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भारतीय अर्थव्यवस्था

चालू खाता घाटा

  • 11 Mar 2022
  • 8 min read

प्रिलिम्स के लिये:

चालू खाता घाटा, भुगतान संतुलन, विदेशी मुद्रा भंडार।

मेन्स के लिये:

वे कारक जिन पर चालू खाता घाटा निर्भर करता है और इससे निपटने के उपाय।

चर्चा में क्यों?

हाल ही में एक अमेरिकी वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने भविष्यवाणी की है कि चालू खाता घाटा वित्त वर्ष 2023 में पिछले 10 वर्ष में सबसे ज़्यादा सकल घरेलू उत्पाद के 3% के उच्च स्तर तक बढ़ जाएगा।

प्रमुख बिंदु

  • निरंतर भू-राजनीतिक तनावों के मद्देनज़र, तेल की कीमतों में वृद्धि जारी रहने की संभावना है, जिससे उच्च तेल आयात बिल से चालू खाता घाटे में गिरावट आएगी।
  • भुगतान संतुलन (BoP) सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 0.5-1% की सीमामें होना चाहिये क्योंकि पूंजी प्रवाह के चालू खाता घाटे से कम होने की संभावना है।
  • फंडिंग जोखिमों की भेद्यता की सीमा को बड़े विदेशी मुद्रा भंडार द्वारा संतुलित किया जाएगा, जो कि 681 बिलियन अमेरिकी डॉलर है।
  • कंपनी को उम्मीद है कि अप्रैल 2022 की नीति रिवर्स रेपो दर वृद्धि के साथ सामान्यीकरण की प्रक्रिया को चिह्नित करेगी। हालाँकि अगर आरबीआई अपनी सामान्यीकरण प्रक्रिया में देरी करता है, तो विघटनकारी नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का जोखिम बढ़ जाएगा।
  • उच्च घाटे एवं ऋण स्तरों को देखते हुए विकास को प्रोत्साहित करने के लिये राजकोषीय नीति कम प्रबल है तथा यह देखा जाता है कि एक मामूली ईंधन कर कटौती और राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार कार्यक्रम पर स्वचालित स्थिरता के रूप में निर्भरता की संभावना है।

विगत वर्षों के प्रश्न

प्र. निम्नलिखित कार्यवाहियों पर विचार करें जो सरकार द्वारा की जा सकती हैं: (2011)

1- घरेलू मुद्रा का अवमूल्यन
2- निर्यातों को मिलने वाली आर्थिक सहायता में कटौती
3- उन उपर्युक्त नीतियों को लागू करना जिससे देश में अधिक FII तथा FDI से अधिक निधि आए

उपर्युक्त में से कौन-सी क्रिया/क्रियाएँ चालू खाते के घाटे को कम करने में सहायक साबित हो सकती है/हैं?

(a) 1 और 2
(b) 2 और 3
(c) केवल 3
(d) 1 और 3

उत्तर: (d)

चालू खाता घाटा:

  • चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) तब होता है जब किसी देश द्वारा आयात की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य उसके द्वारा निर्यात की जाने वाली वस्तुओं एवं सेवाओं के कुल मूल्य से अधिक हो जाता है।
    • वस्तुओं के निर्यात तथा आयात के संतुलन को व्यापार संतुलन कहा जाता है। व्यापार संतुलन 'चालू खाता संतुलन' का एक हिस्सा है।
  • वर्ष 2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार, उच्च तेल आयात, उच्च स्वर्ण आयात CAD को बढ़ाने वाले प्रमुख कारक हैं।

विगत वर्षों के प्रश्न

भुगतान संतुलन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन चालू खाता प्रदर्शित करता है/गठन करता है? (2014)

1.व्यापार संतुलन
2. विदेशी संपत्ति
3. अदृश्य का संतुलन
4. विशेष आहरण अधिकार

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) केवल 1 
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) केवल 1, 2 और 4

उत्तर: (c)

भुगतान संतुलन:

  • परिचय:
    • भुगतान संतुलन (Balance Of Payment-BoP) का अभिप्राय ऐसे सांख्यिकी विवरण से होता है, जो एक निश्चित अवधि के दौरान किसी देश के निवासियों तथा विश्व के अन्य देशों के साथ हुए मौद्रिक लेन-देनों के लेखांकन को रिकॉर्ड करता है।
  • BoP की गणना का उद्देश्य:
    • किसी देश की वित्तीय और आर्थिक स्थिति का पता चलता है।
    • यह निर्धारित करने के लिये इसे एक संकेतक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है कि देश में मुद्रा के मूल्य में बढ़ोतरी हो रही है या मूल्यह्रास हो रहा है।
    • यह राजकोषीय और व्यापार नीतियों पर निर्णय लेने में सरकार की मदद करता है।
    • किसी देश के अन्य देशों के साथ आर्थिक व्यवहार का विश्लेषण और उसे समझने के लिये महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।
  • BoP के घटक:
    • एक देश का BoP खाता तैयार करने के लिये विश्व के अन्य हिस्सों के बीच इसके आर्थिक लेन-देन को चालू खाते, पूंजी खाते, वित्तीय खाते और त्रुटियों तथा चूक के तहत वर्गीकृत किया जाता है। यह विदेशी मुद्रा भंडार  (Foreign Exchange Reserve) में परिवर्तन को भी दर्शाता है।
    • चालू खाता: यह दृश्यमान (जिसे व्यापारिक माल भी कहा जाता है - व्यापार संतुलन का प्रतिनिधित्व करता है) और अदृश्यमान वस्तुओं (गैर-व्यापारिक माल भी कहा जाता है) के निर्यात तथा आयात को दर्शाता है।
      • अदृश्यमान में सेवाएँ, विप्रेषण और आय शामिल हैं।
    • पूंजी खाता: यह किसी देश के पूंजीगत व्यय और आय को दर्शाता है।
    • त्रुटियाँ और चूक: कभी-कभी भुगतान संतुलन की स्थिति न होने के कारण इस असंतुलन को BoP में त्रुटियों और चूक (Errors and Omissions) के रूप में दिखाया जाता है। यह सभी अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन को सही ढंग से रिकॉर्ड करने में देश की अक्षमता को दर्शाता है।
    • विदेशी मुद्रा भंडार में बदलाव: रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के पास उपलब्ध विदेशी मुद्रा आस्तियों में बदलाव और विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights- SDR) बैलेंस में बदलाव के कारण भी होते हैं। 

कुल मिलाकर BoP खाते में अधिशेष या घाटा हो सकता है। यदि कोई कमी है तो विदेशी मुद्रा भंडार से पैसा निकालकर इसे पूरा किया जा सकता है।

यदि विदेशी मुद्रा भंडार कम हो रहा है तो इस घटना को BoP संकट के रूप में जाना जाता है।

विगत वर्षों के प्रश्न 

निम्नलिखित में से कौन पूंजी खाता में शामिल हैं? (2013)

  1. विदेशी ऋण
  2. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश
  3. निजी प्रेषण
  4. पोर्टफोलियो निवेश

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

(a) 1, 2 और 3 
(b) 1, 2 और  4
(c) 2, 3 और 4 
(d) 1, 3 और 4

उत्तर: (b)

स्रोत: द हिंदू 

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