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डेली न्यूज़


अंतर्राष्ट्रीय संबंध

FATF की ग्रे लिस्ट

  • 18 Jun 2022
  • 9 min read

प्रिलिम्स के लिये:

FATF, G7, OECD, यूरोपीय आयोग, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल। 

मेन्स के लिये:

मनी लॉन्ड्रिंग, भारत और उसके पड़ोस, महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान। 

चर्चा में क्यों? 

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने जर्मनी के बर्लिन में तीन दिन चले अधिवेशन में पाकिस्तान को बड़ी राहत दी है. उसने पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' से हटाने का फैसला किया। FATF अक्तूबर में पूर्ण सत्र के दौरान इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकता है 

  • पाकिस्तान जून 2018 से लगातार FATF की ग्रे लिस्ट में है। 

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF): 

  • परिचय: 
    • यह एक अंतर-सरकारी निकाय है जिसे 1989 में पेरिस में 1989 में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान स्थापित किया गया था।  
  • अधिदेश: 
    • 9/11 के हमलों के बाद अक्तूबर 2001 में FATF ने आतंकवादी वित्तपोषण से निपटने के प्रयासों को शामिल करने के लिये अपने जनादेश का विस्तार किया। 
    • अप्रैल 2012 में, इसने सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार के वित्तपोषण का मुकाबला करने के प्रयासों को जोड़ा। 
    • FATF ने FATF अनुशंसाएँ या मानक विकसित किये हैं, जो संगठित अपराध, भ्रष्टाचार और आतंकवाद को रोकने के लिये एक समन्वित वैश्विक प्रतिक्रिया सुनिश्चित करते हैं। 
      • दुनिया भर के 200 से अधिक न्यायालय नौ क्षेत्रीय निकायों और FATF सदस्यता के वैश्विक नेटवर्क के माध्यम से FATF सिफारिशों के लिये प्रतिबद्ध हैं। 
  • FATF का गठन: 
    • FATF में वर्तमान में 37 सदस्य क्षेत्राधिकार और दो क्षेत्रीय संगठन (यूरोपीय आयोग व खाड़ी सहयोग परिषद) शामिल हैं, जो दुनिया के सभी हिस्सों में सबसे प्रमुख वित्तीय केंद्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। 
      • भारत 2010 से FATF का सदस्य है। 
      • भारत इसके क्षेत्रीय साझेदारों, एशिया पैसिफिक ग्रुप (APG) और यूरेशियन ग्रुप (EAG) का भी सदस्य है। 
  • मुख्यालय: 
  • FATF की सूचियाँ: 
    • ग्रे लिस्ट:  
      • जिन देशों को टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग का समर्थन करने के लिये सुरक्षित स्थल माना जाता है, उन्हें FATF की ग्रे लिस्ट में डाल दिया गया है। 
      • इस सूची में शामिल किया जाना संबंधित देश के लिये एक चेतावनी के रूप में कार्य करता है कि उसे ब्लैक लिस्ट में शामिल किया सकता है। 
    • ब्लैक लिस्ट:  
      • असहयोगी देशों या क्षेत्रों (Non-Cooperative Countries or Territories- NCCTs) के रूप में पहचाने जाने वाले देशों को ब्लैक लिस्ट में शामिल किया जाता है। ये देश आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों का समर्थन करते हैं। 
      • इस सूची में देशों को शामिल करने अथवा हटाने के लिये FATF इसे नियमित रूप से संशोधित करता है। 
      • वर्तमान में ईरान और डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (DPRK) उच्च जोखिम वाले क्षेत्राधिकार या ब्लैक लिस्ट में हैं। 
  • सत्र/अधिवेशन: 
    • एफएटीएफ प्लेनरी (FATF Plenary) FATF की निर्णय लेने वाली संस्था है।  
      • प्रतिवर्ष तीन बार इसके सत्र का आयोजन होता है। 

ग्रे लिस्ट क्या है तथा  पाकिस्तान के इसमें शामिल होने के कारण? 

  • ग्रे लिस्ट के बारे में: 
    • ग्रे लिस्टिंग का मतलब है कि FATF ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ उपायों पर अपनी प्रगति की जाँच करने के लिये एक देश को निगरानी में रखा है। 
      • "ग्रे सूची" को "बढ़ी हुई निगरानी सूची" के रूप में भी जाना जाता है। 
  • ग्रे लिस्ट में शामिल देश: 
    • मार्च 2022 तक FATF की बढ़ी हुई निगरानी सूची/लिस्ट में 23 देश हैं, जिन्हें आधिकारिक तौर पर "रणनीतिक कमियों वाले क्षेत्राधिकार" के रूप में जाना जाता है, जिसमें पाकिस्तान, सीरिया, तुर्की, म्याँमार, फिलीपींस, दक्षिण सूडान, युगांडा और यमन शामिल हैं। 
  • लिस्ट से हटाना: 
    • ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने के लिये किसी देश को FATF द्वारा अनुशंसित कार्यों को पूरा करना होता है, उदाहरण के लिये आतंकवादी समूहों से जुड़े व्यक्तियों की संपत्तियों को जब्त करना। 
    • अगर FATF प्रगति से संतुष्ट है, तो वह देश को लिस्ट से हटा देता है। 
    • FATF ने हाल ही में जिम्बाब्वे और उससे पहले बोत्सवाना तथा मॉरीशस को ग्रे लिस्ट से हटा दिया था 
      • जिम्बाब्वे ने अपने AML/CFT शासन की प्रभावशीलता को मज़बूत किया है और अक्तूबर 2019 में FATF द्वारा पहचानी गई रणनीतिक कमियों के संबंध में अपनी कार्ययोजना में प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिये संबंधित तकनीकी कमियों को दूर किया है। 
      • AML/CFT का अर्थ है "धन शोधन रोधी/आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करना"। 
      • पाकिस्तान के मामले में पहले वर्ष 2008 में इसे लिस्ट में शामिल किया गया तथा फिर बाहर कर दिया गया, उसके बाद पुनः वर्ष 2012 से 2015 तक वह सूची में शामिल रहा तथा वर्ष 2018 से लिस्ट में निरंतर बना हुआ है। 
      • FATF ने जून 2018 में पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' में रखने के बाद 27-सूत्रीय कार्ययोजना जारी की थी। यह कार्ययोजना मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्तपोषण पर अंकुश लगाने से संबंधित है। वर्ष 2019 में FATF के क्षेत्रीय साझेदार- एशिया पैसिफिक ग्रुप (APG) द्वारा एक समानांतर कार्ययोजना सौंपी गई थी। 

ग्रे-लिस्टिंग का किसी देश पर प्रभाव:  

  • यदि कोई देश ग्रे सूची में है, तो यह वैश्विक वित्तीय और बैंकिंग प्रणाली को उस देश के साथ लेन-देन में बढ़ते जोखिम का संकेत देता है। 
  • इसके अलावा यह देखते हुए कि IMF और WB जैसे प्रमुख वित्तीय संस्थान FATF से पर्यवेक्षकों के रूप में संबद्ध हैं, एक ग्रे-सूचीबद्ध देश अंतर्राष्ट्रीय ऋण साधनों तक पहुंँचने में जटिलताओं का सामना करता है। 
    • एक उदाहरण जुलाई 2019 का है, 6 बिलियन अमेरिकी डाॅलर के IMF ऋण अनुबंध का है जिसने पाकिस्तान को FATF की कार्रवाई का पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया। 
    • पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था खराब स्थिति में है और वह सऊदी अरब तथा चीन से ऋण सहायता के बावजूद गंभीर रूप से कम विदेशी मुद्रा भंडार से जूझ रहा है। 

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस 




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