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अंतर्राष्ट्रीय संबंध

क्वाड विदेश मंत्रियों की चौथी बैठक

  • 14 Feb 2022
  • 9 min read

प्रिलिम्स के लिये:

क्वाड, नाटो, इंडो-पैसिफिक, क्वाड वैक्सीन पहल, 5G, कोवोवैक्स, कोर्बेवाक्स।

मेन्स के लिये:

भारत से जुड़े और/या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय समूह तथा समझौते, क्वाड एवं इसका महत्त्व।

चर्चा में क्यों?

हाल ही में क्वाड समूह (भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान) के विदेश मंत्रियों की चौथी बैठक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित हुई।

  • यह बैठक यूक्रेन को लेकर रूस और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) देशों के बीच बढ़ते तनाव, अफगान संकट तथा भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन द्वारा अतिक्रमण की बढ़ती चिंताओं के बीच आयोजित की गई थी।

क्वाड (QUAD):

  • चतुर्भुज सुरक्षा संवाद’ (QUAD- Quadrilateral Security Dialogue) अर्थात् क्वाड भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच अनौपचारिक रणनीतिक वार्ता मंच है।
  • यह 'मुक्त, खुले और समृद्ध' भारत-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने और उसके समर्थन के लिये इन देशों को एक साथ लाता है।
  • क्वाड की अवधारणा औपचारिक रूप से सबसे पहले वर्ष 2007 में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे द्वारा प्रस्तुत की गई थी, हालाँकि चीन के दबाव में ऑस्ट्रेलिया के पीछे हटने के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
  • शिंज़ो आबे द्वारा वर्ष 2012 में हिंद महासागर से प्रशांत महासागर तक समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका को शामिल करते हुए एक ‘डेमोक्रेटिक सिक्योरिटी डायमंड’ (Democratic Security Diamond) स्थापित करने का विचार प्रस्तुत किया गया।
  • ‘क्वाड’ समूह की स्थापना नवंबर 2017 में हिंद-प्रशांत क्षेत्र को किसी बाहरी शक्ति (विशेषकर चीन) के प्रभाव से मुक्त रखने हेतु नई रणनीति बनाने के लिये हुई और आसियान शिखर सम्मेलन के एक दिन पहले इसकी पहली बैठक का आयोजन किया गया।

Quad

सुरक्षा और खुफिया गतिविधियों पर चर्चा:

  • क्वाड समूह के गठन के बाद पहली बार मुंबई (2008) में 26/11 के आतंकी हमले और पठानकोट एयरबेस हमले (2016) को लेकर न्याय की गुहार लगाई गई।
  • क्वाड पहले से ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में खतरों को लेकर खुफिया जानकारी साझा करने में सहयोग कर रहा है। बैठक में सभी देशों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया कि उनके नियंत्रण वाले क्षेत्र का उपयोग आतंकवादी हमलों के लिये नहीं किया जाता है और ऐसे हमलों के अपराधियों की  शीघ्र से शीघ्र न्यायिक जाँच की जाए।
  • उन्होंने दक्षिण-पूर्वी चीन के समुद्री क्षेत्र में चीन की कार्रवाइयों का परोक्ष संदर्भ देते हुए एक स्वतंत्र इंडो-पैसिफिक के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की, "जिसमें राज्य उन क्षेत्रों में जो किसी भी प्रकार की ज़बरदस्ती से मुक्त हैं, अपने लोगों के हितों की रक्षा करने का प्रयास करते हैं।"

वैक्सीन पहल पर रुख: 

  • वर्ष 2022 के अंत तक इंडो-पैसिफिक देशों को भारत में उत्पादित कम-से-कम एक बिलियन टीके वितरित करने हेतु प्रमुख क्वाड वैक्सीन पहल (Quad Vaccine Initiatives) के लिये नई प्रतिबद्धता और वैश्विक स्तर पर 1.3 बिलियन वैक्सीन खुराक वितरित करने की प्रतिबद्धत्ता व्यक्त की गई।
    • मार्च 2021 में क्वाड वैक्सीन साझेदारी की घोषणा की गई थी।

म्याँमार संकट पर क्वाड का रुख:

  • यह म्याँमार संकट को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है और हिंसा को समाप्त करने, विदेशियों सहित मनमाने ढंग से हिरासत में लिये गए सभी लोगों की रिहाई और निर्बाध मानवीय पहुँच का आह्वान करता है।
  • इसने म्याँमार में समाधान तलाशने हेतु दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (ASEAN) के प्रयासों के लिये अपने समर्थन की पुष्टि की तथा सैन्य शासन से आसियान की पाँच सूत्री सहमति को तत्काल लागू करने और म्याँमार को लोकतंत्र के रास्ते पर वापस लाने का आह्वान किया।
  • इसने हिंसा को समाप्त करने हेतु अंतर्राष्ट्रीय समुदायों को साथ मिलकर कार्य करने के लिये प्रोत्साहित किया।

उभरती प्रौद्योगिकियों पर नेताओं का रुख:

  • जलवायु परिवर्तन, महत्त्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों, आतंकवाद विरोधी, बुनियादी ढाँचे मानवीय-सहायता और आपदा-राहत (HADR) तथा समुद्री डोमेन ज़ागरूकता सहित वर्ष 2021 में क्वाड शिखर सम्मेलन के दौरान पहचाने गए सहयोग के अन्य क्षेत्रों में रिकॉर्ड प्रगति।
  • QUAD समान विचारधारा वाले भागीदारों के सहयोग से एक विविध, खुले और अंतर-संचालित दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिये 5G प्रौद्योगिकी और विक्रेता विविधीकरण पर कार्य कर रहा है।

बैठक में भारत का रुख:

  • भारत क्वाड वैक्सीन साझेदारी के तहत सुरक्षित और किफायती मेड इन इंडिया वैक्सीन जैसे कि  कॉर्बेवैक्स और कोवोवैक्स (COVOVAX and CORBEVAX) की आपूर्ति के लिये तैयार है।
  • क्वाड (QUAD) एक ऐसा एजेंडा तैयार कर रहा है जो भारत के स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का प्रयास करता है।
    • भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अधिक भरोसेमंद और लचीली आपूर्ति शृंखला बनाने तथा रणनीतिक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में व्यापक एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिये मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया है।
    • उदार लोकतंत्र के रूप में भारत और ऑस्ट्रेलिया एक नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था, अंतर्राष्ट्रीय जल में नौवहन की स्वतंत्रता, सभी राज्यों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करते हुए सभी के लिये कनेक्टिविटी, विकास एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना जारी रखेंगे।
  • भारत हिंद-प्रशांत में शांति एवं स्थिरता और आर्थिक समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिये मिलकर काम करने का इच्छुक है। 
  • भारत ने भारत-म्याँमार सीमा पर उग्रवाद की चुनौती की ओर इशारा किया। साथ ही इस बात पर भी ज़ोर दिया गया कि भारत किसी भी प्रकार के ‘राष्ट्रीय प्रतिबंधों’ के विरुद्ध है। अमेरिका ने म्याँमार सेना के कई प्रतिनिधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
  • भारत ने यूक्रेन पर आक्रमण करने की रूस की धमकी पर पूर्ण राजनयिक चुप्पी बनाए रखी।

स्रोत: द हिंदू

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