्यात के लिये माल ढुलाई और विपणन सहायता शामिल है।
  • इस प्रक्रिया के अनुसार, एक पंजीकृत और पात्र निर्यातक  जिसके पास निर्यात संवर्द्धन परिषद या कमोडिटी बोर्ड द्वारा जारी वैध पंजीकरण सह सदस्यता प्रमाण पत्र (Registration Cum Membership Certificate- RCMC) हो, सहायता प्राप्त करने/दावा करने के लिये ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।

आवेदन की प्रक्रिया

  • आवेदन पत्र विदेश व्यापार महानिदेशालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध है। एक निश्चित शुल्क के साथ इसे ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा।
  • TMA पर दावे के लिये आवेदन त्रैमासिक आधार पर किया जाएगा।
  • अधिसूचना के अनुसार तिमाही के पूरा होने से एक साल की अवधि के भीतर ऑनलाइन दावे दर्ज किये जाने चाहिये।
  • आवेदन पत्र दाखिल करने के लिये जिन दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है, उनमें शिपिंग या एयरवेज़ बिल, वाणिज्यिक चालान, लदान के ऑनबोर्ड बिल और लैंडिंग का प्रमाण शामिल हैं।
  • यह सहायता केवल कार्गो को शिपिंग करने वाले निर्यातक को दी जाएगी और उसके नाम पर भुगतान सामान्य बैंकिंग चैनलों के माध्यम से किया जाएगा।
  • DGFT के अनुसार, यह योजना केवल EDI (इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज) बंदरगाहों के माध्यम से निर्यात के लिये स्वीकार्य है।

वर्तमान परिदृश्य

  • वर्तमान में यह 1 मार्च, 2019 से मार्च 2020 तक किये जाने वाले निर्यात के लिये उपलब्ध होगा।
  • इस योजना का लाभ उठाते हुए व्यापार विशेषज्ञों ने कहा कि इस योजना से भारत से कृषि निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उद्देश्य

  • इसका उद्देश्य चाय, कॉफी और चावल जैसी कृषि वस्तुओं के निर्यात को बढ़ावा देना तथा वैश्विक कृषि व्यापार में देश की हिस्सेदारी बढ़ाना है।
  • भारत के कृषि निर्यात बढ़ाने की बहुत बड़ी संभावना है। लेकिन निर्यात को बढ़ावा देने के लिये और अधिक वैश्विक कृषि बाज़ार तलाशने की ज़रूरत है।

स्रोत- बिज़नेस लाइन (द हिंदू)

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