बिहार Switch to English
पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति
चर्चा में क्यों?
न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने पटना उच्च न्यायालय के 47वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की।
मुख्य बिंदु:
- पद की शपथ: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 219 के तहत बिहार के राज्यपाल (आरिफ मोहम्मद खान) द्वारा शपथ दिलाई गई।
- संवैधानिक प्रावधान: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217 के तहत भारत के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति की गई।
- कॉलेजियम प्रणाली: यह नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम की अनुशंसा पर आधारित है।
- उत्तराधिकारी: उन्होंने पटना उच्च न्यायालय के 46वें मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति पवनकुमार भीमप्पा बजंथरी (अक्तूबर 2025 तक) का स्थान लिया।
- कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (ACJ): न्यायमूर्ति सुधीर सिंह (6 जनवरी, 2026 तक)।
- पूर्व पदस्थापन: न्यायमूर्ति साहू ओडिशा उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे।
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उपराष्ट्रपति ने किया ‘सिंग, डांस एंड लीड’ पुस्तक का विमोचन
चर्चा में क्यों?
भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘सिंग, डांस एंड लीड: लीडरशिप लेसन्स फ्रॉम द लाइफ ऑफ श्रील प्रभुपाद’ पुस्तक का विमोचन किया।
मुख्य बिंदु:
- लेखक: यह पुस्तक हिंदोल सेनगुप्ता द्वारा लिखी गई है।
- केंद्रबिंदु: इसका केंद्रबिंदु मूल्य-आधारित नेतृत्व पर आधारित है।
- दर्शन: यह नैतिक नेतृत्व, नैतिक स्पष्टता, सेवा भाव और आंतरिक अनुशासन पर बल देती है।
- प्रेरणास्रोत: इसमें इस्कॉन के संस्थापक ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के जीवन से नेतृत्व के सूत्र प्रस्तुत किये गए हैं।
- मुख्य संदेश: नेतृत्व अधिकार पर आधारित होने के बजाय समावेशी, आनंदपूर्ण और विनम्रता में निहित होना चाहिये।
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दिल्ली सरकार ने RBI के साथ MoU पर हस्ताक्षर किये
चर्चा में क्यों?
दिल्ली सरकार ने वित्तीय शासन और राजकोषीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिये भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये।
मुख्य बिंदु:
- RBI की भूमिका: यह समझौता दिल्ली सरकार के लिये RBI को आधिकारिक बैंकर, ऋण प्रबंधक और वित्तीय एजेंट के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाता है।
- MoU के अंतर्गत कार्य: RBI राज्य विकास ऋणों (SDLs) के माध्यम से बाज़ार उधारी का प्रबंधन करेगा, अधिशेष नकदी का स्वतः निवेश करेगा, पेशेवर नकदी प्रबंधन सुनिश्चित करेगा और कम लागत वाली तरलता सुविधाओं तक पहुँच उपलब्ध कराएगा।
- पूंजीगत व्यय: बाज़ार उधारी से जुटाए गए धन का उपयोग केवल पूंजीगत व्यय के लिये किया जाएगा। प्रमुख प्राथमिकता क्षेत्रों में यमुना पुनर्जीवन, जल आपूर्ति, परिवहन और स्वास्थ्य अवसंरचना शामिल हैं।
- ऐतिहासिक सुधार: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस MoU को दिल्ली की वित्तीय शासन प्रणाली में एक ऐतिहासिक सुधार बताया, जो वर्षों से चली आ रही तदर्थ और महँगी वित्तीय प्रथाओं को समाप्त करेगा।
- लाभ: RBI की प्रणालियों से एकीकृत होने पर दिल्ली सरकार अब प्रतिस्पर्द्धी बाज़ार दरों पर धन जुटा सकेगी और अधिशेष धन का कुशल प्रबंधन कर सकेगी।
- राजकोषीय अनुशासन: इस कदम से दिल्ली सरकार की वित्तीय स्थिति में राजकोषीय अनुशासन, पारदर्शिता और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता मज़बूत होने की उम्मीद है।
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