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दर्शन और सभ्यताएँ

खुशियों और सौगातों का त्योहार है दीपावली

03 Nov, 2021 | शंभूनाथ शुक्ल

भारत में गर्मी एक परेशान कर देने वाला मौसम है इसीलिए भारत में वर्षा की धूमधाम से अगवानी की जाती है। भारत की समस्त ऋतुओं में वर्षा को रानी माना गया है। वर्षा के समाप्त होते...

इतिहास, विचार और दुनिया

विजयादशमी विशेष: शरण में आए व्यक्ति की रक्षा

14 Oct, 2021 | शंभूनाथ शुक्ल

कोरोना काल के पहले 2019 की विजयदशमी पर मैं रामेश्वरम गया था। धनुषकोडि से लौटते हुए मैं एक ऊँचे स्थल पर बने विभीषण मंदिर में भी गया। देश का शायद यह अकेला विभीषण मंदिर होगा।...

इतिहास, विचार और दुनिया

सरकारी हिंदी : ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या!

11 Sep, 2021 | शंभूनाथ शुक्ल

सुप्रसिद्घ कवि रघुवीर सहाय ने लिखा था कि “हिंदी जैसे कि दुजाहू की बीवी”। यानी हिंदी की सराहना तो सब कर लेंगे पर जब उसको उसका सम्मान देने की बात आएगी तो उसके साथ किसी...

इतिहास, विचार और दुनिया

बस्तियाँ बसती हैं उजड़ती हैं!

02 Sep, 2021 | शंभूनाथ शुक्ल

धौलावीरा के खंडहरों और इनकी बनावट को देख कर लगता है कि संभवतः यह बस्ती कई बार बनी बिगड़ी। कमसे कम तीन बार। इसीलिये ज़मीन पर जिस तरह की सभ्यता के अवशेष मिलते हैं, वे अलग हैं और...

इतिहास, विचार और दुनिया

बीहड़ के बीच धरोहर : धौलावीरा का यात्रा वृत्तांत

12 Aug, 2021 | शंभूनाथ शुक्ल

क्या है धौलावीरा का अर्थ ? दिल्ली का धौलाकुआँ और कच्छ का धौलावीरा के नाम में समानता है। अर्थ में भी है। कच्छी भाषा में वीरा का अर्थ कुआँ होता है और धोला का अर्थ सफ़ेद अर्थात्...

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