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उज्ज्वला योजना

  • 02 Dec 2021
  • 6 min read

प्रिलिम्स के लिये:

सूचना का अधिकार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना

मेन्स के लिये: 

उज्ज्वला योजना का महत्त्व और संबंधित चुनौतियाँ

चर्चा में क्यों?

सूचना का अधिकार’ के तहत प्राप्त सूचना के मुताबिक, वर्ष 2019 के आम चुनाव से ठीक पहले ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के अंतर्गत नए वितरण में तेज़ी देखी गई।

  • योजना के तहत वर्ष 2020 तक वंचित परिवारों को 8 करोड़ एलपीजी कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य था। यह लक्ष्य मार्च 2020 की समय-सीमा से सात महीने पूर्व ही अगस्त 2019 में हासिल कर लिया गया था।
  • अगस्त 2021 में प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ (PMUY) के दूसरे चरण या ‘उज्ज्वला 2.0 योजना’ का शुभारंभ किया था।

प्रमुख बिंदु

  • परिचय:
    • PMUY-I:
      • इसे गरीब परिवारों को ‘तरलीकृत पेट्रोलियम गैस’ (LPG) कनेक्शन प्रदान करने के लिये मई 2016 में शुरू किया गया।
    • PMUY-II:
      • इसका उद्देश्य उन प्रवासियों को अधिकतम लाभ प्रदान करना है जो दूसरे राज्यों में रहते हैं और अपने पते का प्रमाण प्रस्तुत करने में कठिनाई होती है।
      • अब उन्हें इसका लाभ उठाने के लिये केवल "सेल्फ डिक्लेरेशन" देना होगा।
  • उद्देश्य:
    • महिलाओं को सशक्त बनाना और उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना।
    • भारत में अशुद्ध खाना पकाने के ईंधन के कारण होने वाली मौतों की संख्या को कम करना।
    • घर के अंदर जीवाश्म ईंधन जलाने से वायु प्रदूषण के कारण छोटे बच्चों को होने वाली श्वास संबंधी गंभीर बीमारियों से बचाना।
  • विशेषताएँ:
    • इस योजना में बीपीएल परिवारों को प्रत्येक एलपीजी कनेक्शन के लिये 1600 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
    • एक जमा-मुक्त एलपीजी कनेक्शन के साथ उज्ज्वला 2.0 के लाभार्थियों को पहली रिफिल और एक हॉटप्लेट निःशुल्क प्रदान किया जाएगा।
  • लक्ष्य:
    • उज्ज्वला 1.0 के तहत मार्च 2020 तक गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवारों की 50 मिलियन महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य था। हालाँकि अगस्त 2018 में सात अन्य श्रेणियों की महिलाओं को योजना के दायरे में लाया गया था, इनमें शामिल हैं:
    • उज्जवला 2.0 के तहत लाभार्थियों को अतिरिक्त 10 मिलियन एलपीजी कनेक्शन प्रदान किये जाएंगे।
      • सरकार ने 50 ज़िलों के 21 लाख घरों में पाइप से गैस पहुँचाने का भी लक्ष्य रखा है।
  • नोडल मंत्रालय:
    •  पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG)।
  • उपलब्धियाँ:
    • PMUY के पहले चरण में दलित और आदिवासी समुदायों सहित 8 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन दिये गए।
    •  देश में रसोई गैस के बुनियादी ढाँचे का कई गुना विस्तार हुआ है। पिछले छह वर्षों में देश भर में 11,000 से अधिक नए एलपीजी वितरण केंद्र खोले गए हैं।
  • चुनौतियाँ:
    • रिफिल की कम खपत:
      • एलपीजी के निरंतर उपयोग को प्रोत्साहित करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है और रिफिल की कम खपत ने योजना के तहत वितरित बकाया ऋण की वसूली में बाधा उत्पन्न की।
      • 31 दिसंबर, 2018 को वार्षिक औसत प्रति उपभोक्ता सिर्फ 3.21 रिफिल था।
    • प्रणाली से संबंधित विसंगतियाँ:
      • अनपेक्षित लाभार्थियों को कनेक्शन जारी करने जैसी कमियाँ तथा राज्य संचालित तेल विपणन कंपनियों के सॉफ्टवेयर के साथ समस्याएँ देखी गई हैं, जो कि लाभार्थियों की पहचान करने के लिये डिडुप्लीकेशन प्रक्रिया में अपर्याप्तता को दर्शाता है।

आगे की राह 

  • इस योजना को शहरी और अर्द्ध-शहरी स्लम क्षेत्रों के गरीब परिवारों तक विस्तारित किया जाना चाहिये।
  • जिन घरों में एलपीजी नहीं है, उन्हें कनेक्शन प्रदान करके अधिक जनसंख्या तक उच्च एलपीजी कवरेज की आवश्यकता है।
  • अपात्र लाभार्थियों को कनेक्शन देने से प्रतिबंधित करने के लिये वितरकों के सॉफ्टवेयर में डिडुप्लीकेशन (Deduplication) के प्रभावी और उचित उपाय करने हेतु मौजूदा एवं नए लाभार्थियों के परिवार के सभी वयस्क सदस्यों के आधार नंबर दर्ज करना।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

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