Study Material | Prelims Test Series
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प्रीलिम्स फैक्ट्स

  • 07 Oct, 2019
  • 7 min read
प्रारंभिक परीक्षा

प्रीलिम्स फैक्ट्स: 07 अक्तूबर, 2019

डोनिमलाई खान

(Donimalai Mine)

राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (National Mineral Development Corporation- NMDC) ने कर्नाटक के बेल्लारी ज़िले में स्थित डोनिमलाई खान में खनन कार्य शुरू किया है।

  • डोनिमलाई में खनन प्रारंभ करने का उद्देश्य लौह अयस्क की आपूर्ति में वृद्धि करना और इसकी कीमतों में कमी लाना है।
  • वर्तमान में राज्य में लौह अयस्क खनन कर्त्ताओं ने लागत में वृद्धि तथा कमज़ोर मांग के कारण इसका परिचालन बंद कर दिया गया है।
  • राष्ट्रीय खनिज विकास निगम के पास वर्ष 1968 से ही डोनिमलाई खदान है, इसने नवंबर में इस खान को निलंबित कर दिया था, क्योंकि कर्नाटक सरकार ने लौह अयस्क पर 80% प्रीमियम की मांग की थी जिससे अगले 20 वर्षों के लिये उसका पट्टा नवीनीकृत किया जा सके।

राष्ट्रीय खनिज विकास निगम

(National Mineral Development Corporation- NMDC)

  • NMDC को वर्ष 1958 में भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाले सार्वजनिक उपक्रम के रूप में स्थापित किया गया था, यह इस्पात मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में है।
  • NMDC भारत का सबसे बड़ा लौह अयस्क उत्पादक है, जो वर्तमान में लगभग 35 मिलियन टन लौह अयस्क का उत्पादन कर रहा है।

NDMC Locations

  • NMDC लौह अयस्क, ताँबा, रॉक फॉस्फेट, चूना पत्थर, डोलोमाइट, जिप्सम, बेंटोनाइट, मैग्नेसाइट, हीरा, टिन, टंगस्टन और ग्रेफाइट जैसे खनिजों का भी खनन करता है।
  • NMDC को लोक उद्यम विभाग द्वारा वर्ष 2008 में "नवरत्न" का दर्जा दिया गया था।
  • इसका कॉर्पोरेट कार्यालय हैदराबाद में स्थित है।

नोमाडिक एलीफैंट

Nomadic Elephant

भारत-मंगोलिया के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास नोमाडिक एलीफैंट के 14वें संस्करण का आयोजन 05 से 18 अक्तूबर के मध्य बकलोह (हिमाचल प्रदेश) में किया जा रहा है।

Mongolia

  • इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में मंगोलियाई सेना का प्रतिनिधित्व एलीट 084 एयर बोर्न स्पेशल टास्क बटालियन (Elite 084 Air Borne Special Task Battalion) के सैनिकों द्वारा किया जा रहा है और भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व राजपूताना रायफल्स (RAJPUTANA RIFLES) की एक बटालियन टुकड़ी द्वारा किया जा रहा है।
  • इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद विरोधी और काउंटर टेररिज़्म ऑपरेशन में सैनिकों को प्रशिक्षित करना है, साथ ही इससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग तथा सैन्य संबंधों में भी प्रगाढ़ता आएगी।

बियर मार्केट

Bear Market

भारतीय शेयर मार्केट लगभग 20 महीने से बियर मार्केट (Bear Market) की तरह कार्य कर रहा है। इस समयावधि में भारतीय शेयर मार्केट में बियर (Bear) अर्थात् मंदी की स्थिति बनी हुई है।

Bear market

  • बियर मार्केट के दौरान शेयर की कीमतें लगातार गिरती हैं, जिसके परिणामस्वरूप निवेशकों का शेयर मार्केट में निवेश कम कर दिया जाता है।
  • बियर मार्केट के दौरान अर्थव्यवस्था में विकास दर धीमी हो जाती है और बेरोज़गारी बढ़ जाती है क्योंकि कंपनियाँ श्रमिकों को काम देना बंद कर देती हैं।
  • इस समय लोग खरीदने की तुलना में बेचना पसंद करते हैं इसलिये आपूर्ति की तुलना में मांग काफी कम होती है और परिणामस्वरूप कीमतों में गिरावट आ जाती है।
  • इस समय शेयर मार्केट नकारात्मकता की स्थिति में रहता है क्योंकि निवेशक अपने पैसे को इक्विटी से निकालकर निश्चित-आय प्रतिभूतियों (Fixed-income Securities) में स्थानांतरित कर देते हैं।
  • बियर मार्केट के दौरान अधिकांश व्यवसाय भारी मुनाफे को दर्ज करने में असमर्थ होते हैं क्योंकि उपभोक्ता पर्याप्त खर्च नहीं कर रहे होते हैं।

MOSAiC

जर्मनी में अल्फ्रेड वेगेनर इंस्टीट्यूट (Alfred Wegener Institute) द्वारा प्रायोजित इतिहास के सबसे बड़े आर्कटिक अभियान MOSAiC (Multidisciplinary Drifting Observatory For the Study of Arctic Climate) के लिये एकमात्र भारतीय वैज्ञानिक, विष्णु नंदन को चुना गया है।

MOSAiC

  • MOSAiC आर्कटिक अभियान में जर्मन आइसब्रेकर पोत पोलरस्टर्न का प्रयोग किया जाएगा, यह पोत मध्य आर्कटिक में समुद्री बर्फ की एक बड़ी चादर पर अवस्थित है।
  • इस अभियान का उद्देश्य आर्कटिक में वायुमंडलीय, भू-भौतिकीय, महासागरीय और अन्य सभी संभावित प्रभावों का अध्ययन करना है जिससे मौसम प्रणालियों में हो रहे बदलावों का अधिक सटीक पूर्वानुमान लगाया जा सके।
  • मानवजनित गतिविधियों के परिणामस्वरुप इस वर्ष, पिछले 50 वर्षों में दूसरी बार सबसे कम समुद्री बर्फ आवरण है।
  • बर्फ का आवरण कम होने के कारण आर्कटिक महासागर पर सूर्य के प्रकाश का ज़्यादा प्रभाव देखा जाता है जिससे यहाँ की समुद्री सतह के तापमान में वृद्धि होती है।
  • आर्कटिक महासागर के तापमान में वृद्धि होने के कारण हिंद, प्रशांत और अटलांटिक महासागरों के तापमान तापमान में वृद्धि होती है जिसके परिणामस्वरूप वैश्विक जलवायु पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

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